दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने दें, अपनी तैयारी पर भरोसा रखें: श्रीजेश की भारतीय टीम को सलाह

दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने दें, अपनी तैयारी पर भरोसा रखें: श्रीजेश की भारतीय टीम को सलाह

दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने दें, अपनी तैयारी पर भरोसा रखें: श्रीजेश की भारतीय टीम को सलाह
Modified Date: August 12, 2026 / 07:08 pm IST
Published Date: August 12, 2026 7:08 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) भारत के पूर्व हॉकी गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने मौजूदा खिलाड़ियों को विश्व कप के दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने देने और अपनी तैयारी पर भरोसा रखने के साथ इस मौके का आनंद लेने को कहा है।

एफआईएच विश्व कप का आयोजन 15 से 30 अगस्त तक नीदरलैंड के एम्सटेलवीन और बेल्जियम के वावरे में संयुक्त रूप से होगा।

भारतीय पुरुष टीम की अगुआई स्टार ड्रैग फ्लिकर हरमनप्रीत सिंह कर रहे हैं जबकि महिला टीम की कप्तान सलीमा टेटे हैं।

तोक्यो 2020 और पेरिस 2024 ओलंपिक में लगातार दो कांस्य पदक जीतने वाली पुरुष टीम का लक्ष्य लंबे समय से चले आ रहे विश्व कप में पदक के सूखे को खत्म करना होगा। भारत ने आखिरी बार 1975 में विश्व कप के पोडियम पर जगह बनाई थी जब उसने स्वर्ण पदक जीता था।

श्रीजेश ने ‘जियोस्टार’ से कहा, ‘‘ओलंपिक के बाद एफआईएच विश्व कप हॉकी का दूसरा सबसे बड़ा टूर्नामेंट है और स्वाभाविक रूप से पूरी दुनिया इसे देख रही होती है तथा सभी की नजरें आप पर होती हैं। इससे काफी दबाव आता है।’’

इस 38 वर्षीय पूर्व दिग्गज गोलकीपर ने कहा, ‘‘लेकिन आप इस दबाव को अपने खेल पर हावी नहीं होने दे सकते। जब आप इसके बारे में बहुत ज्यादा सोचना शुरू कर देते हैं तो आपका प्रदर्शन गिर जाता है। और जब प्रदर्शन गिरता है तो दबाव और बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है कि शांत रहें, अपनी भूमिका पर ध्यान दें और अपनी तैयारी पर भरोसा रखें।’’

श्रीजेश भारत के दोनों कांस्य पदक जीतने वाले ओलंपिक अभियानों का हिस्सा रहे हैं।

भारतीय पुरुष टीम को पूल डी में रखा गया है और वह 15 अगस्त को वेल्स के खिलाफ अपने अभियान की शुरुआत करेगी। इसके बाद उसका सामना 17 और 19 अगस्त को क्रमश: इंग्लैंड और पाकिस्तान से होगा।

एफआईएच प्रो लीग में टीम के निराशाजनक प्रदर्शन के बावजूद श्रीजेश वैश्विक टूर्नामेंट में भारत की संभावनाओं को लेकर आशावान हैं। प्रो लीग में भारत नौ टीम में आठवें स्थान पर रहा था।

भाषा सुधीर आनन्द

आनन्द


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