ज्ञानेश्वरी, बिंदियारानी भारोत्तोलन में चमकीं, एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में भारत की शानदार शुरुआत

ज्ञानेश्वरी, बिंदियारानी भारोत्तोलन में चमकीं, एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में भारत की शानदार शुरुआत

ज्ञानेश्वरी, बिंदियारानी भारोत्तोलन में चमकीं, एथलेटिक्स और मुक्केबाजी में भारत की शानदार शुरुआत
Modified Date: July 27, 2026 / 11:37 pm IST
Published Date: July 27, 2026 11:37 pm IST

… अपराजिता उपाध्याय …

ग्लास्गो, 27 जुलाई (भाषा) भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों में सोमवार को महिलाओं के 53 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीतकर भारत के अभियान की अगुआई की, जबकि बिंदियारानी देवी ने कांस्य पदक हासिल कर पदकों की संख्या को बढ़ने में योगदान दिया। भारत के एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने फाइनल और मुक्केबाजों ने क्वार्टर फाइनल में जगह बनाकर देश के लिए उम्मीदें बढ़ा दीं। एशियाई चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी ने लगातार बनते टूटते रिकॉर्ड के बीच सोमवार को रजत पदक जीता । छत्तीसगढ के भोंडिया गांव की 23 साल की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया । नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता । उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया । कनाडा की रेबेका ग्राउल ने 178 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता । इस मुकाबले में आंकड़े हालांकि पूरी कहानी नहीं बताते । यहां दो युवा भारोत्तोलकों के बीच एक जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला, जिसमें कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। लगभग हर सफल कोशिश के बाद अधिकारियों को नया खेल रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए तेजी दिखानी पड़ी, क्योंकि ज्ञानेश्वरी और ओनोमे के बीच कड़ी टक्कर चल रही थी और इस मुकाबले ने खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों को अपनी सीटों से उठने पर मजबूर कर दिया। स्नैच में ज्ञानेश्वरी के तीनों लिफ्ट साफ सुथरे थे । क्लीन एंड जर्क में शानदार मुकाबला रहा । भारतीय खिलाड़ी ने 107 किलो वजन उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया लेकिन ओनोमे ने तुरंत ही 110 किलो वजन उठाकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया । ज्ञानेश्वरी भी हार मानने को तैयार नहीं थी जिन्होंने 111 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड अपने नाम किया । यह रिकॉर्ड हालांकि एक मिनट ही उनके नाम रहा और ओनोमे ने 113 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड पर कब्जा कर लिया । बाद में अनुभवी भारतीय भारोत्तोलक बिंदियारानी देवी ने अच्छी चुनौती दी लेकिन क्लीन एंड जर्क में दो नाकाम प्रयासों के कारण उन्हें कांस्य पदक से संजोष करना पड़ा । बिंदियारानी ने स्नैच में 87 और क्लीन एंड जर्क में 112 समेत कुल 199 किलो वजन उठाया । विश्व चैम्पियनशिप रजत पदक विजेता नाइजीरिया की राफियातू फोलाशेड ने 229 किलो वजन उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता जबकि कनाडा की अन सोफी को रजत पदक मिला जिन्होंने 215 किलो वजन उठाया । भारत के लंबी कूद के खिलाड़ी एम श्रीशंकर ने क्वालीफाइंग स्तर पार करके राष्ट्रमंडल खेलों के फाइनल में जगह बनाई जबकि लोकेश सत्यनाथन भी शीर्ष 12 में जगह बनाकर आगे बढ़ने में सफल रहे। श्रीशंकर