एशियाड मुक्केबाजी : लवलीना, प्रिया, कपिल ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किये

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एशियाड मुक्केबाजी : लवलीना, प्रिया, कपिल ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पदक पक्के किये

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  • Publish Date - September 28, 2026 / 04:46 PM IST,
    Updated On - September 28, 2026 / 04:46 PM IST

निशियो (जापान) 28 सितंबर (भाषा) ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा) , प्रिया घंघास (60 किलो) और कपिल पोखरिया (90 किलो) ने सोमवार को एशियाई खेलों की मुक्केबाजी स्पर्धा के सेमीफाइनल में पहुंचकर भारत के तीन पदक पक्के कर दिये ।

लवलीना ने दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयोन को क्वार्टर फाइनल में 5-0 से हराया जबकि एशियाई चैम्पियनशिप स्वर्ण पदक विजेता और मौजूदा राष्ट्रमंडल खेल चैम्पियन प्रिया ने ताजिकिस्तान की मिजगोना सामादोवा के खिलाफ पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 60 किलो क्वार्टर फाइनल में सर्वसम्मति से लिये गए फैसले में जीत दर्ज की ।

ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में पदक नहीं जीत सके पोखरिया ने दक्षिण कोरिया के किम गिचाए को पुरूषों के 90 किलो क्वार्टर फाइनल में 5 . 0 से हराया ।

इन तीनों के अलावा परवीन हुड्डा (65 किग्रा), अंकुश पंघाल (80 किग्रा) और नरेंद्र बरवाल (90 किग्रा से अधिक) भी भारत के लिए पदक पक्का कर चुके हैं।

तोक्यो ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना ने पिछले एशियाई खेलों में रजत पदक जीता था। पिछले महीने राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीत चुकी लवलीना विश्व चैम्पियनशिप, एशियाई खेल, एशियाई चैम्पियनशिप और विश्व कप में पदक अपने नाम कर चुकी हैं ।

लवलीना ने जीत के बाद कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं क्योंकि यह मेरा पहला मैच था और मैने अच्छा प्रदर्शन किया । मैं उसके खिलाफ दो बार खेल चुकी हूं ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ जापान मेरे लिये खास है क्योंकि इसने मेरा जीवन बदल दिया । मैने तोक्यो ओलंपिक 2020 में कांस्य पदक जीता था और अब एशियाई खेलों के लिये फिर यहां हूं । मुझे लगता है कि जापान मेरा दूसरा घर हो गया है ।’’

लवलीना ने आक्रामक शुरूआत की और सियोंग पर दबाव बना दिया । दूसरे दौर में भी उन्होंने अच्छे क्रॉस और हुक लगाये लेकिन डिफेंस थोड़ा कमजोर लगा । तीसरे दौर में कोरियाई मुक्केबाज ने कद का फायदा उठाकर अच्छे हमले किये लेकिन लवलीना अधिक फुर्तीली थी जिससे उनके पंच प्रभावी रहे ।

लवलीना का सामना अब 70 किलो में विश्व चैम्पियन कजाखस्तान की नताल्या बोगडानोवा से होगा ।

प्रिया ने सावधानी के साथ शुरूआत की और अपने विरोधी के शरीर पर प्रहार किये । उन्हें दो बार रैफरी से चेतावनी भी मिली । प्रिया का फुटवर्क अच्छा था लेकिन पहले दौर में सामादोवा के पक्ष में पांच जजों में से तीन ने फैसला दिया ।

अगले दोनों दौर में प्रिया ने बेहतरीन प्रदर्शन किया जिससे सामादोवा की लय बिगड़ गई ।

भाषा मोना पंत

पंत