नागपुर, छह जून (भाषा) महाराष्ट्र के नागपुर में राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) की तैयारी कर रही एक छात्रा के कथित ‘सुसाइड नोट’ को ‘केस पेपर’ में शामिल नहीं करने के आरोप में एक पुलिस अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) (जोन दो) नित्यानंद झा ने कहा, ‘‘स्टेशन डायरी की प्रविष्टि में सुसाइड नोट का जिक्र था। हालांकि, इसे ‘केस पेपर’ में संलग्न नहीं किया गया था।’’
उन्होंने बताया कि इस चूक के लिए अंबाझरी थाने के जांच अधिकारी निखिल तब्हाणे के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
एक अन्य अधिकारी ने बताया कि ‘सुसाइड नोट’ का जिक्र मामले से जुड़े किसी भी दस्तावेज में नहीं था। यहां तक कि डीसीपी झा को भी नोट की उपलब्धता के बारे में सूचित नहीं किया गया था। हालांकि, जब मामला आखिरकार सामने आया तो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच की और डीसीपी को एक रिपोर्ट सौंपी।
नीट-स्नातक (यूजी) की अभ्यर्थी छात्रा आकांक्षा चतुर्वेदी (18) ने तीन मई को परीक्षा देने के कुछ दिन बाद 20 मई को नागपुर में अपने कमरे में कथित तौर पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। वह मध्य प्रदेश की रहने वाली थी।
भावुक नोट में आकांक्ष ने कथित तौर पर लिखा था कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने पेपर लीक के आरोप में परीक्षा रद्द कर दी लेकिन इसकी कोई गारंटी नहीं है कि दोबारा आयोजित होने वाली परीक्षा में उसके अच्छे अंक आ जाएं।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर इस घटना को साझा करने के बाद आत्महत्या का यह मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया।
छात्रा के पिता कृष्ण कुमार चतुर्वेदी एक छोटे किसान हैं और परिवार का भरण-पोषण करने के लिए यहां रसोइया का काम भी करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी को परीक्षा के बाद काफी आशाएं थीं और उसे 650 से अधिक अंक प्राप्त होने की उम्मीद थी।
हालांकि, बाद में परिवार के सदस्यों ने आकांक्षा के व्यवहार में एक काफी बदलाव देखा क्योंकि पेपर लीक और परीक्षा की नयी तारीख की खबरों के बाद वह काफी परेशान दिखाई देने लगी थी।
अंबाझरी थाने के एक अधिकारी ने बताया कि उसके परिवार के सदस्यों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और आगे की जांच जारी है।
उन्होंने कहा कि सुसाइड नोट में जिक्र किए गए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
भाषा सुरभि वैभव
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