(फिलेम दीपक सिंह और अजय मसंद)
नागोया, 28 सितंबर (भाषा) युवा निशानेबाज ईशा सिंह ,लंबी दूरी के धावक गुलवीर सिंह, लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर और भाला फेंक में यशवीर सिंह ने एशियाई खेलों में सोमवार को भारत की झोली में रजत पदक डाले हालांकि स्वर्णिम सफलता के करीब पहुंचकर चूकने का सिलसिला जारी रहा ।
भारत के नाम पर अभी भी चार स्वर्ण पदक ही दर्ज हैं। इसके अलावा उसने 20 रजत और 21 कांस्य पदक सहित कुल 45 पदक हासिल कर लिए हैं और वह पदक तालिका में 12वें स्थान पर है। चीन 131 स्वर्ण, 53 रजत और 45 कांस्य सहित कुल 229 पदक जीतकर शीर्ष पर बना हुआ है।
पहले ही 10000 मीटर में रजत पदक जीत चुके गुलवीर ने पुरुषों की 1500 मीटर प्रतियोगिता में 3:36.72 सेकंड के अपने व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ एक और रजत पदक अपने नाम किया। इससे पहले 21 वर्षीय निशानेबाज ईशा ने पांच शूट-ऑफ में से गुजरने के बाद रजत पदक जीता।
श्रीशंकर ने लंबी कूद में हांगझोउ खेलों का अपना रजत पदक बरकरार रखा। उन्होंने दूसरे प्रयास में 8 . 07 मीटर की कूद लगाई लेकिन चौथे प्रयास में टखने में चोट लगने के कारण आखिरी दो प्रयास नहीं कर सके ।
पारूल चौधरी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया।
भाला फेंक में नीरज चोपड़ा की अनुपस्थिति के बावजूद भारत ने दो पदक जीते। यशवीर सिंह और रोहित यादव ने क्रमश: रजत और कांस्य पदक जीतकर शानदार प्रदर्शन किया।
हरियाणा के 24 वर्षीय यशवीर ने अपने छठे और अंतिम प्रयास में 85.72 मीटर का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए हमवतन रोहित यादव को पीछे छोड़कर रजत पदक अपने नाम किया।
उत्तर प्रदेश के 25 वर्षीय रोहित ने 84.35 मीटर की दूरी तक भाला फेंककर कांस्य पदक जीता। श्रीलंका के स्टार खिलाड़ी रुमेश पथिरागे ने 88.33 मीटर के प्रयास के साथ स्वर्ण पदक हासिल किया।
कुराश खिलाड़ी पिकी बलहारा ने 78 किलोग्राम से कम के वर्ग में कांस्य पदक जीतकर सबको चौंका दिया। एशियाई खेलों में उनका यह दूसरा पदक है। इससे पहले उन्होंने 2018 में रजत पदक जीता था। इस तरह से वह इन खेलों में सबसे सफल भारतीय कुराश खिलाड़ी बन गईं।
महिला 400 मीटर बाधा दौड़ में विथ्या रामराज का प्रदर्शन भी शानदार रहा। उन्होंने दिग्गज पीटी उषा के चार दशक से अधिक पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ते हुए कांस्य पदक जीता। रामराज ने 54.75 सेकंड का समय निकालकर उषा के 1984 के लॉस एंजिलिस ओलंपिक में बनाए गए 55.42 सेकंड के रिकॉर्ड को तोड़ा।
मुक्केबाजी में ओलंपिक कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन (75 किग्रा), प्रिया घंघास (60 किग्रा) और कपिल पोखरिया (90 किग्रा) ने सेमीफाइनल में पहुंच कर पदक पक्का किया। भारत के तीन मुक्केबाज पहले ही सेमीफाइनल में जगह बना चुके थे।
तीरंदाजी में हालांकि भारत को झटका लगा क्योंकि महिला व्यक्तिगत कंपाउंड चैंपियन ज्योति सुरेखा वेम्मन क्वार्टर फाइनल में बाहर हो गई।
अनुभवी ट्रैक एथलीट अविनाश साबले पुरुषों की 3000 मीटर स्टीपलचेज़ में अपना खिताब बरकरार रखने में नाकाम रहे। उन्होंने 8:21.67 सेकंड के सत्र के अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के बावजूद पांचवां स्थान हासिल किया।
इसके अलावा मनु भाकर 25 मीटर महिला पिस्टल प्रतियोगिता में टीम या व्यक्तिगत वर्ग में अच्छा प्रदर्शन करने में विफल रहने के बाद बिना पदक के ही टूर्नामेंट से बाहर हो गईं।
निशानेबाजी में काफी रोमांचक मुकाबले देखने को मिला जिसमें ईशा ने रजत पदक जीता।
