ऑस्ट्रेलिया ओपन: सुमित नागल पहले दौर में हारे

ऑस्ट्रेलिया ओपन: सुमित नागल पहले दौर में हारे

ऑस्ट्रेलिया ओपन: सुमित नागल पहले दौर में हारे
Modified Date: January 12, 2025 / 06:25 pm IST
Published Date: January 12, 2025 6:25 pm IST

मेलबर्न, 12 जनवरी (भाषा) सुमित नागल का रविवार को यहां ऑस्ट्रेलियाई ओपन में अभियान पुरुष एकल स्पर्धा में दुनिया के 25वें नंबर के खिलाड़ी टॉमस माचाक से सेटों में मिली हार के साथ खत्म हो गया।

भारत का यह शीर्ष एकल खिलाड़ी अपने मौकों का फायदा उठाने में विफल रहा और चेक गणराज्य के अपने प्रतिद्वंद्वी से 3-6, 1-6, 5-7 से हार गया। माचाक ने अपनी बेहतरीन निरतंरता और सटीकता से दबदबा बनाया।

नागल (91वीं रैंकिंग) मैच के शुरु में आत्मविश्वास से भरे लग रहे थे और उन्होंने अपने पहले तीन सर्विस गेम में सिर्फ दो अंक गंवाए।

हालांकि एक डबल फॉल्ट और लगातार की गई गलतियों के कारण उन्होंने सातवें और नौवें गेम में अपनी सर्विस गंवा दी। इससे माचाक ने पहला सेट जीत लिया।

दूसरे सेट में नागल को शुरू में माचाक की सर्विस तोड़ने का मौका मिला, लेकिन चेक खिलाड़ी ने मजबूती से खेलते हुए ब्रेकप्वाइंट बचा लिया।

इसके बाद माचाक ने नियंत्रण बनाते हुए महज 36 मिनट में सेट जीत लिया।

दो सेट से पिछड़ने के बाद नागल ने तीसरे सेट में जोरदार वापसी की और शुरुआती ब्रेक हासिल किया। इससे उन्होंने 3-0 की बढ़त हासिल की और इसे 5-3 तक बढ़ाया।

हालांकि एक और डबल फॉल्ट सहित कई गलतियों के कारण माचाक ने महत्वपूर्ण ब्रेक के साथ वापसी की। चेक खिलाड़ी ने लय का फायदा उठाते हुए मैच को अपने नाम किया।

पिछले साल नागल ने क्वालीफायर के जरिये ऑस्ट्रेलियन ओपन के मुख्य ड्रॉ में पहुंचकर सुर्खियां बटोरीं थीं। वह तब पहले दौर में उच्च रैंकिंग वाले अलेक्जेंडर बुब्लिक को हराने के बाद दूसरे दौर में बाहर हो गए।

इस बार माचाक के खिलाफ पहले दौर में मिली हार से एकल स्पर्धा में भारत का अभियान समाप्त हो गया।

हालांकि युगल वर्ग में भारतीय प्रतिनिधित्व जारी है।

पिछले साल के पुरुष युगल चैंपियन रोहन बोपन्ना (जिन्होंने ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू एबडेन के साथ खिताब जीता था) इस साल कोलंबिया के निकोलस बैरिएंटोस के साथ जोड़ी बनाएंगे।

युगल ड्रॉ में अन्य भारतीय खिलाड़ियों में युकी भांबरी, एन श्रीराम बालाजी और रित्विक बोलिपल्ली शामिल हैं जो अपने-अपने जोड़ीदारों के साथ प्रतिस्पर्धा करेंगे।

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


लेखक के बारे में