Padma Shri Award 2026 /Image: IBC24 File
नई दिल्ली। Padma Shri Award 2026: तमिलनाडु के जाने-माने पशु चिकित्सा औषधि विज्ञानी डॉ. पुण्यमूर्ति नटेसन (Dr Punyamurthy Natesan) को पद्मश्री से सम्मानित किया गया है, उनके कार्यों से प्रमुख पशुधन की रोग अवस्थाओं के लिए स्वतंत्र वानस्पतिक उपचार के प्रोटोकॉल विकसित हुए, जिससे कृत्रिम रसायनों के बिना रोग प्रबंधन संभव हुआ। प्रतिजैविक-मुक्त दूध, मांस और अंडा उत्पादन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। बता दें कि पद्मश्री अवार्ड विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण और विशिष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को दिया जाने वाला चौथा सर्वोच्च नागरिक सम्मान है।
Padma Shri Award 2026 वो खिलाड़ी जिसने जानवरों की भलाई की राह चुनी। डॉ. पुण्यमूर्ति नटेशन (पद्मश्री 2026) तंजावर जिले के एक सुंदर गांव बल्लम में। 1960 के दशक में एक युवा लड़का किसान परिवार में पला बढ़ा। उसे खेल बहुत पसंद थे। उसका सपना एथलेटिक्स और हॉकी का स्टार खिलाड़ी बनना था। वो अपने परिवार में कॉलेज जाने वाले पहले व्यक्ति थे। वो अपने दादा के बहुत प्रिय थे। कॉलेज की पढ़ाई के लिए जब मैं अपने दादाजी के पास आशीर्वाद लेने गया तो उन्होंने कहा कुछ ऐसा सीखो जो किसानों के काम आए। वह मेरी जिंदगी का निर्णायक मोड़ था। तब मैं सिर्फ बीएससी एग्रीकल्चर के बारे में जानता था। मुझे वेटनरी साइंस की जानकारी नहीं थी। मेरे दोस्त और सहपाठी वीर पांडयन ने मुझे वेटनरी साइंस से परिचित कराया। युवा पुण्यमूर्ति 70 के दशक के मध्य में मद्रास वेटरनरी कॉलेज पहुंचे। वो ना केवल पढ़ाई में होशियार थे बल्कि वो लगातार 2 साल तक कॉलेज एथलेटिक्स चैंपियन भी रहे। कुछ वर्षों बाद वे इरोड के कृषि विज्ञान केंद्र में कार्यरत हुए।
Padma Shri Award 2026 वहीं एक घटना ने उनकी सोच को नई दिशा दी। मैं इरोड में एक युगल द्वारा चलाए जा रहे पोल्ट्री फार्म पर गया। मुर्गियां स्वस्थ दिख रही थी। अच्छा खा रही थी। फिर वे अंडे नहीं दे पा रही थी। रिकॉर्ड से पता चला कि उन्हें कॉक्सिडियोियोसिस यानी परजीवी रोग के लिए सल्फानामाइड दवा 10 हफ्ते तक दी गई थी। इसका दीर्घकालीन असर उनके प्रजनन पर पड़ा और वे अंडे नहीं दे पाई। अगर हमें भविष्य के लिए एंटीबायोटिक्स बचानी है तो उनका समझदारी से उपयोग करना चाहिए या फिर उनके विकल्प खोजने होंगे। मुझे यह एहसास हुआ।
Padma Shri Award 2026 पौधों के औषधीय गुणों की मदद से डॉक्टर पुण्यमूर्ति ने पशु रोगों के उपचार और रोकथाम में औषधीय पौधों का उपयोग किया। इस प्रकार उन्होंने एथनोवेटरिनरी को विकसित और प्रमाणित किया। प्राकृतिक तत्वों पर आधारित पशु चिकित्सा पद्धति। पशुपालकों के लिए मास्टाइटिस एक गंभीर बीमारी है। इसके उपचार के लिए एक चम्मच एलोवेरा, दो मुट्ठी हल्दी और थोड़ा सा चूना मिलाकर दवाओं के बिना सफल उपचार किया जा सकता है। यह पारंपरिक सिद्ध आधारित इलाज के असर को दिखाता है। उनके इलाज से लाखों गायों और किसानों को फायदा हुआ। उन्होंने जानवरों की 34 बीमारियों के लिए पांच आसान इलाज विकसित किए। एक जिम्मेदार पशु चिकित्सक के रूप में जितना जरूरी स्वस्थ दूध, अंडे और मांस मुहैया कराना है, उतना ही जरूरी गायों का स्वस्थ गोबर और मूत्र भी है ताकि मिट्टी का स्वास्थ्य बना रहे। भविष्य के लिए एंटीबायोटिक्स को बचाए रखना भी जरूरी है जो हम एथनोवेटनरी चिकित्सा के जरिए कर रहे हैं। डॉक्टर पुण्यमूर्ति की सभी खोजें सबके लिए निशुल्क हैं। नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड ने उनके काम को लाखों किसान तक पहुंचाया जिससे उन्हें बहुत फायदा मिला।