(Masik Shivratri 2026/ Image Credit: Pixabay)
Masik Shivratri 2026 Date: हिंदू धर्म में मासिक शिवरात्रि का विशेष महत्व होता है। यह हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को आती है और भगवान शिव की उपासना के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। खासकर चैत्र माह की मासिक शिवरात्रि भक्तों के लिए विशेष महत्व रखती है। इस दिन व्रत रखने और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती है।
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में चैत्र मासिक शिवरात्रि 17 मार्च को शुरू होगी। यह तिथि सुबह 09:23 बजे से शुरू होकर अगले दिन 18 मार्च सुबह 08:25 बजे तक रहेगी। भगवान शिव की पूजा रात्रि में करने को अधिक फलदायी माना जाता है, इसलिए इस दिन रात में विशेष आराधना का महत्व है।
मासिक शिवरात्रि में निशिता काल को पूजा के लिए सबसे श्रेष्ठ समय माना जाता है। इस बार निशिता काल का मुख्य मुहूर्त 17 मार्च की देर रात 12:07 AM से 12:55 AM तक रहेगा। कुल अवधि लगभग 48 मिनट की है, जिसे बेहद शुभ माना जा रहा है। इस समय भगवान शिव की पूजा करने से विशेष फल प्राप्त होते हैं।
मासिक शिवरात्रि पर भक्त व्रत रखते हैं और विधिपूर्वक भगवान शिव की पूजा करते हैं। पूजा में घर के मंदिर या शिवालय में शिवलिंग पर जल, दूध, दही, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल और सफेद चंदन अर्पित करें। भगवान शिव को भांग, फल और मिठाई का भोग लगाएं। अंत में ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें और शिव चालीसा का पाठ करें। रात के समय निशिता काल में फिर से अभिषेक और आरती करें।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मासिक शिवरात्रि पर पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि आती है और पापों का नाश होता है। यह व्रत भक्तों की मनोकामनाओं की पूर्ति में सहायक होता है। कुंवारे लोगों के लिए यह व्रत योग्य जीवनसाथी प्राप्त करने में भी मददगार माना जाता है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन जलाभिषेक करने से ग्रह दोष शांत होते हैं और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।