चयनकर्ताओं के साक्षात्कार के लिए 29 दिसंबर को हो सकती है सीएसी की बैठक

चयनकर्ताओं के साक्षात्कार के लिए 29 दिसंबर को हो सकती है सीएसी की बैठक

चयनकर्ताओं के साक्षात्कार के लिए 29 दिसंबर को हो सकती है सीएसी की बैठक
Modified Date: December 27, 2022 / 10:02 pm IST
Published Date: December 27, 2022 10:02 pm IST

….कुशान सरकार….

नयी दिल्ली, 27 दिसंबर (भाषा) अशोक मल्होत्रा, सुलक्षणा नाइक और जतिन परांजपे की क्रिकेट सलाहकार समिति (सीएसी) की 29 दिसंबर को मुंबई में नयी राष्ट्रीय चयन समिति के संभावित उम्मीदवारों के साक्षात्कार के लिए बैठक होने की संभावना है। समझा जाता है कि बीसीसीआई साक्षात्कार के लिए नामों को छांटने की प्रक्रिया में है और पिछली चयन समिति के अध्यक्ष चेतन शर्मा के मध्य क्षेत्र के अपने सहयोगी हरविंदर सिंह के साथ सूची में शामिल होने की काफी संभावना है। बीसीसीआई के एक सूत्र ने गोपनीयता की शर्त पर ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘अगर सब कुछ ठीक रहा तो 29 दिसंबर को सीएसी की मुंबई में बैठक होनी है। इसी में चयनित नामों का साक्षात्कार भी होगा। ’’ इस बीच समझा जाता है कि चेतन और उनकी समिति को एक और सप्ताह का विस्तार दिया गया है। इस दौरान उन्हें रणजी ट्रॉफी मैचों पर नजर रखने के लिए कहा गया है। चेतन और उनके सहयोगी हरविंदर तमिलनाडु के खिलाफ घरेलू टीम का मैच देखने के लिए दिल्ली में थे, जबकि सुनील जोशी हैदराबाद में असम और हैदराबाद के बीच मैच देख रहे थे। सूत्र ने कहा, ‘‘ उन्हें कल ही सूचित किया गया था कि उन्हें इस दौर के मैचों को देखने की जरूरत है।’’ यह  हालांकि समझा जाता है कि चेतन और हरविंदर दोनों का सीएसी से फिर से साक्षात्कार लिये जाने की संभावना है और दोनों अपने-अपने क्षेत्र से चयनकर्ता पद पर बने रह सकते हैं। इस घटनाक्रम पर नजर रख रहे बीसीसीआई सूत्रों का मानना है कि बोर्ड के अधिकारियों को इस पद के लिए अधिक संख्या में उपयुक्त नाम नहीं मिले हैं क्योंकि सर्वश्रेष्ठ प्रतिभा को आकर्षित करने के लिए अध्यक्ष के लिए 1.25 करोड़ रुपये और अन्य सदस्यों के लिए 1 करोड़ रुपये एक पैकेज (वेतन) आकर्षक  नहीं माना जाता है। सूत्र ने कहा, ‘‘ चेतन के पास अध्यक्ष के रूप में या  फिर कम से कम उत्तर क्षेत्र के प्रतिनिधि के रूप में चयन समिति में बने रहने का अच्छा मौका है। सच्चाई यह है कि इस पद  के लिए बीसीसीआई को किसी शीर्ष स्तर के पूर्व खिलाड़ी का नाम नहीं मिल रहा है। अगर चेतन के पास मौका नहीं होता तो वह आवेदन क्यों करता? उन्हें कुछ आश्वासन जरूर मिले होंगे।’’ भाषा आनन्द मोनामोना


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