पाफोस (साइप्रस), आठ अप्रैल (भाषा) भारतीय शतरंज की युवा सनसनी दिव्या देशमुख ने शानदार वापसी करते हुए ड्रॉ की तरफ बढ़ रही बाजी को जीत में बदलकर कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में महिला वर्ग में संयुक्त बढ़त हासिल कर ली, लेकिन ओपन वर्ग में खेल रहे आर प्रज्ञाननंदा आठवें दौर में नीदरलैंड के ग्रैंडमास्टर अनीश गिरी से हार के बाद खिताब हासिल करने की दौड़ से लगभग बाहर हो गए हैं।
महिला वर्ग में विश्व कप विजेता देशमुख ने काले मोहरों से खेलते हुए यूक्रेन की अन्ना मुजिचुक को हराया और 4.5 अंकों के साथ संयुक्त बढ़त बना ली। अब कुल चार खिलाड़ी संयुक्त रूप से आगे चल रही हैं।
एक समय लग रहा था कि बाजी ड्रॉ पर समाप्त हो जाएगी लेकिन दिव्या देशमुख ने उम्मीद नहीं छोड़ी और अंतिम समय में अपनी प्रतिद्वंदी की एक अनचाही गलती का फायदा उठाते हुए महत्वपूर्ण जीत हासिल की।
महिला वर्ग में भाग ले रही दूसरी भारतीय खिलाड़ी आर वैशाली ने कजाकिस्तान की बिबिसारा असौबायेवा के साथ ड्रॉ खेला। वह आठ बाजियों के बाद 4.5 अंकों के साथ देशमुख, यूक्रेन की कटेरीना लागनो, चीन की झू जिनर और मुजिचुक के साथ शीर्ष स्थान पर पहुंच गईं।
ओपन वर्ग में शीर्ष पर चल रहे उज्बेकिस्तान के जावोखिर सिंदारोव ने रूस के सबसे निचले पायदान पर मौजूद एंड्री एसेपेंको के साथ ड्रॉ खेला, जबकि गिरी ने प्रज्ञाननंदा को हराया। भारतीय खिलाड़ी की टूर्नामेंट में यह दूसरी हार है।
सिंदारोव ने आठ में से 6.5 अंक हासिल कर लिए हैं और खिताब की तरफ बढ़ रहे हैं। अब उनकी बढ़त दो अंकों की हो गई है। 700,000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि वाले इस टूर्नामेंट में छह दौर का खेल बचा हुआ है। इस टूर्नामेंट का विजेता खिलाड़ी मौजूदा विश्व चैंपियन डी गुकेश का सामना करेगा।
सिंदारोव के बाद अमेरिका के गिरी और फैबियानो कारुआना का नंबर आता है। यह दोनों उनसे दो अंक पीछे हैं। प्रज्ञाननंदा, चीन के वेई यी, जर्मनी के मैथियास ब्लूबाउम और हिकारू नाकामुरा 3.5 अंकों के साथ संयुक्त चौथे स्थान पर हैं। अंतिम स्थान पर चल रहे एसेपेंको उनसे एक अंक पीछे हैं।
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