एआईएफएफ ने गिल्बर्टसन संगमा के निधन पर शोक जताया

एआईएफएफ ने गिल्बर्टसन संगमा के निधन पर शोक जताया

एआईएफएफ ने गिल्बर्टसन संगमा के निधन पर शोक जताया
Modified Date: April 6, 2026 / 05:32 pm IST
Published Date: April 6, 2026 5:32 pm IST

नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) ने सोमवार को भारत के पूर्व फारवर्ड गिल्बर्टसन संगमा के निधन पर शोक व्यक्त किया जो ‘असम के पेले’ के नाम से मशहूर थे।

संगमा का तीन अप्रैल को गुवाहाटी में निधन हो गया था। वह 70 वर्ष के थे।

असम के जाने-माने फारवर्ड खिलाड़ी संगमा ने 1975 में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व किया था। उन्होंने 17 अप्रैल 1975 को जकार्ता में ‘मारह हलीम कप’ में इंडोनेशिया के खिलाफ अपने सीनियर राष्ट्रीय टीम करियर की शुरुआत की।

संगमा पिछले कुछ वर्षों से बढ़ती उम्र से जुड़ी बीमारियों के कारण अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने भारत के लिए तीन मैच खेले। ये सभी मैच एक ही टूर्नामेंट के दौरान खेले गए थे।

घरेलू स्तर पर संगमा ने 1972 से 1980 तक संतोष ट्रॉफी में असम के लिए लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने राज्य की टीम के लिए खेलते हुए टूर्नामेंट में कुल चार गोल किए।

क्लब स्तर पर उन्होंने 1972 से 1982 तक असम पुलिस की टीम का प्रतिनिधित्व किया और उस टीम का हिस्सा थे जिसने 1981 में बारदोलोई ट्रॉफी जीती थी। संगमा ने फाइनल में डेम्पो के खिलाफ निर्णायक गोल किया था जिससे उनकी टीम खिताब जीतने में सफल रही।

राष्ट्रीय महासंघ ने बयान में कहा, ‘‘एआईएफएफ पूरे भारतीय फुटबॉल जगत के साथ गिल्बर्टसन संगमा के निधन पर शोक व्यक्त करता है और इस खेल में उनके योगदान का सम्मान करता है।’’

संगमा को असम से निकले अब तक के सबसे बेहतरीन फुटबॉल खिलाड़ी के रूप में जाना जाता है।

भाषा सुधीर मोना

मोना


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