औकिब नबी ‘डोगरा’ रेजिमेंट का सबसे बड़ा हथियार

औकिब नबी ‘डोगरा’ रेजिमेंट का सबसे बड़ा हथियार

औकिब नबी ‘डोगरा’ रेजिमेंट का सबसे बड़ा हथियार
Modified Date: February 28, 2026 / 03:47 pm IST
Published Date: February 28, 2026 3:47 pm IST

(एम आई जहांगीर)

श्रीनगर, 28 फरवरी (भाषा) बारामूला के शीरी गांव से लेकर घरेलू क्रिकेट के शिखर तक औकिब नबी का सफर पक्के इरादे का सबूत है और ‘बारामूला एक्सप्रेस’ के नाम से मशहूर इस तेज गेंदबाज के पिता गुलाब नबी डार का कहना है कि अभी उसका देश के लिए खेलने का सपना पूरा करना बाकी है।

औकिब ने परिस्थितियों को कभी भी हावी नहीं होने दिया और लगातार अपने कौशल को निखारते हुए अपने राज्य जम्मू-कश्मीर को पहला रणजी ट्रॉफी खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई है।

शनिवार को आठ बार के चैंपियन कर्नाटक के खिलाफ हुबली में मिली इस ऐतिहासिक जीत के बाद औकिब के पिता ने फोन पर पीटीआई को बताया, ‘‘वह एक सपने का हिस्सा बन चुका है, बस एक और सपना बाकी है जो देश के लिए खेलना है। ’’

जम्मू-कश्मीर ने फाइनल मुकाबले में पहली पारी में 291 रन की बढ़त के आधार पर खिताब अपने नाम किया। औकिब घरेलू सत्र में टीम के लिए 60 विकेट लेकर शानदार रहे और सौरव गांगुली जैसे दिग्गज ने उनकी खूब तारीफ करते हुए उन्हें राष्ट्रीय टीम में बुलाने का समर्थन किया।

औकिब के पिता ने कहा कि भाग्य की भी भूमिका रही लेकिन उनके बेटे ने अपना लक्ष्य पाने के लिए कड़ी मेहनत की।

डार एक शिक्षक हैं, उन्होंने कहा, ‘‘उसने बस एक ही चीज नहीं की, वह थी हार मानना। वह शीरी के एक स्थानीय स्कूल में पढ़ता था और यहां धूल भरे ऊबड़-खाबड़ मैदान में खेलने में बहुत समय बिताता था। ’’

औकिब ने हाई स्कूल की शिक्षा बारामूला में ली, जहां उन्हें खेल की अपने ‘बेसिक कौशल’ पर काम करने का मौका मिला।

लेकिन श्रीनगर के अमर सिंह कॉलेज जाने के बाद ही उन्हें अभ्यास करने के लिए सही टर्फ पिच मिलीं।

डार ने कहा, ‘‘औकिब ने तीन बार ट्रायल में हिस्सा लिया और फेल हो गया। लेकिन उसने हार नहीं मानी और चौथी बार ट्रायल में हिस्सा लिया और उसे चुन लिया गया। ’’

नबी ने रणजी ट्रॉफी के नॉकआउट चरण में शानदार प्रदर्शन किया जहां उन्होंने तीन मैच में 26 विकेट लिए। फाइनल में भी उन्होंने कर्नाटक की पहली पारी में पांच विकेट लिए जिसमें के एल राहुल और करुण नायर के अहम विकेट शामिल थे।

नबी पिछले कुछ वर्षों से लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। वह 2024-25 सत्र में दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे। उनकी मेहनत का कुछ इनाम उन्हें पहले ही मिल चुका है क्योंकि इंडियन प्रीमियर लीग की पिछली नीलामी में दिल्ली कैपिटल्स ने उन्हें 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा था।

भाषा नमिता पंत

पंत


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