हैदराबाद की 21 वर्षीय ईशा इस वर्ग की मौजूदा विश्व नंबर एक हैं। उन्होंने रजत की दौड़ में बने रहने के लिए उत्तर कोरिया की किम हियोन सुक के खिलाफ तीन शूट-ऑफ जीते। इसके बाद स्वर्ण पदक के मुकाबले में उन्हें चीन की शियाओ जियारुईशुआन के साथ दो और शूट-ऑफ से गुजरना पड़ा।
निर्धारित सीरीज के बाद दोनों के 38-38 अंक थे, लेकिन अंतिम निशाने में ईशा चूक गईं और उन्हें दूसरे स्थान से संतोष करना पड़ा। कंधे के दर्द और करीबी एलिमिनेशन से उबरते हुए ईशा ने बेहद नाटकीय फाइनल में अपनी ओर से सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।
मनु 579 अंक के साथ 11वें स्थान पर रहीं, जो फाइनल में पहुंचने के लिए पर्याप्त नहीं था। ईशा ने क्वालीफिकेशन में 580 अंक जुटाए थे। भारतीय महिला टीम भी पदक की दौड़ में थी, लेकिन अहम समय पर राही सरनोबत की एक चूक टीम पर भारी पड़ी।
सरनोबत ने चौथी सीरीज (प्रत्येक सीरीज में पांच निशाने लगाने होते हैं) में 39 अंक का निराशाजनक स्कोर किया। इसके बाद भारत की पदक की उम्मीदें समाप्त हो गईं। सरनोबत 568 अंक के साथ 30वें स्थान पर रहीं।
महिला शॉटगन निशानेबाज नीरू ढांडा ने महिला ट्रैप स्पर्धा के क्वालीफाइंग के पहले दो राउंड में 24-24 का स्कोर बनाया था और सोमवार को भी उन्होंने अपनी लय बरकरार रखते हुए 24 और 23 का स्कोर बनाया, जिससे चार राउंड के बाद उनका कुल स्कोर 95 हो गया। वह कतर की बासिल रे से एक अंक आगे हैं। वह मनीषा कीर और आशिमा अहलावत के साथ मिलकर टीम पदक के लिए भी भारत की अगुवाई करेंगी।
भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम बारिश के कारण अफगानिस्तान के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच रद्द होने के बाद सेमीफाइनल में पहुंच गई। श्रेयस अय्यर की टीम विश्व रैंकिंग में पहले स्थान पर होने के कारण आगे बढ़ी, जबकि अफगानिस्तान 10वें स्थान पर है।
भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने अपना अजेय फॉर्म बरकरार रखते हुए सोमवार को पूल ए के आखिरी ग्रुप मैच में बांग्लादेश को 10 . 0 से हराया।
भारत पूल ए में शीर्ष पर रहा और अब एक अक्टूबर को सेमीफाइनल में सामना चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से होगा।
भारत के लिये कप्तान हरमनप्रीत सिंह ( 27वां, 40वां और 45वां मिनट) ने तीन जबकि शिलानंद लाकड़ा ( 44वां और 45वां) ने दो गोल किये। अभिषेक ( तीसरा मिनट), जुगराज सिंह (22वां), सुखजीत सिंह (32वां), संजय (59वां) और मनदीप सिंह (60वां) ने एक एक गोल दागा।
स्क्वाश में दो व्यक्तिगत रजत पदक और मिश्रित युगल में एक कांस्य पदक जीतने के बाद भारत ने टीम प्रतियोगिता में भी अच्छा प्रदर्शन जारी रखा।
भारतीय पुरुष और महिला टीमें क्वार्टर फाइनल में पहुंच गईं, जहां महिला टीम ने जापान पर एक कठिन जीत हासिल की।
तीसरी वरीयता प्राप्त भारतीय महिला टीम ने जापान को 2-1 से हराया, हालांकि शीर्ष खिलाड़ी अनाहत सिंह विश्व की छठे नंबर की खिलाड़ी सतोमी वातानाबे से पांच गेम में हार गईं।
अनाहत ने व्यक्तिगत सेमीफाइनल में विश्व की छठे नंबर की जापानी खिलाड़ी को हराया था और ऐतिहासिक रजत पदक जीता था।
पिछले एशियाई खेलों में कांस्य पदक जीतने वाली भारतीय महिला टीम ने अपने पहले मैच में चीन को 3-0 से हराया था।
चीन में स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष टीम ने दक्षिण कोरिया को 3-0 से हराकर अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की की।
भारतीय पुरुष वॉलीबॉल टीम ने भी पूल सी के प्रारंभिक दौर के मैच में हांगकांग को हराकर लगातार दूसरी जीत हासिल की। भारत ने इससे पहले वियतनाम पर 3-0 की जीत के साथ शुरुआत की और अब वह मंगलवार को कतर से भिड़ेगा।
भाषा पंत सुधीर
सुधीर