नयी दिल्ली, 25 जनवरी (भाषा) पुणे के कॉलेज ऑफ मिलिट्री इंजीनियरिंग में स्थित आर्मी रोइंग नोड ने इस खेल के विकास में अपनी अहम भूमिका के लिए विश्व रोइंग का ‘प्रोग्राम ऑफ द ईयर’ पुरस्कार हासिल किया है। उसने इस पुरस्कार की दौड़ में फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम को पीछे छोड़ा।
आर्मी रोइंग नोड (एआरएन) की स्थापना 2001 में हुई थी। यह भारत का एकमात्र मानव निर्मित अंतरराष्ट्रीय मानक का 2,200 मीटर गुणा 135 मीटर का रोइंग चैनल है और इसमें 60 से 90 रोअर प्रशिक्षण लेते हैं। वर्ष 2024 में स्थापित विश्व रोइंग पुरस्कार शनिवार को लुसाने स्थित ओलंपिक संग्रहालय में एआरएन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल आर रामकृष्णन को प्रदान किया गया।
एआरएन भारतीय सेना के मिशन ओलंपिक विंग (एमओडब्ल्यू) का एक हिस्सा है, जिसे ओलंपिक और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत के पदक जीतने की संभावनाओं को बढ़ाने के लिए सैन्य प्रशिक्षण महानिदेशालय की देखरेख में 2001 में शुरू किया गया था।
एआरएन ने अब तक सात ओलंपियन दिए हैं। एशियाई खेल 2023 में भारतीय टीम में शामिल सभी रोवर सशस्त्र बलों से संबद्ध थे और उन्होंने दो रजत सहित पांच पदक जीते थे।
इस पुरस्कार के अन्य दावेदारों में फ्रांस के ल्योन में स्थित रोइंग फॉर हेल्थ (एविरोन सैंटे) और यूनाइटेड किंगडम के लैंकेस्टर में स्थित रिफ्यूजी इंटीग्रेशन प्रोग्राम शामिल थे।
खेल मंत्रालय के लक्ष्य ओलंपिक पोडियम कार्यक्रम (टीओपीएस) के सीईओ कर्नल एन एस जोहल ने कहा, ‘‘यह एआरएन, भारतीय रोइंग महासंघ और पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। यह प्रतिष्ठित वैश्विक आयोजनों का केंद्र बनने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा तैयार करने की हमारी क्षमता को दर्शाता है।’’
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