दीव अगले मेजबान की घोषणा होने तक केआईबीजी का स्थायी स्थल रहेगा
दीव अगले मेजबान की घोषणा होने तक केआईबीजी का स्थायी स्थल रहेगा
दीव, 10 जनवरी (भाषा) ‘खेलो इंडिया बीच गेम्स (केआईबीजी)’ के लिए किसी नए स्थल की घोषणा होने तक दीव जनवरी के महीने में आयोजित होने वाले इन खेलों के लिए स्थायी मेजबान बना रहेगा।
खेल मंत्रालय ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया है कि तटीय शहर दीव 2027 सत्र की मेजबानी भी करेगा।
केआईबीजी के नोडल अधिकारी अक्षय कोटलवार ने कहा कि यह फैसला पहले दो सत्रों के सफल आयोजन और इस साल बेहतर योजना के चलते लिया गया है।
कोटलवार ने पीटीआई से कहा,‘‘2024 में हमने अपने स्तर पर पहली बहु-खेल बीच प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया था। इसके बाद खेल एवं युवा कार्य मंत्रालय ने हमें पिछले साल पहली बार आयोजित हुए खेलो इंडिया बीच गेम्स की जिम्मेदारी सौंपी।”
उन्होंने कहा, ‘‘ यह आयोजन पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर की पृष्ठभूमि में हुआ था और हमारे पास तैयारियों के लिए बहुत कम समय था। कुछ लॉजिस्टिक (खेल आयोजन के लिए जरूरी साजो-सामान की उपलब्धता) चुनौतियां जरूर थीं, लेकिन इसके बावजूद हम इसे सफलतापूर्वक आयोजित करने में कामयाब रहे।”
‘खेलो इंडिया बीच गेम्स’ के कैलेंडर में स्थायी रूप से शामिल हो जाने के बाद अब दीव इसका दीर्घकालिक केंद्र बनने जा रहा है।
कोटलवार ने कहा,‘‘इस बार हमें पहले से पता था कि खेलो इंडिया बीच गेम्स फिर से हो रहे हैं और जनवरी की सर्दियों का यह तय समय इसका निर्धारित विंडो है। अब यह दीव में स्थायी आयोजन बन गया है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ हमें साइ (भारतीय खेल प्राधिकरण) और मंत्रालय से पहले ही मंजूरी मिल गई थी। इससे बेहतर समन्वय संभव हो सका। तारीखों की घोषणा एक महीने पहले कर दी गई थी। अब तक कोई बड़ी समस्या नहीं आई है और तकनीकी तौर पर आयोजन बिल्कुल सुचारू रहा है।”
उन्होंने कहा, ‘‘केंद्रीय खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की है कि अगला स्थल घोषित होने तक दीव ही स्थायी आयोजन स्थल बना रहेगा। ऐसे में तीसरा सत्र 2027 में इसी स्थान और इसी समय आयोजित किया जाएगा।”
केआईबीजी का आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण और राष्ट्रीय खेल महासंघों की तकनीकी देखरेख में किया जा रहा है।
इसके दूसरे सत्र में 1,100 से अधिक खिलाड़ी आठ विभिन्न खेलों वॉलीबॉल, सॉकर, सेपकटकरा, कबड्डी, पैनकेक सिलाट, ओपन वॉटर तैराकी, मल्लखंभ और रस्साकशी में चुनौती पेश कर रहे हैं।
भाषा आनन्द
आनन्द

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