मुंबई, 18 जनवरी (भाषा) मुंबई मैराथन में एक बार फिर इथियोपियाई धावकों का दबदबा देखने को मिला जिसमें ताडु अबाते देमे और येशी कलायू चेकोले ने क्रमशः पुरुष और महिला एलीट वर्ग के खिताब अपने नाम किए।
अबाते ने पुरुष एलीट वर्ग में दो घंटे नौ मिनट 55 सेकंड का समय लेकर जीत दर्ज की, जबकि उनकी हमवतन येशी ने 2:25:13 के समय के साथ खिताब जीता।
मुंबई मैराथन में 21 चरणों में यह सातवीं बार है जब इथियोपियाई धावकों ने पुरुष और महिला दोनों खिताब एक साथ जीते हैं।
पुरुष एलीट रेस में कीनिया के लियोनार्ड किपरोतिच लंगाट (2:10:10) दूसरे और इरिट्रिया के मेरहावी केसेटे वेल्डेमारियम (2:10:22) तीसरे स्थान पर रहे।
महिला एलीट रेस में इथियोपियाई धावकों ने क्लीन स्वीप किया। किडसान अलेमा गेब्रेमेधिन (2:27:35) दूसरे और गोज्जाम त्सेगाये एनीयू (2:28:27) तीसरे स्थान पर रहीं।
पुरुष और महिला एलीट वर्ग के शीर्ष तीन धावकों को क्रमशः 50000 अमेरिकी डॉलर, 25000 अमेरिकी डॉलर और 15000 अमेरिकी डॉलर की पुरस्कार राशि दी गई।
भारतीय पुरुष वर्ग में कार्तिक करकेरा ने 2:19:55 के समय के साथ जीत दर्ज की। गत चैंपियन अनिश थापा (2:20:08) दूसरे और प्रदीप चौधरी (2:20:49) तीसरे स्थान पर रहे।
भारतीय महिला एलीट वर्ग में संजीवनी जाधव ने 2:49:02 के समय के साथ खिताब जीता। निर्माबेन ठाकोर (2:49:13) दूसरे और सोनम (2:49:24) तीसरे स्थान पर रहीं।
भारतीय एलीट पुरुष और महिला वर्ग में शीर्ष तीन धावकों को क्रमशः पांच लाख रुपये, चार लाख रुपये और तीन लाख रुपये की पुरस्कार राशि दी गई।
विश्व एथलेटिक्स रोड रेस गोल्ड लेबल प्रतियोगिता मुंबई मैराथन इस साल नए रूट पर आयोजित की गई। पहली बार धावकों को नव-निर्मित मुंबई कोस्टल रोड और प्रतिष्ठित बांद्रा-वर्ली सी लिंक से होकर दौड़ने का अनुभव मिला।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान तथा डिनो मोरिया समेत कई हस्तियां मैराथन में मौजूद रहीं।
रेस के बाद येशी ने कहा, ‘‘मैं कोर्स रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद लेकर आई थी, लेकिन मौसम के कारण थोड़ी परेशानी हुई। फिर भी, चढ़ाई और ढलान, दोनों हिस्सों में मैंने खुद को मजबूत और सकारात्मक महसूस किया। ’’
अबाते ने कहा, ‘‘पहाड़ीनुमा हिस्से चुनौतीपूर्ण थे, लेकिन हाफवे के बाद लय में आने पर मैंने ऊर्जा बचाने पर ध्यान दिया। मुंबई में जीत हासिल करके बेहद खुश हूं। ’’
भारतीय महिलाओं में संजीवनी ने पदार्पण में शानदार प्रदर्शन किया और कुल मिलाकर 10वां स्थान हासिल किया। उन्होंने कहा, ‘‘35 किलोमीटर के बाद मुझे यकीन हो गया था कि मैं पदक जीतूंगी। ’’
कार्तिक करकेरा के लिए यह उनके करियर की दूसरी मैराथन थी। रूस में प्रशिक्षण लेने वाले करकेरा पर शुरुआत में ज्यादा ध्यान नहीं दिया गया क्योंकि पिछले साल मॉस्को मैराथन में वह 2:30:30 के समय के साथ 15वें स्थान पर रहे थे।
हालांकि करकेरा ने अनुभवी भारतीय धावकों को चौंकाते हुए 2:19:55 का नया व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकाला और शीर्ष भारतीय पुरुष धावक का खिताब जीता।
करकेरा ने कहा, ‘‘मुंबई में यह मेरी पहली मैराथन थी और अनुभव शानदार रहा। कोर्स चुनौतीपूर्ण था, लेकिन यहां दौड़कर मुझे बहुत अच्छा लगा। मेरा अगला लक्ष्य एशियाई खेलों के लिए क्वालिफाई करना है। ’’
भाषा नमिता पंत
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