चीन को उसके देश में हराने से युवा निशानेबाजों का आत्मविश्वास बढा, कहा पिस्टल कोच समरेश जंग ने

चीन को उसके देश में हराने से युवा निशानेबाजों का आत्मविश्वास बढा, कहा पिस्टल कोच समरेश जंग ने

चीन को उसके देश में हराने से युवा निशानेबाजों का आत्मविश्वास बढा, कहा पिस्टल कोच समरेश जंग ने
Modified Date: September 30, 2023 / 12:16 pm IST
Published Date: September 30, 2023 12:16 pm IST

(मोना पार्थसारथी)

नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) एशियाई खेलों में अभूतपूर्व प्रदर्शन करने वाले भारत के युवा निशानेबाजों की तारीफ करते हुए राष्ट्रीय पिस्टल कोच समरेश जंग ने कहा कि चीन जैसे दिग्गज को हराकर इन्होंने अपनी क्षमता और संभावनायें साबित कर दी है और अब इस लय को बरकरार रखने की जरूरत है ।

10 मीटर एयर पिस्टल कोच जंग ने हांगझोउ से भाषा को दिये इंटरव्यू में कहा ,‘‘ यह उनके सफर की शुरूआत है । अभी ये 17 , 18 , 20 वर्ष के हैं और इन्हें लंबा सफर तय करना है लेकिन ये एशियाई खेल उनके लिये मील का पत्थर साबित होंगे ।’’

 ⁠

भारतीय निशानेबाजों ने एशियाई खेलों में अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए छह स्वर्ण, आठ रजत और पांच कांस्य समेत 19 पदक जीत लिये हैं ।

रियो और तोक्यो ओलंपिक से बैरंग लौटने की निराशा को दूर करके इन खेलों से पेरिस ओलंपिक के लिये नयी उम्मीद जगी है ।

राष्ट्रमंडल खेल 2006 में पांच स्वर्ण जीत चुके जंग ने कहा, ‘‘ इन निशानेबाजों को इस आत्मविश्वास की जरूरत थी कि ये दिग्गजों को हरा सकते हैं । चीन जैसे पावरहाउस को चीन में हराने से इनका मनोबल बढा होगा । इससे इन्हें यह भरोसा मिला है कि ये किसी को भी हरा सकते हैं ।’’

सत्रह वर्ष की पलक गूलिया और 18 वर्ष की ईशा सिंह ने 10 मीटर एयर पिस्टल महिला वर्ग में स्वर्ण और रजत पदक हासिल किया । वहीं सरबजोत सिंह, अर्जुन सिंह चीमा और शिवा नरवाल ने चीनी टीम को हराकर 10 मीटर एयर पिस्टल पुरूष टीम वर्ग में स्वर्ण जीता । भारत ने महिला 10 मीटर एयर पिस्टल और मिश्रित टीम वर्ग में रजत पदक भी हासिल किये ।

जंग ने कहा ,‘‘ शीर्ष दो पर रहना गर्व की बात है । जब भी राष्ट्रगीत बजता है तो रोंगटे खड़े हो जाते हैं । दो तिरंगे एक साथ ऊपर लहराते देखना अद्भुत था और मुझे यकीन है कि हर भारतीय को ऐसा ही महसूस हुआ होगा ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ ईशा और पलक बहुत छोटी हैं । उनमें अपार प्रतिभा है और इसी वजह से वे राष्ट्रीय टीम में हैं । उनके लिये यह सबसे बड़ी स्पर्धा थी । विश्व चैम्पियनशिप से एशियाई खेल अलग होते हैं और उन्होंने यहां शानदार प्रदर्शन किया । युवाओं के ऐसे प्रदर्शन से भारतीय निशानेबाजी का भविष्य उज्जवल दिखता है ।’’

प्रदर्शन से खुश जंग ने हालांकि यह भी अफसोस जताया कि कुछ भारतीय निशानेबाज मामूली अंतर से पदक से चूक गए।

उन्होंने कहा ,‘‘मैं नतीजों से बहुत खुश हूं लेकिन कुछ निशानेबाज मामूली अंतर से चौथे स्थान पर रह गए । वे पदक जीत सकते थे । वैसे भी सुधार की गुंजाइश तो हमेशा ही रहती है ।’’

जंग ने कहा ,‘‘ लेकिन मैं पदक विजेताओं की सराहना करना चाहूंगा । हमारे निशानेबाजों ने काफी मेहनत की थी और वे पूरी तैयारी के उतरे थे ।’’

इस प्रदर्शन के बाद क्या पेरिस ओलंपिक में पदक की उम्मीद की जा सकती है, यह पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ पदक की उम्मीद तो हमेशा रहती है और इसीलिये हम ओलंपिक में जाते हैं । ओलंपिक में निशानेबाजी में इतने पदक जीतने के बाद हम सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराने नहीं जाते लेकिन इस खेल में कोई गारंटी नहीं होती ।’’

उन्होंने कहा ,‘‘ हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हैं लेकिन कोई और हमसे बेहतर कर जाता है तो कुछ नहीं कर सकते । उसे भुलाकर आगे बढना होता है । हम पूरी कोशिश करेंगे कि जीत की यह आदत बनी रहे ।’’

भविष्य के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा ,‘‘ अभी एशियाई निशानेबाजी चैम्पियनशिप है जहां से ओलंपिक कोटा मिलेंगे । निशानेबाजों को दस दिन का ब्रेक मिलेगा जिसके बाद राष्ट्रीय शिविर शुरू होगा ।’’

राष्ट्रमंडल खेलों में ढेरों पदक जीतने के बाद ‘गोल्डफिंगर’ का उपनाम पाने वाले जंग अब यह विशेषण किसे देना चाहेंगे, यह पूछने पर उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा ,‘‘ अभी मैं इंतजार करूंगा और कुछ समय और इसे अपने पास ही रखूंगा ।’’

भाषा मोना पंत

मोना

मोना


लेखक के बारे में