मेस्सी कमाल के खिलाड़ी लेकिन सर्वकालिक महान खिलाड़ी नहीं: कॉन्स्टेंटाइन
मेस्सी कमाल के खिलाड़ी लेकिन सर्वकालिक महान खिलाड़ी नहीं: कॉन्स्टेंटाइन
… तपन मोहंता …
कोलकाता, 18 जुलाई (भाषा) दुनिया भर में कोचिंग दे चुके इंग्लैंड के फुटबॉल कोच स्टीफन कॉन्स्टेंटाइन ने लियोनेल मेस्सी की तारीफ की लेकिन उन्होंने अर्जेंटीना के मौजूदा कप्तान को सर्वकालिक महान फुटबॉल खिलाड़ी मानने से इनकार कर दिया। कॉन्स्टेंटाइन ने कहा कि गेंद के साथ मेस्सी बेहद खतरनाक और लगभग अजेय नजर आते हैं, लेकिन गेंद के बिना अर्जेंटीना को उनके लिए अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है। रवांडा की राष्ट्रीय टीम के कोच कॉन्स्टेंटाइन ने पीटीआई से कहा, ‘मेस्सी शानदार खिलाड़ी हैं और दुनिया के महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं। लेकिन अंतर यह है कि अर्जेंटीना के छह-सात खिलाड़ी उनके लिए दौड़ लगाते हैं और उन्हें गेंद पहुंचाते हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘जब गेंद मेस्सी के पास होती है तो उन्हें रोकना बेहद मुश्किल होता है। लेकिन जब गेंद मेस्सी से दूर होती है तो आपकी टीम प्रभावी रूप से 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रही होती है क्योंकि बाकी खिलाड़ियों को उनके हिस्से का काम भी संभालना पड़ता है। अर्जेंटीना हालांकि यह काम शानदार तरीके से करता है।’’ कॉन्स्टेंटाइन ने कहा, ‘‘मेरे लिए मेस्सी सर्वश्रेष्ठ नहीं हैं। वह महानतम खिलाड़ियों में से एक हैं, लेकिन मैं उन्हें नंबर एक नहीं कहूंगा।’’ कॉन्स्टेंटाइन ने रविवार को होने वाले फाइनल को लेकर स्पेन को खिताब का दावेदार बताया लेकिन उन्होंने माना कि अर्जेंटीना के अनुभव और मेस्सी की मैच जिताने की क्षमता बेहद खतरनाक है। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुकाबला बेहद करीबी होगा। अगर मैं दांव लगाने वाला व्यक्ति होता तो स्पेन पर पैसा लगाता। हालांकि मैंने सोचा था कि इंग्लैंड अर्जेंटीना को हरा देगा। फुटबॉल में कुछ भी निश्चित नहीं होता।’’ अर्जेंटीना ने सेमीफाइनल में पिछड़ने के बाद आखिरी 15 मिनट में शानदार वापसी करते हुए इंग्लैंड को 2-1 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। कॉन्स्टेंटाइन ने स्पेन के बारे में कहा कि उनकी सबसे बड़ी ताकत पूरी टीम का एकजुट होकर खेलना है। उन्होंने मिडफील्डर रोड्री की भी तारीफ की। उन्होंने कहा, ‘‘रोड्री शानदार खिलाड़ी हैं। स्पेन की खासियत यह है कि उनकी पूरी टीम दौड़ती है और हर खिलाड़ी अपना काम करता है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अर्जेंटीना में मेस्सी पीछे आकर खिलाड़ियों को रोकने के लिए नहीं दौड़ते और हवाई गेंदों के लिए भी नहीं जाते। लेकिन जब गेंद उनके पास होती है तो वह शानदार और लगभग अजेय होते हैं।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता

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