Ganga Mai ki Betiyan 17th June 2026/Image Credit: ScreenGrab / Youtube / @ZEE5
Ganga Mai ki Betiyan: ‘ZEE TV’ के सबसे पसंदीदा शो ‘गंगा माई की बेटियां’ की कहानी में, आपसी रिश्तों में दरारें अब गहरी खाई में बदल रही हैं। ससुराल में किसी समझौते के बिना, एक विशेष उद्देश्य के साथ ससुराल की देहलीज़ लांघने वाली स्नेहा, एक ऐसा हिम्मतभरा कदम उठाती है जिससे दुर्गावती गुस्से से तिलमिला उठती है।
स्नेहा अपना खाना अलग बनाने का फैसला करती है और अपनी नई रसोई अलग बसा लेती है। वह बहुत ही शांति से सबको समझाती है कि उसका मकसद किसी को परेशान करना नहीं है, बस वह अपना खाना अलग बनाना चाहती है, लेकिन दुर्गावती के लिए यह सिर्फ एक चूल्हा अलग होना नहीं है बल्कि यह उनके एकाधिकार और बरसों पुरानी पारिवारिक मर्यादा को दी गई एक खुली चुनौती है।
दुर्गावती साफ़ शब्दों कहती है कि ठाकुर परिवार में अगर चैन से रहना है, तो यहाँ के नियम-कानून मानने ही होंगे। वह खुली चेतावनी देते हुए कहती है कि यदि घर में दूसरी रसोई बनी तो परिवार के सदस्य खाना-पीना ही छोड़ सकते हैं। दुर्गावती का गुस्सा साफ़ बयां करता है कि वह स्नेहा के इस कदम को अपने खिलाफ खुली बगावत मान चुकी है।
जैसे की उम्मीद थी, तेज जलती हुई आग में घी डालने का काम करता है। वह स्नेहा पर जानबूझकर दुर्गावती को परेशान करने का आरोप लगाता है और खुद अपने हाथों से रसोई का सामान बाहर फेंकने की धमकी देता है। तेज का यह बढ़ता हुआ दखल साफ़ गवाही देता है कि वह स्नेहा और दुर्गावती के बीच की दूरियों को और ज़्यादा बढ़ाने का कोई मौका नहीं छोड़ेगा।
तभी कहानी में आता है एक नया मोड़! सिद्धू अपनी पत्नी का बचाव करने आगे आता है, और मज़बूती से उसका पक्ष लेकर सबको हैरान कर देता है। वह तेज को रोकता है और बेबाकी से कहता है कि इस घर पर स्नेहा का भी उतना ही हक़ है जितना की उसका। वह स्नेहा के फैसले का साथ देते हुए कहता है कि अगर स्नेहा अपनी पहली रसोई इसी तरह अलग बनाना चाहती है तो ऐसा ही होगा।
सिद्धू की भूमिका में यह एक अहम और चौंकाने वाला बदलाव नज़र आता है। पहले वह अपनी माँ और पत्नी के बीच पीस रहा था, दोनों के बीच तालमेल बैठने की नाकाम कोशिशों में जूझ रहा था, लेकिन अब वह परिवार के सामने खुलकर स्नेहा का साथ देता है।
अब आने वाले एपिसोड में ठाकुर हवेली एक अखाड़ा बन जाएगी, जहाँ हर कोई अपने हक़, मान-सम्मान और प्यार के लिए लड़ता दिखेगा। क्या दुर्गावती अपना गुस्सा भूलाकर स्नेहा को गले लगाएंगी, या फिर स्नेहा की अलग रसोई परिवार को दो हिस्सों में बाँट देगी?