ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की तैयारी कर रहे कुर्द असंतुष्ट समूह

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ईरान के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने की तैयारी कर रहे कुर्द असंतुष्ट समूह

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  • Publish Date - March 5, 2026 / 12:58 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 12:58 PM IST

इरबिल (इराक), पांच मार्च (एपी) उत्तरी इराक में स्थित ईरानी कुर्द असंतुष्ट समूह ईरान के खिलाफ संभावित सीमा-पार सैन्य अभियान की तैयारी कर रहे हैं और अमेरिकी अधिकारियों ने इराकी कुर्दों से उनका समर्थन करने का अनुरोध किया है।

कुर्द अधिकारियों ने यह जानकारी एसोसिएटेड प्रेस को दी।

इन कुर्द समूहों को बिखरे हुए ईरानी विपक्ष का सबसे संगठित हिस्सा माना जाता है। अनुमान है कि उनके पास हजारों प्रशिक्षित लड़ाके हैं। युद्ध में उनके शामिल होने से तेहरान के पहले से दबाव में कार्यरत प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।

इराकी कुर्द क्षेत्र के तीन अधिकारियों ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि रविवार रात अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और मसूद बरजानी तथा बाफेल तालाबानी के बीच फोन पर बातचीत हुई थी। बरजानी और तालाबानी क्रमशः कुर्दिस्तान डेमोक्रेटिक पार्टी (केडीपी) और पैट्रियोटिक यूनियन ऑफ कुर्दिस्तान (पीयूके) के प्रमुख हैं, जो इराक की दो मुख्य कुर्द राजनीतिक पार्टियां हैं।

इन अधिकारियों ने नाम उजागर न करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

एक अधिकारी के अनुसार, ट्रंप ने इराकी कुर्दों से ईरान में संभावित अभियानों के दौरान ईरानी कुर्द समूहों को सैन्य समर्थन देने और सीमा खोलने का अनुरोध किया, ताकि ये समूह दोनों ओर स्वतंत्र रूप से आवाजाही कर सकें।

इस बारे में पूछे जाने पर व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने कहा कि ट्रंप ने “उत्तरी इराक में स्थित हमारे सैन्य अड्डे के संदर्भ में कुर्द नेताओं से बातचीत की थी,” लेकिन उन्होंने इस बात से इनकार किया कि ट्रंप ने किसी विशेष योजना पर सहमति दी है।

इराकी कुर्द अधिकारियों का कहना है कि वे इस संघर्ष में सीधे शामिल होने से इसलिए भी चिंतित हैं क्योंकि इससे ईरान की प्रतिक्रिया और कड़ी हो सकती है। हाल के दिनों में कुर्द क्षेत्र में ईरान और उससे जुड़े इराकी मिलिशिया द्वारा ड्रोन और मिसाइल हमले हुए हैं। इन हमलों का निशाना अमेरिकी सैन्य अड्डे, इरबिल स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास और कुर्द समूहों के ठिकाने रहे हैं।

अधिकांश हमलों को विफल कर दिया गया, लेकिन कई नागरिकों के घरों को नुकसान पहुंचा है और सुरक्षा चिंताओं के कारण एक प्रमुख गैस क्षेत्र में कामकाज रुकने से इलाके में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई है।

एक बयान में पीयूके ने पुष्टि की कि तालाबानी ने ट्रंप से फोन पर बातचीत की थी, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ने “युद्ध में अमेरिका के उद्देश्यों और दृष्टिकोण के बारे में स्पष्ट जानकारी दी।” बयान में कहा गया कि पीयूके का मानना है कि “सबसे अच्छा समाधान बातचीत की मेज पर लौटना है।”

इराक की कुर्द क्षेत्रीय सरकार और मसूद बरजानी के प्रवक्ताओं ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

उत्तरी इराक के अर्ध-स्वायत्त कुर्द क्षेत्र में स्थित कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी (पीएके) के अधिकारी खलील नादिरी ने बुधवार को बताया कि उनके कुछ लड़ाकों को सुलेमानिया प्रांत में ईरान सीमा के पास के इलाकों में भेजा गया है और वे वहां तैयार स्थिति में इंतजार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि संभावित अभियान के संबंध में कुर्द विपक्षी समूहों के नेताओं से अमेरिकी अधिकारियों ने संपर्क किया है, हालांकि उन्होंने इस बारे में अधिक जानकारी नहीं दी।

इस बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ से बुधवार को जब यह पूछा गया कि क्या ट्रंप प्रशासन ईरानी कुर्द समूहों को हथियार देने पर विचार कर रहा है, तो उन्होंने संवाददाताओं से कहा, “हमारे किसी भी उद्देश्य का आधार किसी विशेष बल को समर्थन देना या उसे हथियार देना नहीं है। अन्य इकाइयां क्या कर रही हैं, इसकी हमें जानकारी है, लेकिन हमारे लक्ष्य उस पर केंद्रित नहीं हैं।”

इससे पहले पीएके ने दावा किया था कि उसने तेहरान द्वारा प्रदर्शनों पर की गई हिंसक कार्रवाई के जवाब में अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड पर हमले किए थे। हालांकि समूह के एक अधिकारी ने कहा कि उसने इराक से ईरान में अपने लड़ाके नहीं भेजे हैं।

यदि ईरान और इराक के कुर्द समूह इस युद्ध में शामिल होते हैं, तो यह संघर्ष में किसी बड़े जमीनी बल की पहली सीधी भागीदारी होगी। इन कुर्द समूहों को इस्लामिक स्टेट के खिलाफ लड़ाई का युद्ध अनुभव भी है।

एक अन्य ईरानी कुर्द समूह कोमाला के एक अधिकारी ने बुधवार को कहा कि उनके लड़ाके एक सप्ताह से दस दिन के भीतर सीमा पार करने के लिए तैयार हैं और “स्थिति अनुकूल होने का इंतजार कर रहे हैं।” सुरक्षा कारणों से उन्होंने नाम उजागर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

ईरान में कुर्दों का वर्तमान इस्लामी गणराज्य और उससे पहले की राजशाही दोनों के खिलाफ असंतोष और विद्रोह का लंबा इतिहास रहा है।

मौजूदा ईरानी शासन को हटाने की इच्छा साझा करने के बावजूद कुर्द समूहों के अन्य विपक्षी गुटों से मतभेद भी सामने आए हैं। विशेष रूप से पूर्व शाह के बेटे रेजा पहलवी के नेतृत्व वाले गुट ने कुर्दों पर अलगाववाद का आरोप लगाया और कहा है कि वे ईरान को विभाजित करना चाहते हैं।

संभावित सैन्य अभियान को लेकर इराक के कुर्द क्षेत्र के नेता भी असहज स्थिति में हैं।

एपी

मनीषा वैभव

वैभव