एशियाई खेलों के कबड्डी और निशानेबाजी पदक विजेताओं का गर्मजोशी से स्वागत
एशियाई खेलों के कबड्डी और निशानेबाजी पदक विजेताओं का गर्मजोशी से स्वागत
… सुमन रे …
नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) भारत के एशियाई खेलों के कबड्डी चैंपियनों के स्वदेश लौटने पर इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा जश्न के रंग में रंग गया, जहां स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला टीमों के खिलाड़ियों का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इसके कुछ ही देर बाद स्वर्ण पदक विजेता सुरूचि सिंह और कमलजीत सिंह की अगुवाई में निशानेबाजों के पहुंचने से जश्न का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। स्वर्ण पदक जीतने वाली पुरुष और महिला टीमों के खिलाड़ियों के स्वागत के लिए परिवार के सदस्य, पड़ोसी और साथी खिलाड़ी निर्धारित समय से काफी पहले ही बड़ी संख्या में हवाई अड्डे पहुंच गए थे। खिलाड़ियों की एक झलक मिलते ही इंतजार का माहौल जश्न में बदल गया। भारतीय पुरुष कबड्डी टीम के कप्तान सुनील कुमार ने ढोल की थाप के बीच ‘पीटीआई’ से कहा, ‘‘आत्मविश्वास ने हमें स्वर्ण पदक दिलाया। इस तरह का स्वागत देखकर मैं बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि एक दिन कबड्डी ओलंपिक खेलों का हिस्सा बनेगी।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने एक बार फिर दिखाया है कि हम दुनिया में कबड्डी खेलने वाले सबसे अच्छे देश हैं। खिताब बरकरार रखना बेहद सुखद है। मुझे अपने खिलाड़ियों पर गर्व है। हमारी टीम ने स्वर्ण पदक जीतने के लिए अपना पूरा दमखम और जज्बा दिखाया।’’ महिला टीम की कप्तान पुष्पा राणा ने भी इसी तरह की भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी टीम ने ईरान के खिलाफ फाइनल में कड़ी चुनौती के बावजूद निर्णायक मौकों पर शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने भी कबड्डी को राष्ट्रमंडल खेलों और ओलंपिक में शामिल किए जाने की वकालत की। पुष्पा ने पीटीआई से कहा, ‘‘हमारी प्रतिद्वंद्वी ईरान ने वास्तव में अच्छी चुनौती दी, लेकिन प्रतिभा और अनुभव दोनों के मामले में हम बेहतर टीम थे। भारत इस खेल में पूरी तरह अपना दबदबा बनाए हुए है, लेकिन कबड्डी दुनियाभर में लोकप्रिय हो रही है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अब समय आ गया है कि कबड्डी को राष्ट्रमंडल खेलों में शामिल किया जाए और उम्मीद है कि एक दिन यह ओलंपिक का भी हिस्सा बनेगी।’’ महिला कबड्डी खिलाड़ी मनीषा कुमारी का स्वागत बीएसएफ (सीमा सुरक्षा बल) के बैंड ने किया। उन्होंने अपनी सफलता में सुरक्षा बल के सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने कहा, ‘‘मैं बीएसएफ की लगातार मदद और समर्थन के लिए हमेशा आभारी रहूंगी। हम पर कोई दबाव नहीं था। हम स्वर्ण पदक जीतने के दृढ़ संकल्प के साथ उतरे थे और हमने इसे हासिल किया।’’ कबड्डी खिलाड़ियों के अपने-अपने गंतव्य के लिए रवाना होने के साथ जब जश्न का माहौल कुछ शांत होने लगा, तभी निशानेबाजों के पहुंचने से हवाई अड्डे पर एक बार फिर जोरदार स्वागत और तालियों की गूंज सुनाई दी। सभी की नजरें कमलजीत और सुरूचि की जोड़ी पर थीं, जिन्होंने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था। कमलजीत ने कहा, ‘‘10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम में स्वर्ण जीतना आसान नहीं था। मुकाबला काफी कठिन था और हमने अपना धैर्य बनाए रखा। मुझे सुरूचि के लिए बहुत खुशी है, जिन्होंने शानदार जज्बा और बेहतरीन फॉर्म दिखाया और हमने मिलकर शीर्ष स्थान हासिल किया।’’ एशियाई खेलों में पदार्पण करते हुए स्वर्ण पदक जीतने वाली सुरूचि ने कहा कि वह इस उपलब्धि से बेहद खुश हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस उपलब्धि का अभी धीरे-धीरे अहसास हो रहा है। मिश्रित टीम में स्वर्ण जीतकर मैं बेहद खुश हूं। यह मुझे भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करेगा। भारत इस स्पर्धा में काफी मजबूत है और हमें उम्मीद है कि ओलंपिक में भी इस वर्ग में एक और पदक जीतेंगे।’’ भाषा आनन्द आनन्द

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