आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी रोकने के लिये ब्रिटिश कंपनी की मदद लेगा बीसीसीआई

आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी रोकने के लिये ब्रिटिश कंपनी की मदद लेगा बीसीसीआई

आईपीएल के दौरान सट्टेबाजी रोकने के लिये ब्रिटिश कंपनी की मदद लेगा बीसीसीआई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: September 16, 2020 11:26 am IST

नयी दिल्ली, 16 सितंबर (भाषा) भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने आगामी इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के दौरान सट्टेबाजी और अन्य भ्रष्ट गतिविधियों को रोकने ले लिये ब्रिटेन स्थित कंपनी स्पोर्टरडार के साथ करार किया है जो अपनी धोखाधड़ी जांच प्रणाली (एफडीएस) के जरिये सेवाएं देगी।

आईपीलए का 13वां सत्र खाली स्टेडियमों में खेला जाएगा और ऐसे में अजित सिंह की अगुवाई वाली बीसीसीआई भ्रष्टाचार निरोधक इकाई (एसीयू) के सामने एक अलग तरह की चुनौती होगी क्योंकि कुछ राज्यस्तरीय लीग के दौरान सट्टेबाजी से जुड़ी धोखाधड़ी बढ़ी है और इस लुभावनी प्रतियोगिता के दौरान इसके बढ़ने की संभावना है।

आईपीएल के एक सूत्र ने पीटीआई-भाषा से कहा, ‘‘हां, बीसीसीआई ने इस साल के आईपीएल के लिये स्पोर्टरडार के साथ करार किया है। वे एसीयू के साथ मिलकर काम करेंगे और अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘स्पोर्टरडार ने हाल में गोवा फुटबाल लीग के आधा दर्जन मैचों को संदेह के घेरे में रखा था। वे फीफा (विश्व फुटबॉल संस्था), यूएफा (यूरोपीय फुटबॉल की संस्था) और विश्व भर की विभिन्न लीग के साथ काम कर चुके हैं। ’’

बीसीसीआई एसीयू ने हाल में तमिलनाडु प्रीमियर लीग (टीएनपीएल) सहित राज्यस्तरीय टी20 लीग के दौरान सट्टेबाजी के अलग तरह के नमूनों का पता लगाया था। अलग तरह के दांव लगाये जाने के कारण एक प्रमुख सट्टा कंपनी ने दांव लगवाना बंद कर दिया था।

स्पोर्टरडार के अनुसार धोखाधड़ी जांच प्रणाली (एफडीएस) एक विशिष्ट सेवा है जो खेलों में सट्टेबाजी से संबंधित हेराफेरी का पता लगाती है। यह इसलिए संभव हो पाता है क्योंकि एफडीएस के पास मैच फिक्सिंग के उद्देश्य से लगाये जाने वाली बोलियों को समझने के लिये उपयुक्त प्रणाली है।

भाषा पंत सुधीर

सुधीर


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