एशियाई खेलों से पहले धीरज की नजरें विश्व कप फाइनल में पहले पदक पर
एशियाई खेलों से पहले धीरज की नजरें विश्व कप फाइनल में पहले पदक पर
साल्टिलो (मेक्सिको), 12 सितंबर (भाषा) भारत के शीर्ष रैंकिंग वाले रिकर्व तीरंदाज धीरज बोम्मदेवरा इस साल सत्र के अंत में होने वाले विश्व कप फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले देश के एकमात्र तीरंदाज हैं और उनका लक्ष्य रविवार को यहां इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में पहला पदक जीतने का होगा।
एक दिन की यह प्रतियोगिता सीधे नॉकआउट प्रारूप में होगी और क्वार्टर फाइनल से शुरू होगी। इसका मतलब है कि किसी तीरंदाज के लिए दो जीत पदक पक्का करने के लिए काफी होंगी। धीरज अपना अभियान तुर्की के बर्किम तुमेर के खिलाफ शुरू करेंगे।
धीरज ने अंताल्या में विश्व कप का तीसरा चरण जीतकर आठ सदस्यों के बीच होने वाले फाइनल में जगह बनाई। पुरुष और महिला वर्गों में रिकर्व तथा कंपाउंड दोनों वर्गों को मिलाकर कोई अन्य भारतीय तीरंदाज इस प्रतियोगिता के लिए क्वालीफाई नहीं कर सका।
ड्रॉ की बात करें तो 25 वर्षीय सेना के जवान धीरज के लिए यह अपेक्षाकृत अनुकूल है। उनका पहला मुकाबला तुमेर से होगा जिन्हें उन्होंने जुलाई में मैड्रिड में हुए अपने पिछले विश्व कप में प्री-क्वार्टर फाइनल में हराया था। हालांकि इसके बाद वह क्वार्टर फाइनल में हारकर बाहर हो गए थे।
अगर वह शुरुआती चुनौती पार कर लेते हैं तो विजयवाड़ा के इस तीरंदाज का सेमीफाइनल में अमेरिकी दिग्गज ब्रैडी एलिसन से सामना होने की संभावना है।
कई बार के विश्व चैंपियन और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता एलिसन मेक्सिको में अपने पुरुष रिकर्व खिताब का बचाव करने उतरेंगे। उन्होंने 2025 में नानजिंग में अपना छठा विश्व कप फाइनल खिताब जीता था।
धीरज हालांकि पहले ही साबित कर चुके हैं कि वह इस अमेरिकी दिग्गज को हरा सकते हैं। उन्होंने 2023 में अंताल्या में विश्व कप के प्री-क्वार्टर फाइनल में एलिसन को हराया था। इस जीत से उन्हें विश्व कप में अपना पहला पदक (कांस्य) हासिल करने में मदद मिली थी।
इसके बाद धीरज ने अपने विश्व कप पदकों की संख्या में दो और कांस्य तथा एक स्वर्ण पदक जोड़ा है।
साल्टिलो का फाइनल अगले सप्ताह जापान में होने वाले एशियाई खेलों से पहले धीरज के लिए महत्वपूर्ण अंतिम प्रतियोगिता भी होगी। विश्व कप के बाद भारतीय तीरंदाज सीधे आइची-नागोया के लिए रवाना होंगे।
हांगझोउ में हुए पिछले एशियाई खेलों में धीरज ने पुरुष टीम स्पर्धा में रजत पदक जीता था और अब उनकी नजरें अपना पहला व्यक्तिगत एशियाई खेल पदक जीतने पर होगी।
भारतीय तीरंदाज इससे पहले दो बार विश्व कप फाइनल में हिस्सा ले चुका है, लेकिन अभी तक पदक नहीं जीत पाया है।
विश्व कप फाइनल में पदक जीतने वाले आखिरी भारतीय पुरुष रिकर्व तीरंदाज जयंत तालुकदार थे जिन्होंने 2010 में एडिनबर्ग में कांस्य पदक जीता था।
डोला बनर्जी विश्व कप फाइनल के इतिहास में सबसे सफल भारतीय तीरंदाज हैं। उन्होंने 2007 में स्वर्ण पदक जीता था। इसके बाद से किसी भारतीय ने स्वर्ण नहीं जीता है, लेकिन दीपिका कुमारी विश्व कप फाइनल में सबसे अधिक पदक जीतने वाली भारतीय हैं, उन्होंने आठ बार के अपने प्रदर्शन में पांच रजत और एक कांस्य पदक जीता है।
साल्टिलो में चार व्यक्तिगत विजेताओं को ‘ह्यूनदई आर्चरी वर्ल्ड कप चैंपियंस’ का खिताब दिया जाएगा और प्रत्येक को 36,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि मिलेगी।
उपविजेता को 18,000 अमेरिकी डॉलर जबकि तीसरे और चौथे स्थान पर रहने वाले खिलाड़ियों को प्रत्येक वर्ग में क्रमशः 9,800 और 1,800 अमेरिकी डॉलर मिलेंगे।
भाषा नमिता आनन्द
आनन्द

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