पनामा से सबक लेना होगा क्रिकेट के दीवाने भारत को

पनामा से सबक लेना होगा क्रिकेट के दीवाने भारत को

पनामा से सबक लेना होगा क्रिकेट के दीवाने भारत को
Modified Date: September 24, 2026 / 07:55 pm IST
Published Date: September 24, 2026 7:55 pm IST

बेंगलुरु, 24 सितंबर (भाषा) भारत जिस तरह से अभी क्रिकेट का दीवाना है उसी तरह से कभी पनामा के लोगों में बेसबॉल के प्रति दीवानगी थी लेकिन इसके बाद उसने फुटबॉल पर ध्यान केंद्रित किया जिसका परिणाम यह रहा कि वह 2018 और 2026 के विश्व कप में भाग लेने में सफल रहा।

थॉमस क्रिस्टियनसेन 2020 से पनामा के फुटबॉल कोच हैं। उन्होंने पनामा में बेसबॉल और फुटबॉल के बीच जंग को करीब से देखा है और उनका मानना ​​है कि भारत उससे सीख ले सकता है।

क्रिस्टियनसेन जानते हैं कि क्रिकेट भारत का नंबर एक खेल है, लेकिन सुनियोजित प्रयासों से फुटबॉल को भी प्रासंगिक बनाया जा सकता है।

क्रिस्टियनसेन ने यहां भारत के खिलाफ फीफा मैत्री मैच की पूर्व संध्या पर कहा, ‘‘मैं जानता हूं कि आपको एक सामाजिक परिस्थिति से निपटना होगा, क्योंकि यहां क्रिकेट नंबर एक खेल है। कुछ साल पहले पनामा में भी ऐसा ही था। वहां बेसबॉल पर ध्यान केंद्रित किया जाता था। फुटबॉल को उच्च स्तर पर लाने के लिए आपको इसी तरह की चुनौतियों का सामना करना होगा।’’

उन्होंने हालांकि यह भी कहा है कि फीफा रैंकिंग में वर्तमान में 138वें स्थान पर मौजूद भारत ने पिछले कुछ वर्षों में कुछ सुधार किए हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘मैंने यह भी देखा है कि पिछले कुछ वर्षों में टीम में काफी सुधार हुआ है, और इसका कारण यह है कि आपकी अपनी घरेलू लीग में सुधार हुआ है।’’

भाषा

पंत सुधीर

सुधीर


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