दुनिया मां बनने के बाद खिलाड़ियों को वापसी में मदद करती है लेकिन विनेश को रोका जा रहा है: साक्षी

दुनिया मां बनने के बाद खिलाड़ियों को वापसी में मदद करती है लेकिन विनेश को रोका जा रहा है: साक्षी

दुनिया मां बनने के बाद खिलाड़ियों को वापसी में मदद करती है लेकिन विनेश को रोका जा रहा है: साक्षी
Modified Date: May 12, 2026 / 01:15 pm IST
Published Date: May 12, 2026 1:15 pm IST

नयी दिल्ली, 12 मई (भाषा) ओलंपिक कांस्य पदक विजेता पहलवान साक्षी मलिक ने भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के साथ खेलों में वापसी को लेकर चल रहे विवाद में विनेश फोगाट का समर्थन करते हुए कहा कि दुनिया भर में मां बनने के बाद महिलाओं को वापसी के लिए नियमों में ढील दी जा रही है, वहीं दूसरी ओर विनेश की राह रोकने की कोशिश हो रही है।

डब्ल्यूएफआई द्वारा अयोग्य घोषित किए जाने के बावजूद विनेश गोंडा में आयोजित राष्ट्रीय ओपन रैंकिंग टूर्नामेंट में हिस्सा लेने पहुंचीं। महासंघ ने उन्हें लंबा कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा कि डोपिंग रोधी नियमों के तहत संन्यास के बाद वापसी करने वाले खिलाड़ियों के लिए अनिवार्य छह महीने की नोटिस अवधि पूरी किए बिना उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

दस महीने के बेटे की मां विनेश ने नोटिस का जवाब देते हुए पीछे हटने से इनकार कर दिया है, जबकि डब्ल्यूएफआई अपने रुख पर कायम है।

यौन उत्पीड़न के आरोपों को लेकर डब्ल्यूएफआई के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ हुए चर्चित आंदोलन के दौरान साक्षी, विनेश की करीबी सहयोगी थीं। हालांकि बाद में विनेश के कांग्रेस में शामिल होने के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए।

साक्षी ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में कहा, ‘‘मुझसे इस मुद्दे पर राय मांगी गई थी और मैं पिछले दो-तीन दिनों से सोच रही थी, क्योंकि विनेश एक राजनीतिक दल की विधायक हैं और मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। लेकिन मैं आपको ऐसे कई उदाहरण दे सकती हूं, जहां देशों ने अपने खिलाड़ियों के लिए नियमों में ढील दी ताकि महिलाएं मां बनने के बाद भी खेल सकें और देश के लिए पदक जीत सकें।’’

उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन हमारा महासंघ ऐसे नियमों की बात कर रहा है जिससे विनेश की वापसी को रोका जा सके। मैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, खेल मंत्री मनसुख मांडविया और डब्ल्यूएफआई से आग्रह करती हूं कि विनेश का ट्रायल कराया जाए, ताकि वह भी देश के लिए पदक जीत सकें और मां बनने के बाद सफलता हासिल कर महिलाओं के लिए मिसाल बनें।”

विनेश ने 2024 पेरिस ओलंपिक के फाइनल से निर्धारित वजन सीमा से 100 ग्राम अधिक पाए जाने के कारण अयोग्य ठहराए जाने के बाद कुश्ती से संन्यास की घोषणा कर दी थी। हरियाणा की इस पहलवान ने बाद में राजनीति में प्रवेश किया और उसी वर्ष जुलाना विधानसभा क्षेत्र से निर्वाचित हुईं।

भाषा

आनन्द पंत

पंत


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