आस्ट्रेलियाई दिग्गज ड्वायेर की भारत को सलाह, प्रदर्शन में निरंतरता बना सकती है अजेय
आस्ट्रेलियाई दिग्गज ड्वायेर की भारत को सलाह, प्रदर्शन में निरंतरता बना सकती है अजेय
(मोना पार्थसारथी)
एम्सटेलवीन , 20 अगस्त (भाषा) आस्ट्रेलिया के महान हॉकी खिलाड़ी जैमी ड्वायेर का मानना है कि भारत के पास विश्व हॉकी में शिखर पर पहुंचने के लिये प्रतिभा, कौशल और ढांचा है लेकिन इसके लिये प्रदर्शन में निरंतरता लानी होगी ।
आस्ट्रेलिया के लिये 365 मैचों में 244 गोल कर चुके ड्वायेर ने एथेंस ओलंपिक में नीदरलैंड के खिलाफ अतिरिक्त समय में गोल करके आस्ट्रेलिया को स्वर्ण पदक दिलाया था । वह 2010 और 2014 विश्व कप में स्वर्ण पदक जीतने वाली आस्ट्रेलिया टीम के भी अहम सदस्य थे ।
एक दशक पहले संन्यास ले चुके 47 वर्ष के ड्वायेर ने भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ आधुनिक हॉकी काफी बदल चुकी है । मैंने दस साल पहले विदा ली थी और तब से अब तक खेल की रफ्तार बहुत बढ चुकी है । इसके बावजूद हमने व्यक्तिगत कौशल को बनाये रखा है । इस विश्व कप में मैने कुछ मैच देखे हैं और जिस तरह की हॉकी खेली जा रही है, उससे मैं काफी प्रभावित हूं । आज के खिलाड़ी अविश्वसनीय रूप से प्रतिभाशाली हैं ।’’
उनका मानना है कि हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय हॉकी टीम में भी काफी संभावनायें हैं । उन्होंने कहा ,‘‘ भारत की पुरूष टीम इस समय शीर्ष टीमों के बराबर है । वे बेहतरीन टीम हैं और टूर्नामेंट जीत सकते हैं ।’’
पेरिस और तोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक जीत चुकी भारतीय टीम को लगातार खिताब जीतने के लिये क्या सलाह देंगे, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ भारत के पास कई अच्छे खिलाड़ी हैं जिनका कौशल देखने में मजा आता है । उनका पेनल्टी कॉर्नर बहुत अच्छा है । उन्हें नीदरलैंड, आस्ट्रेलिया या जर्मनी की तरह लगातार एक टीम के रूप में अच्छा प्रदर्शन करना होगा । ऐसा करने पर उन्हें हराना मुश्किल होगा ।’’
उनका मानना है कि हॉकी इंडिया लीग भारतीय खिलाड़ियों के विकास में मदद कर सकता है जिस तरह से आईपीएल ने क्रिकेट में किया है ।
उन्होंने कहा ,‘‘ हॉकी इंडिया लीग से खिलाड़ियों को मदद मिल रही है । भारतीय क्रिकेट को देखिये , उनके पास एक ही समय पर तीन टीमें खड़ी करने जितनी प्रतिभा है । अगर हॉकी में भी व्यवस्था सही हो जाये तो उन्हें हराना मुश्किल होगा ।’’
भारत में खेलने के अपने अनुभव के बारे में उन्होंने कहा ,‘‘ मुझे भारत में खेलना हमेशा से पसंद रहा है , खासकर 2010 विश्व कप और राष्ट्रमंडल खेल जिसमें हम जीते थे ।’’
इस विश्व कप में भारतीय कप्तान हरमनप्रीत सिंह को क्या सलाह देंगे, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ इतना ही कि अपनी क्षमता का सौ फीसदी दो । हरमनप्रीत शानदार खिलाड़ी और अच्छा कप्तान है । उसे इतना ही कहूंगा कि एक टीम के रूप में अच्छा खेलना सबसे जरूरी है । इस तरह के टूर्नामेंट में आप जीते, हारें या ड्रॉ खेले लेकिन जब खेल से विदा लें तो यह संतोष रहे कि आपने अपना शत प्रतिशत दिया था ।’’
अगले सप्ताह से शुरू हो रही यूरोपीय टी10 लीग में एम्सटर्डम फ्लेम्स टीम के सह मालिक ड्वायेर ने कहा ,‘‘ टीम में स्टीव स्मिथ, अजिंक्य रहाणे, टिम डेविड जैसे खिलाड़ी हैं और मुझे बहुत अच्छा लग रहा है कि नीदरलैंड में इस समय हॉकी विश्व कप और बेहतरीन क्रिकेट साथ में होने जा रहा है । ईटीपीएल में स्टीव वॉ, राहुल द्रविड़, जोंटी रोड्स जैसे महान खिलाड़ी जुड़े हैं और द्रविड़ की विनम्रता का मैं कायल हो गया हूं ।’’
हॉकी को क्रिकेट से क्या सीखना चाहिये, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ जिस तरह से टीवी पर क्रिकेट देखने में मजा आता है, हॉकी को भी टीवी दर्शकों के अनुकूल बनाया जाना चाहिये । मैदान पर हॉकी देखने का मजा टीवी पर नहीं मिल पाता । इस पर काम किया जाये तो टीवी प्रायोजन बढने की अपार संभावनायें हैं ।’’
भाषा मोना नमिता
नमिता

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