MP Govt School News/Image Source: IBC24
रायसेन: MP Govt School News: एक ओर जहां अभिभावक अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाने के लिए निजी स्कूलों में लाखों रुपये की फीस देकर पढ़ाते हैं, वहीं रायसेन जिले में कुछ सरकारी स्कूल ऐसे भी हैं जो अपवाद बनकर सामने आते हैं। जब हमारी टीम रायसेन जिले के अंतिम छोर पर स्थित देवरी तहसील के ग्राम बरखन्दा पहुंची, तो वहां स्थित सरकारी हाई स्कूल को देखकर यही महसूस हुआ कि अगर शिक्षक स्कूल को घर जैसी भावना से देखें, तो स्कूल सिर्फ सुंदर ही नहीं बल्कि शिक्षा का सच्चा मंदिर बन जाता है।
MP Govt School News: आदिवासी अंचल के इस हाई स्कूल में कक्षा 9वीं और 10वीं में कुल 84 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। स्कूल की प्राचार्या सहित सभी शिक्षक मिलकर विद्यालय को बेहतर बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। यह स्कूल मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल (MPBSE) के अंतर्गत संचालित होता है और विद्यार्थियों को बेहतर पढ़ाई के साथ-साथ सर्वांगीण विकास के अवसर प्रदान करता है। बरखन्दा के इस स्कूल को यदि मॉडल स्कूल कहा जाए तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी। साफ-सुथरी बिल्डिंग, हरियाली, सलीके से रखे जूते-चप्पल, फूल-पौधे यह सब देखकर कोई भी कह उठेगा कि क्या यह वाकई एक सरकारी स्कूल है?
MP Govt School News: विद्यालय में बच्चों की पढ़ाई के लिए डिजिटल टीवी, पुस्तकालय (लाइब्रेरी) की सुविधा है। साथ ही सांस्कृतिक और बौद्धिक विकास, छात्राओं की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाता है। आदिवासी अंचल के 5 किलोमीटर के दायरे से बच्चे यहां पढ़ने आते हैं। पिछले वर्ष स्कूल का 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम 81 प्रतिशत रहा था, जबकि इस वर्ष 100 प्रतिशत परिणाम का लक्ष्य रखा गया है। ऐसे स्कूलों से अन्य सरकारी विद्यालयों को सीख लेने की जरूरत है, जहां शिक्षक और छात्र दोनों मिलकर स्कूल की बेहतरी के लिए काम कर रहे हैं।
विद्यालय की छात्राओं में खासा उत्साह देखने को मिलता है। कई छात्राएं सेना, पुलिस और अन्य सुरक्षा सेवाओं में जाने का सपना देख रही हैं। स्कूल की प्राचार्या सुनीता शर्मा कहती हैं सरकार ने हमें नौकरी दी है, और यह स्कूल हमारे लिए मंदिर है। जैसे हम अपने घर को सुंदर बनाते हैं, वैसे ही हम और हमारा स्टाफ मिलकर इस स्कूल को भी सुंदर और बेहतर बना रहे हैं। यहां पढ़ने वाले बच्चे आने वाले समय में देश का भविष्य हैं। बरखन्दा का यह सरकारी स्कूल न सिर्फ शिक्षा का केंद्र है, बल्कि समर्पण, अनुशासन और सकारात्मक सोच की मिसाल भी बन चुका है।