US-Israel Iran War : ‘विनाशकारी युद्ध की ओर बढ़ रही दुनिया’.. इजरायल-ईरान युद्ध पर आया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड का बयान, UN से की ये बड़ी मांग

Ads

All India Muslim Personal Law Board ने मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को लेकर चिंता जताई है और Iran के खिलाफ United States और Israel की सैन्य कार्रवाई की निंदा की है। बोर्ड ने United Nations और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तुरंत हस्तक्षेप कर क्षेत्र में शांति बहाल करने की अपील की है।

  •  
  • Publish Date - March 5, 2026 / 01:02 PM IST,
    Updated On - March 5, 2026 / 01:07 PM IST

US-Israel Iran War

HIGHLIGHTS
  • All India Muslim Personal Law Board ने मिडिल ईस्ट तनाव पर गहरी चिंता जताई
  • बोर्ड ने United Nations और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
  • संगठन ने चेतावनी दी कि अगर समय रहते तनाव नहीं रोका गया तो यह बड़े युद्ध में बदल सकता है

नई दिल्ली : US-Israel Iran War ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने मिडिल ईस्ट के हालातों पर अपनी गहरी चिंता जाहिर की है। बोर्ड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म x पर एक पोस्ट साझा करते हुए ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा की है। बोर्ड का मानना है कि इस तरह की आक्रामकता क्षेत्र की शांति के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकती है।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से दखल की मांग

अपने बयान में बोर्ड ने संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय संगठन से इस मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है। middle east crisis बोर्ड ने मांग की है कि इस बढ़ते तनाव को रोकने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि क्षेत्र को एक विनाशकारी युद्ध की आग में झुलसने से बचाया जा सके। उन्होंने इस सैन्य हमले को एक खुली आक्रामकता करार देते हुए तुरंत युद्धविराम की जरूरत पर जोर दिया है।बोर्ड ने दुनिया भर के देशों से आग्रह किया है कि वह शांति बनाए रखने की दिशा में काम करें। उनका कहना है कि अगर समय रहते इसे नहीं रोका गया, तो इसके परिणाम पूरी दुनिया के लिए नुकसानदेह हो सकते हैं।

ईरान इजराइल के डिमोना परमाणु केंद्र को बना सकता है निशाना

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच चल रही जंग का आज छटवां दिन है। इसके बाद भी हमले कम होने के बजाय तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। इस बीच अब एक बड़ी खबर सामने आई है। एक ईरानी सैन्य अधिकारी ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजराइल, ईरान में सत्ता परिवर्तन की कोशिश करते हैं, तो ईरान इजराइल के डिमोना परमाणु केंद्र को निशाना बना सकता है। ईरानी न्यूज एजेंसी ISNA के मुताबिक, अधिकारी ने कहा कि ऐसी किसी भी कोशिश की स्थिति में दक्षिणी इजराइल में स्थित इस न्यूक्लियर फैसिलिटी पर हमला किया जा सकता है।

क्या है  All India Muslim Personal Law Board ?

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड (AIMPLB) भारत में मुस्लिम समुदाय का एक प्रमुख और प्रभावशाली गैर-सरकारी संगठन है, जिसकी स्थापना 1973 में की गई थी। इस बोर्ड का मुख्य उद्देश्य भारत में मुसलमानों के ‘पर्सनल लॉ’ यानी शरीयत आधारित कानूनों की सुरक्षा करना और उनमें किसी भी तरह के बाहरी हस्तक्षेप को रोकना है। यह संस्था मुख्य रूप से विवाह  तलाक, विरासत और वक्फ जैसे निजी और पारिवारिक मामलों में इस्लामी सिद्धांतों के अनुसार मार्गदर्शन प्रदान करती है। बोर्ड में मुस्लिम समाज के विभिन्न संप्रदायों के धार्मिक विद्वान, कानून विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी शामिल होते हैं, जो सामूहिक रूप से समुदाय के हितों की पैरवी करते हैं।

अयातुल्लाह अली खामेनेई के निधन पर डॉ. इलियास ने जताया गहरा दुख

डॉ. इलियास ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए इसे पूरी मुस्लिम दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति बताया है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि किसी भी स्वतंत्र राष्ट्र के सर्वोच्च नेतृत्व को युद्ध के दौरान निशाना बनाना और खुलेआम सत्ता परिवर्तन की बात करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का सीधा उल्लंघन है। डॉ. इलियास ने चेतावनी दी कि इस संघर्ष ने पूरे मिडिल ईस्ट को अस्थिर कर दिया है, जहाँ एक तरफ अमेरिका और कई यूरोपीय देश साथ हैं, वहीं दूसरी तरफ रूस और चीन ईरान के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं।

इन्हें भी पढ़ें

 

 

 

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने किस मुद्दे पर बयान दिया है?

All India Muslim Personal Law Board ने Iran के खिलाफ United States और Israel की सैन्य कार्रवाई पर चिंता जताते हुए उसकी निंदा की है।

बोर्ड ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से क्या अपील की है?

बोर्ड ने United Nations और अन्य देशों से तुरंत हस्तक्षेप कर क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने और शांति स्थापित करने की अपील की है।

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड क्या है?

All India Muslim Personal Law Board भारत का एक प्रमुख गैर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1973 में हुई थी और इसका उद्देश्य मुस्लिम समुदाय के पर्सनल लॉ (शरीयत आधारित कानून) की सुरक्षा करना है।