भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने रिकॉर्डतोड़ मुकाबले के बाद रजत पदक जीता

भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने रिकॉर्डतोड़ मुकाबले के बाद रजत पदक जीता

भारोत्तोलक ज्ञानेश्वरी यादव ने रिकॉर्डतोड़ मुकाबले के बाद रजत पदक जीता
Modified Date: July 27, 2026 / 09:34 pm IST
Published Date: July 27, 2026 9:34 pm IST

(तस्वीरों के साथ)

(अपराजिता उपाध्याय)

ग्लास्गो, 27 जुलाई (भाषा) एशियाई चैम्पियनशिप कांस्य पदक विजेता ज्ञानेश्वरी यादव ने राष्ट्रमंडल खेलों की भारोत्तोलन स्पर्धा में महिलाओं के 53 किलो वर्ग में लगातार बनते टूटते रिकॉर्ड के बीच सोमवार को रजत पदक जीता ।

छत्तीसगढ के भोंडिया गांव की ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलो और क्लीन एंड जर्क में 111 किलो समेत कुल 199 किलो वजन उठाया ।

नाइजीरिया की ओनोमे ओमोलोला ने राष्ट्रमंडल और राष्ट्रमंडल खेलों का रिकॉर्ड तोड़कर 206 किलो वजन उठाते हुए स्वर्ण पदक जीता । उन्होंने स्नैच में 93 किलो और क्लीन एंड जर्क में 113 किलो वजन उठाया ।

कनाडा की रेबेका ग्राउल ने 178 किलो वजन उठाकर कांस्य पदक जीता ।

ज्ञानेश्वरी ने कहा ,‘‘ मैं बहुत खुश हूं । मैं अपना सर्वश्रेष्ठ निजी प्रदर्शन करना चाहती थी जो किया ।’’

स्वर्ण पदक की हैट्रिक लगाने वाली मीराबाई चानू को प्रेरणास्रोत बताते हुए उन्होंने कहा ,‘‘ मीरा दीदी प्रेरणा देती हैं और जब उन्होंने 48 किलो में स्वर्ण जीता तो मुझे लगा कि मुझे भी जीता चाहिये ।’’

ज्ञानेश्वरी ने अपने पिता दीपक यादव का खेलों का अधूरा सपना भी पूरा किया जो आर्थिक दिक्कतों के कारण बॉडी बिल्डिंग का अपना शौक पूरा नहीं कर सके । इलेक्ट्रिशियन का काम करने वाले यादव ने अपनी बेटी का सपना पूरा करने में पूरी मदद की ।

ज्ञानेश्वरी ने कहा ,‘‘ मेरे पिता बॉडी बिल्डिंग करते थे लेकिन गरीबी के कारण उन्हें छोड़ना पड़ा । हम गांव से शहर आ गए । पहले मैं पावरलिफ्टिंग करती थी लेकिन फिर भारोत्तोलन शुरू किया ।मेरे पिता ने आर्थिक अड़चनों के बावजूद मुझे कोई कमी महसूस नहीं होने दी ।’’

आज के मुकाबले में आंकड़े हालांकि पूरी कहानी नहीं बताते । यहां दो युवा भारोत्तोलकों के बीच एक जबरदस्त मुकाबला देखने को मिला, जिसमें कोई भी पीछे हटने को तैयार नहीं था। लगभग हर सफल कोशिश के बाद अधिकारियों को नया खेल रिकॉर्ड दर्ज करने के लिए तेजी दिखानी पड़ी, क्योंकि ज्ञानेश्वरी और ओनोमे के बीच कड़ी टक्कर चल रही थी और इस मुकाबले ने खचाखच भरे स्टेडियम में दर्शकों को अपनी सीटों से उठने पर मजबूर कर दिया।

स्नैच में ज्ञानेश्वरी के तीनों लिफ्ट साफ सुथरे थे । क्लीन एंड जर्क में शानदार मुकाबला रहा । भारतीय खिलाड़ी ने 107 किलो वजन उठाकर खेलों का नया रिकॉर्ड बनाया लेकिन ओनोमे ने तुरंत ही 110 किलो वजन उठाकर यह रिकॉर्ड तोड़ दिया । ज्ञानेश्वरी भी हार मानने को तैयार नहीं थी जिन्होंने 111 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड अपने नाम किया ।

यह रिकॉर्ड हालांकि एक मिनट ही उनके नाम रहा और ओनोमे ने 113 किलो वजन उठाकर फिर रिकॉर्ड पर कब्जा कर लिया ।

भाषा

मोना आनन्द

आनन्द


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