एआईटीए के महासचिव सुंदर अय्यर ने पारदर्शिता और समावेशिता के एक नए युग का वादा किया
एआईटीए के महासचिव सुंदर अय्यर ने पारदर्शिता और समावेशिता के एक नए युग का वादा किया
नयी दिल्ली, छह मई (भाषा) अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) ने बुधवार को कहा कि वह अपने कामकाज में पारदर्शिता और समावेशिता का एक नया युग लाएगा। संघ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के उस फैसले का स्वागत किया जिसमें सितंबर 2024 में हुए चुनावों के नतीजों को घोषित करने का निर्देश दिया गया था।
संघ ने कहा कि कोर्ट के इस कदम से प्रशासन में जरूरी स्पष्टता आई है और नए चुने गए पदाधिकारियों तथा कार्यकारी समिति को औपचारिक रूप से कार्यभार सौंपा गया है। यह भारतीय टेनिस प्रशासन में सामान्य स्थिति बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम है।
इस घटनाक्रम का स्वागत करते हुए एआईटीए के महासचिव सुंदर अय्यर ने इसे ‘संघ के कामकाज में पारदर्शिता और स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम’ बताया।
उन्होंने राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम 2025 के अनुरूप समय-सीमा के भीतर संवैधानिक संशोधन करने की संस्था की प्रतिबद्धता को दोहराया। इन संशोधनों का उद्देश्य प्रशासन को मजबूत करना, पारदर्शिता सुनिश्चित करना और खिलाड़ियों की भागीदारी के साथ सामूहिक निर्णय लेने की प्रक्रिया को बढ़ावा देना है।
अय्यर ने प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं कि एआईटीए का ढांचा आधुनिक प्रशासनिक मानकों और वैधानिक आवश्यकताओं के अनुरूप हो।’’
एआईटीए ने कहा कि वह भारतीय टेनिस के लिए पारदर्शिता, समावेशिता और समग्र विकास का एक नया युग लाने के लिए प्रतिबद्ध है।
एआईटीए ने यह भी कहा कि वह अपने संविधान में संशोधन करने के बाद नए चुनाव कराएगा जो राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप होंगे।
संघ के तैयारियों की रूपरेखा बताते हुए अय्यर ने कहा कि एआईटीए ‘असाधारण प्रतिभा वाले खिलाड़ियों’ (एसओएम) की सूची तैयार करने और एक खिलाड़ी समिति बनाने की दिशा में काम कर रहा है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खेल प्रशासन (राष्ट्रीय खेल संस्थाएं) नियम 2026 के अनुसार संघ के कामकाज में पुरुष और महिला दोनों तरह के खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारा लक्ष्य एक ऐसा तंत्र बनाना है जिससे सभी हितधारकों को लाभ हो। जमीनी स्तर के जूनियर खिलाड़ियों से लेकर शीर्ष पेशेवर खिलाड़ियों तक। जूनियर टेनिस को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा जो देश में इस खेल के भविष्य की नींव हैं।’’
अय्यर ने कहा कि संघ की दीर्घकालिक योजनाओं में बुनियादी ढांचे में सुधार करना, कोचिंग के मानकों को उन्नत बनाना और भारत में घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की संख्या बढ़ाना शामिल है।
अय्यर ने कहा, ‘‘हम अपने खिलाड़ियों को अपने ही देश में अधिक अवसर प्रदान करना चाहते हैं, साथ ही खेल के समग्र प्रतिस्पर्धी स्तर को भी ऊपर उठाना चाहते हैं।’’
विकास के लिए एक समग्र दृष्टिकोण पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि एआईटीए का लक्ष्य खिलाड़ियों का उनके जूनियर दिनों से ही मार्गदर्शन देना है जिसमें फिटनेस, अनुशासन और लंबे समय तक खिलाड़ी के विकास पर ध्यान दिया जाएगा।
अय्यर ने इस बात पर भी जोर दिया कि संघ की योजनाएं सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित नहीं हैं बल्कि शहरी इलाकों से बाहर के क्षेत्रों तक भी फैली हुई हैं जिनमें पूर्वोत्तर भारत भी शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सबको साथ लेकर चलने वाला दृष्टिकोण है। हमारा लक्ष्य टेनिस को उन क्षेत्रों तक पहुंचाना है जिन्हें नजरअंदाज किया गया है और यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर कोने से उभरने वाली प्रतिभाओं को बेहतरीन बुनियादी ढांचा, कोचिंग और प्रतिस्पर्धी माहौल मिल सके।’’
भाषा सुधीर मोना
मोना

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