Margashirsha Amavasya 2025: 19 या 20 नवंबर? एक दिन की गलती से बिगड़ सकता है पूरा फल, जानिए असली मार्गशीर्ष अमावस्या की तारीख!

वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष (अगहन) मास की अमावस्या को "महा अमावस्या" और "पितृ मोक्ष अमावस्या" भी कहा जाता है। इस दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष प्राप्ति होती है और वे परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं। लेकिन 19 यां 20 नवंबर, कब हैं मार्गशीर्ष अमावस्या? आईये जानते हैं..

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  • Publish Date - November 12, 2025 / 06:33 PM IST,
    Updated On - November 12, 2025 / 07:18 PM IST

Margashirsha Amavasya 2025

HIGHLIGHTS
  • 20 नवंबर 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या पर ब्रह्म मुहूर्त स्नान, पितृ तर्पण एवं श्री विष्णु पूजन से पाएं 1000 यज्ञों का फल!

Margashirsha Amavasya 2025 Date: हिंदू धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व है, जो प्रत्येक मास में आती है। अमावस्या वह दिन होता है जब चंद्रमा पूरी तरह से अदृश्य रहता है। इस दिन रात के समय पूर्ण अंधकार रहता है। लेकिन मार्गशीर्ष (अगहन) मास की अमावस्या को सभी 12 अमावस्या में से सर्वश्रेष्ठ माना जाता है। मान्यता है कि मार्गशीर्ष अमावस्या पर स्नान, दान, तर्पण और पूजा से पितृ दोष नष्ट होता है, जीवन में सुख-शांति आती है और सभी कष्ट दूर होते हैं। परन्तु लोगों के बीच ये दुविधा का विषय ये है कि 19 यां 20 नवंबर, कब है मार्गशीर्ष अमावस्या ?

Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या कब है?

वैदिक पंचांग के अनुसार, मार्गशीर्ष अमावस्या तिथि 19 नवंबर 2025 को सुबह 9:43 बजे प्रारंभ होकर 20 नवंबर 2025 को दोपहर 12:16 बजे समाप्त होगी। उदयातिथि (सूर्योदय) के कारण मार्गशीर्ष अमावस्या गुरुवार, 20 नवंबर को मनाई जायेगी। इस दिन सूर्योदय लगभग सुबह 6:48 बजे होगा। राहुकाल (अशुभ) का समय दोपहर 1:26 से 2:46 बजे तक रहेगा।

Margashirsha Amavasya 2025: मार्गशीर्ष अमावस्या का महत्व

मार्गशीर्ष (अगहन) मास की अमावस्या को “मासों का राजा” कहा जाता है, क्योंकि भगवान श्रीकृष्ण ने भगवद्गीता में स्वयं घोषित किया है “मासानां मार्गशीर्षोऽहम्”। इसे “महा अमावस्या”, “अगहन अमावस्या” या “पितृ मोक्ष अमावस्या” भी कहा जाता है। यह तिथि भगवान विष्णु, श्रीकृष्ण और पितरों को समर्पित है। भागवत पुराण में श्रीकृष्ण कहते हैं कि, इस मास में मेरी पूजा से भक्त को मुक्ति और भक्ति दोनों प्राप्त होते हैं।पौराणिक कथाओं के अनुसार, इस दिन पितरों का तर्पण करने से उन्हें मोक्ष प्राप्ति होती है और वे परिवार को सुख-समृद्धि का आशीर्वाद देते हैं।

Margashirsha Amavasya 2025: स्नान, दान और पूजा का शुभ मुहूर्त

मार्गशीर्ष (अगहन) मास की अमावस्या पर स्नान-दान का विशेष महत्व है। ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने से पापों का नाश होता है।

  • अमावस्या तिथि आरम्भ: 19 नवंबर 2025 को सुबह 09:43 बजे।
  • अमावस्या तिथि का समापन: 20 नवंबर 2025 को दोपहर 12:16 बजे।
  • स्नान का शुभ समय: इस दिन पवित्र नदी में स्नान करना बहुत शुभ माना जाता है। स्नान का सबसे उत्तम समय ब्रह्म मुहूर्त होता है।
  • अभिजीत मुहूर्त (पूजा के लिए): 20 नवंबर को सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक।
  • सर्वार्थ सिद्धि योग (पूजा के लिए): 20 नवंबर को सुबह 10:58 बजे से शुरू होकर अगले दिन 21 नवंबर को सुबह 06:49 बजे तक रहेगा।
  • पितृ तर्पण मुहूर्त: सुबह 11:30 से दोपहर 12:30 बजे तक रहेगा।

Disclaimer:- उपरोक्त लेख में उल्लेखित सभी जानकारियाँ प्रचलित मान्यताओं और धर्म ग्रंथों पर आधारित है। IBC24.in लेख में उल्लेखित किसी भी जानकारी की प्रामाणिकता का दावा नहीं करता है। हमारा उद्देश्य केवल सूचना पँहुचाना है।

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मार्गशीर्ष अमावस्या 2025 में कब है?

20 नवंबर 2025 (गुरुवार)। तिथि 19 नवंबर सुबह 9:43 बजे शुरू होकर 20 नवंबर दोपहर 12:16 बजे समाप्त होगी। उदय तिथि के अनुसार 20 नवंबर को ही व्रत-पूजन करें।

गंगा स्नान असंभव हो तो क्या करें?

घर पर गंगाजल, दूध, काले तिल मिलाकर स्नान करें। मंत्र बोलें: "गंगे च यमुने चैव..." – यह गंगा स्नान के बराबर फल देता है।

पितृ दोष है, तो सबसे सरल उपाय क्या है?

काले तिल + उड़द की दाल बहते जल में विसर्जित करें, कौओं को खीर खिलाएं और "ॐ पितृभ्यो नमः" 108 बार जपें। यह त्रिपिंडी श्राद्ध जितना प्रभावी है।