चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने से मुझे आत्मविश्वास मिला: रिजवी

चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने से मुझे आत्मविश्वास मिला: रिजवी

चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने से मुझे आत्मविश्वास मिला: रिजवी
Modified Date: April 2, 2026 / 11:06 am IST
Published Date: April 2, 2026 11:06 am IST

लखनऊ, दो अप्रैल (भाषा) दिल्ली कैपिटल्स के युवा बल्लेबाज समीर रिजवी ने चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करने के मौके का पूरा फायदा उठाया और अब उनका ध्यान इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने पर है।

रिजवी ने अपने कौशल का शानदार नमूना पेश करते हुए दिल्ली कैपिटल्स को लखनऊ सुपर जायंट्स पर छह विकेट से जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई। वह ‘इम्पैक्ट प्लेयर’ के रूप में बल्लेबाजी करने के लिए उतरे थे।

दिल्ली की टीम ने 142 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए चार विकेट 26 रन पर गंवा दिए थे। इसके बाद रिजवी ने जिम्मेदारी संभाली और 47 गेंद पर नाबाद 70 रन बनाकर टीम को लक्ष्य तक पहुंचाया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के ट्रिस्टन स्टब्स (32 गेंदों पर नाबाद 39 रन) के साथ पांचवें विकेट के लिए 119 रन की अटूट साझेदारी की।

रिजवी ने मैच के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोच ने मुझे पहले ही बता दिया था कि तुम नंबर चार पर खेलोगे और हम तुम्हारा साथ देंगे। बस अपना स्वाभाविक, सकारात्मक खेल खेलो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब भी मैं उत्तर प्रदेश के लिए या यूपीटी20 लीग में खेलता हूं तो चौथे नंबर पर बल्लेबाजी करता हूं। अगर आपको आईपीएल में भी उसी नंबर पर बल्लेबाजी करने का मौका मिले तो इससे काफी आत्मविश्वास मिलता है। यह मेरे लिए एक बड़ा अवसर है और कोच भी मुझे अपना स्वाभाविक खेल खेलने की आजादी दे रहे हैं। इसलिए मैं इन अवसरों को भुनाने के लिए पूरी तरह से तैयार हूं।’’

रिजवी ने कहा, ‘‘मैंने अभी तक आईपीएल में ज्यादा मैच नहीं खेले हैं लेकिन मैं अपने प्रदर्शन में निरंतरता बनाए रखने की कोशिश करूंगा और इस पारी को भूलकर अगले मैच पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश करूंगा।’’

आईपीएल में रिजवी का यह लगातार दूसरा अर्धशतक था। उन्होंने पिछले सत्र के अंतिम मैच में भी अर्धशतक बनाया था। मुश्किल परिस्थितियों में लक्ष्य का पीछा करने और स्टब्स के साथ अपनी साझेदारी के बारे में रिजवी ने कहा कि उन्होंने खेल की स्थिति के अनुसार बल्लेबाजी करने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, ‘‘शुरू से ही हमारा इरादा सकारात्मक क्रिकेट खेलने का था, लेकिन जब हमारे चार विकेट गिर गए तो हमने थोड़ा धीमा खेलने और क्रीज पर समय बिताने का फैसला किया। हमने विकेट को समझने की कोशिश की क्योंकि लक्ष्य इतना बड़ा नहीं था। मैं स्टब्स के साथ पहले भी खेल चुका हूं। वह बहुत ही सरल तरीके से और स्थिति के अनुसार खेलते हैं।’’

भाषा

पंत

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