अमन मोखाडे के शतक से विदर्भ विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल में

अमन मोखाडे के शतक से विदर्भ विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल में

अमन मोखाडे के शतक से विदर्भ विजय हजारे ट्रॉफी फाइनल में
Modified Date: January 15, 2026 / 10:24 pm IST
Published Date: January 15, 2026 10:24 pm IST

बेंगलुरु, 15 जनवरी (भाषा) अमन मोखाडे के इस सत्र में पांचवें शतक की बदौलत विदर्भ ने बृहस्पतिवार को यहां गत चैंपियन कर्नाटक को छह विकेट से हराकर विजय हजारे ट्रॉफी के फाइनल में जगह बनाई।

मोखाडे ने 122 गेंद का सामना करते हुए 131 रन की पारी खेली। उनके शतक और आर समर्थ (नाबाद 76 रन) के अर्धशतक से विदर्भ ने चार विकेट पर 284 रन बनाकर जीत दर्ज की। कर्नाटक की पूरी टीम 280 रन पर ऑल आउट हो गई थी जिसमें उसके लिए करुण नायर और केएल श्रीजीत ने अर्धशतक जड़े।

विदर्भ के तेज गेंदबाज दर्शन नालकंडे (48 रन देकर पांच विकेट) ने कर्नाटक को समेटने में मदद की।

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अब रविवार को खिताब के लिए विदर्भ का सामना पंजाब और सौराष्ट्र के बीच दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा।

विदर्भ ने देश की 50 ओवर की घरेलू प्रतियोगिता में कर्नाटक को कभी नहीं हराया था और मोखाडे ने एक शानदार पारी खेलकर इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

सलामी जोड़ीदार अथर्व तायडे के जल्दी आउट होने के बाद मोखाडे ने मुश्किल हालात और मांसपेशियों में खिंचाव के बावजूद 101 गेंद में शतक जड़ दिया।

उन्होंने ध्रुव शोरे (47) के साथ दूसरे विकेट के लिए 99 रन की साझेदारी निभाई और फिर समर्थ के साथ तीसरे विकेट के लिए 147 रन जोड़े।

20वें ओवर के बाद तेज गेंदबाज वैशाख विजयकुमार को सिर में चोट लगने के कारण मैदान से बाहर जाना पड़ा जिससे बीच के ओवरों में कर्नाटक की गेंदबाजी प्रभावित हुई।

वैशाख के हेलमेट पर कर्नाटक की पारी के आखिरी ओवर में तेज गेंदबाज यश ठाकुर की गेंद लगी थी जिसके बाद मनवंत कुमार ‘कनकशन सब्स्टीट्यूट’ के तौर पर आए।

मोखाडे ने तेज गेंदबाज विद्याधर पाटिल की गेंद पर चौका लगाकर अपना शतक पूरा किया और पूरे जोश के साथ जश्न मनाया।

चौबीस वर्षीय दाएं हाथ के बल्लेबाज ने पाटिल की गेंद शॉट खेला और सर्कल के अंदर देवदत्त पडिक्कल के हाथों कैच आउट हो गए।

इससे पहले कर्नाटक की पारी धीमी गति से शुरू हुई। पहले 10 ओवर में सिर्फ 33 रन बने। टीम ने अपने दोनों सलामी बल्लेबाज मयंक अग्रवाल और देवदत्त पडिक्कल को भी खो दिया।

फिर करुण और ध्रुव प्रभाकर ने तीसरे विकेट के लिए 54 रन जोड़े। प्रभाकर अच्छी लय में दिख रहे थे लेकिन नालकंडे की एक शॉर्ट-पिच गेंद पर पुल शॉट खेला और स्क्वायर लेग पर लपके गए।

करुण और केएल श्रीजीत ने चौथे विकेट के लिए 113 रन की भागीदारी निभाई। करुण अपनी टाइमिंग के लिए संघर्ष कर रहे थे। 34 साल के खिलाड़ी ने 73 गेंद में अपना अर्धशतक पूरा किया। श्रीजीत ने 54 गेंद में अर्धशतक पूरा किया।

विदर्भ को सही समय पर ब्रेक मिला, जब नालकंडे ने करुण को आउट किया और छह रन बाद श्रीजीत भी आउट हो गए जिससे कर्नाटक का स्कोर पांच विकेट पर 193 रन हो गया।

कर्नाटक के लिए श्रेयस गोपाल (36) और अभिनव मनोहर (26) ने योगदान दिया जिन्होंने छठे विकेट के लिए 55 रन जोड़े। लेकिन घरेलू टीम ने तेजी से कई विकेट गंवा दिए जिससे उनकी लय बिगड़ गई।

भाषा नमिता

नमिता


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