खिलाड़ी होने से कैंसर से लड़ने में मदद मिली: सकलेन
खिलाड़ी होने से कैंसर से लड़ने में मदद मिली: सकलेन
लाहौर, नौ सितंबर (भाषा) पाकिस्तान के शीर्ष हॉकी खिलाड़ियों में शामिल रहे मुहम्मद सकलेन ने बुधवार को खुलासा किया कि वह कैंसर से जूझ रहे थे और उनके खेल से जुड़े अनुभव ने इस जानलेवा बीमारी से लड़ने में उनकी काफी मदद की।
अड़तालिस वर्षीय सकलेन को आठ महीने पहले ‘स्टेज-4 बी ओरल कैंसर’ (मुंह के कैंसर) का पता चला था।
उन्होंने कहा, ‘‘यह मेरे लिए बहुत बड़ा झटका था क्योंकि जब आप एक खिलाड़ी होते हैं तो आपको विश्वास ही नहीं होता कि आपको कोई गंभीर और जानलेवा बीमारी हो सकती है। ’’
सकलेन ने बताया कि पूरी तरह ठीक होने के लिए उनका ‘इम्यूनोथेरेपी’ के जरिए इलाज अब भी जारी है। हालांकि शुरुआत में ‘स्टेज-4’ कैंसर के लिए उन्हें करीब आठ घंटे लंबी सर्जरी से गुजरना पड़ा था।
उन्होंने कहा, ‘‘एक खिलाड़ी और हॉकी खिलाड़ी होने के नाते मैंने हमेशा विपरीत परिस्थितियों से लड़ना सीखा है। मुझे पता है कि इससे मुझे कैंसर के खिलाफ लड़ाई में काफी मदद मिली है। ’’
सकलेन ने बताया कि उन्होंने अपनी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कभी सार्वजनिक नहीं किया क्योंकि पहले से ही लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत सारी परेशानियों का सामना कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी समस्याएं बताकर उन्हें और परेशान क्यों करता? इसलिए मैंने चुपचाप अपना इलाज कराया और अब मैं पूरी तरह ठीक होने के करीब हूं। ’’
सकलेन ने कहा कि उन्होंने विश्व कप में पाकिस्तान के हालिया मैच देखे और टीम के नतीजे देखकर उन्हें काफी दुख हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी हॉकी की स्थिति को देखना उतना ही मुश्किल है, जितना कैंसर से लड़ना। ’’
भाषा नमिता सुधीर
सुधीर

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