ने ग्रुप ए में अपने पहले ही प्रयास में 8.01 मीटर की दूरी तय करके सीधे फाइनल के लिए क्वालीफाई कर लिया। उनका सत्र का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन 8.38 मीटर है। फाइनल के लिए क्वालीफाइंग स्तर आठ मीटर या सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले कम से कम 12 खिलाड़ी थे। सत्ताइस साल के श्रीशंकर ग्रुप ए से सीधे क्वालीफाई करने वाले एकमात्र खिलाड़ी रहे। इस ग्रुप से पांच अन्य खिलाड़ियों ने शीर्ष 12 में जगह बनाकर फाइनल में प्रवेश किया। ग्रुप बी में चुनौती पेश कर रहे सत्यनाथन ने अपने पहले ही प्रयास में 7.77 मीटर की दूरी तय की। वह ग्रुप बी में रेगन कोरिन (7.84 मीटर) के बाद चौथे स्थान पर रहे। जमैका के तेजाय गेल (8.10 मीटर) और उरोय रेयान (8.04 मीटर) ने ग्रुप बी से सीधे फाइनल में जगह बनाई। फाइनल 29 जुलाई को होगा। भारतीय फर्राटा धावक गुरिंदरवीर सिंह उम्मीदों पर खरे नहीं उतर पाए और 10.39 सेकंड के निराशाजनक समय के साथ हीट (शुरुआती दौर) में 28वें स्थान पर रहने के बाद पुरुषों की 100 मीटर दौड़ की स्पर्धा से बाहर हो गए। गुरिंदरवीर से 100 मीटर दौड़ में अपने सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के करीब भी नहीं पहुंच पाए और पहले दौर में ही बाहर हो गए। गुरिंदरवीर ने हीट चार की पांचवीं लेन में अच्छी शुरुआत की। वह शुरू में जमैका के रोहन वॉटसन के साथ बने रहे, लेकिन जमैका के खिलाड़ी ने अंतिम 30-35 मीटर में तेजी दिखाई और 10.13 सेकंड के साथ पहला स्थान हासिल किया। भारतीय खिलाड़ी ने अपनी हीट में दूसरा स्थान हासिल किया लेकिन वह कुल मिलाकर 28वें स्थान पर रहे और इस तरह से सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गए। मुक्केबाजी में पूर्व विश्व युवा चैंपियन सचिन सिवाच , उभरते हुए युवा मुक्केबाज अंकुश और साक्षी चौधरी ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। छब्बीस साल के सचिन ने प्री क्वार्टर फाइनल में इंग्लैंड के विलियम हेविट को 4-1 से हराया। भारतीय खिलाड़ी ने इंग्लैंड के मुक्केबाज के खिलाफ धैर्य बरकरार रखते हुए जीत दर्ज की। पांच जज में से चार ने भारतीय मुक्केबाज के पक्ष में फैसला दिया। इस जीत से सचिन राष्ट्रमंडल खेलों में पदक से सिर्फ एक जीत दूर हैं। अब उनका अगला मुकाबला क्वार्टर फाइनल में बोत्सवाना के ट्रेजर मोरेमी से होगा। अंकुश ने प्री क्वार्टर फाइनल में एकतरफा मुकाबले में एंटीगा एवं बारबुडा के यान जेलान को सर्वसम्मत फैसले में 5-0 से हराया। हरियाणा के इस 20 वर्षीय मुक्केबाज को भी पदक पक्का करने के लिए सिर्फ एक और जीत की दरकार है। वहीं पूर्व विश्व युवा और जूनियर चैम्पियन साक्षी ने 51 किलोवर्ग में बोत्सवाना की लेथाबो मोडुकानेले को 5 . 0 से हराया । अब वह उत्तरी आयरलैंड की कैटलिन फ्रायेर्स से खेलेंगी । तैराकी में दो बार के ओलंपियन साजन प्रकाश ने सभी हीट (शुरुआती दौर) में कुल छठे स्थान पर रहते हुए राष्ट्रमंडल खेलों की पुरुष 200 मीटर बटरफ्लाई स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। साजन हीट नंबर दो में एक मिनट 58.59 सेकेंड के समय के साथ स्कॉटलैंड के डंकन स्कॉट से पीछे रहे जिन्होंने एक मिनट 58.29 सेकेंड के समय के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया। आर्यन नेहरा (पुरुषों की 800 मीटर फ्रीस्टाइल) और पैरा तैराक स्वातिक पटेल (पुरुषों की 100 मीटर बैकस्ट्रोक एसबी9) ने भी फाइनल में जगह बनाई। भाषा आनन्द मोनामोना


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