कोलंबो, 17 फरवरी (भाषा) अपने चिर प्रतिद्वंद्वी भारत से मिली करारी शिकस्त के बाद पाकिस्तान का टी20 विश्व कप में अभियान नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है और इससे नामीबिया के खिलाफ बुधवार को होने वाला मैच उसके लिए करो या मरो जैसा बन गया है।
एक समय पाकिस्तान सुपर आठ में जगह बनाने की अच्छी स्थिति में दिख रहा था लेकिन भारत से हार ने उसे बुरी तरह से झकझोर दिया है जिसके कारण उसे ग्रुप ए के अपने आखिरी मैच में करो या मरो की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।
विश्व कप में प्रत्येक ग्रुप से केवल शीर्ष दो टीमें ही सुपर आठ में पहुंचेंगी। पाकिस्तान वर्तमान में भारत और अमेरिका के बाद तालिका में तीसरे स्थान पर है। भारत ने तीन मैचों में तीन जीत के साथ सुपर आठ के लिए क्वालीफाई कर लिया है जबकि अमेरिका चार अंक और बेहतर रन रेट के कारण दूसरे स्थान पर है।
नामीबिया से हार कागजों पर असंभव लगती है लेकिन पाकिस्तान की अस्थिर बल्लेबाजी को देखते हुए इसे पूरी तरह से नकारा भी नहीं जा सकता है। इस मैच में हार से पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगा और अमेरिका सुपर आठ में जगह बनाने की अच्छी स्थिति में पहुंच जाएगा।
हालांकि पाकिस्तान जिस टीम का सामना करेगी वह अपने तीनों मैच हार चुकी है और ग्रुप में सबसे निचले स्थान पर है। ऐसे में सारा ध्यान पाकिस्तान की बल्लेबाजी पर होगा जिसमें बाबर आजम, सलामी बल्लेबाज साहिबजादा फरहान, साइम अयूब और कप्तान सलमान अली आगा शामिल हैं। भारत के खिलाफ पाकिस्तान की बल्लेबाजी में कमजोरी उजागर हो गई थी।
भारत के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह और हार्दिक पंड्या की जोड़ी ने पाकिस्तान का स्कोर तीन विकेट पर 13 रन कर दिया था। पाकिस्तान के मध्य क्रम ने कोई प्रतिरोध नहीं दिखाया और नामीबिया जैसी टीम के खिलाफ भी यह चिंताजनक संकेत है।
तेज गेंदबाज शाहीन शाह अफरीदी भी संघर्ष करते नजर आए और उन्होंने अपने दो ओवरों में 31 रन लुटाकर एक विकेट लिया। एकमात्र सकारात्मक पहलू साइम अयूब का रहा, जिन्होंने तीन विकेट लेकर भारत के शीर्ष क्रम को मुश्किल में डाल दिया था।
नामीबिया के खिलाफ अफरीदी को शुरुआत में ही विकेट लेने होंगे क्योंकि पहले छह ओवरों में प्रमुख बल्लेबाजों को आउट करने से पाकिस्तान को मैच पर हावी होने का मौका मिल जाएगा।
पाकिस्तान की पावरप्ले की कमजोरियां भी चिंता का विषय बनी हुई हैं। पिछले मैच में उसकी टीम ने पावरप्ले में चार विकेट गंवाए। उसके मध्य क्रम में बार-बार होने वाले बदलावों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है, जिससे निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की संभावना कम हो गई है।
नामीबिया के पास प्रतिभाशाली गेंदबाज हैं जिससे पाकिस्तान के लिए बीच के ओवरों में संघर्ष करना महंगा साबित हो सकता है।
नामीबिया की टीम तीन हार के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो चुकी है लेकिन वह जीत हासिल करके सम्मान के साथ विदाई लेने के लिए प्रतिबद्ध होगी। अगर उसकी टीम पाकिस्तान को कम स्कोर पर रोक देती है तो मैच का रुख पलट सकता है।
भारत के खिलाफ चार विकेट लेकर प्रभावित करने वाले अनुभवी कप्तान गेरहार्ड इरास्मस और बल्लेबाजों के लिए लगातार परेशानी का सबब बने रहने वाले बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जेजे स्मिट के नेतृत्व में नामीबिया के पास उलटफेर करने की क्षमता है।
सलामी बल्लेबाज लॉरेन स्टीनकैंप ने पिछले मैचों में अच्छा प्रदर्शन किया है जबकि जान निकोला फ्रायलिंक और जान निकोल लॉफ्टी-ईटन ने नामीबिया के शीर्ष क्रम को जरूरी स्थिरता प्रदान की है।
टीम इस प्रकार हैं:
नामीबिया: गेरहार्ड इरास्मस (कप्तान), जान बाल्ट, जैक ब्रासेल, अलेक्जेंडर बसिंग-वोल्स्चेंक, जान फ्राइलिनक, ज़ेन ग्रीन (विकेटकीपर), मैक्स हींगो, मालन क्रूगर, डायलन लीचर, जान निकोल लॉफ्टी-ईटन, विलेम मायबर्ग, बर्नार्ड शोल्ट्ज़, जे जे स्मिट, लॉरेन स्टीनकैंप, रूबेन ट्रम्पेलमैन।
पाकिस्तान: सलमान आगा (कप्तान), अबरार अहमद, बाबर आजम, फहीम अशरफ, फखर जमां, ख्वाजा नफे, मोहम्मद नवाज, नसीम शाह, साहिबजादा फरहान, साइम अयूब, सलमान मिर्जा, शादाब खान, शाहीन शाह अफरीदी, उस्मान खान, उस्मान तारिक।
मैच दोपहर 3:00 बजे शुरू होगा।
भाषा
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