यूरोप की मानवाधिकार संस्था ने विश्व कप में फीफा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए

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यूरोप की मानवाधिकार संस्था ने विश्व कप में फीफा की निष्पक्षता पर सवाल उठाए

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  • Publish Date - July 19, 2026 / 06:01 PM IST,
    Updated On - July 19, 2026 / 06:01 PM IST

जेनेवा, 19 जुलाई (एपी) यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार संस्था ने विश्व कप की निष्पक्षता और विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए रविवार को फीफा से आग्रह किया कि वह 2030 चरण के लिए अधिक मजबूत और पारदर्शी व्यवस्था तैयार करे।

वर्ष 2030 का विश्व कप मुख्य रूप से स्पेन, पुर्तगाल और मोरक्को में खेला जाएगा।

छियालिस सदस्य देशों वाले यूरोप परिषद (काउंसिल ऑफ यूरोप) के प्रमुख अलैन बेरसे ने स्पेन और अर्जेंटीना के बीच न्यू जर्सी के ईस्ट रदरफोर्ड में खेले जाने वाले फाइनल से कुछ घंटे पहले फीफा को लिखे एक खुले पत्र में कहा, ‘‘अगला संकट शुरू हो चुका है। उसके दो नाम हैं, पैसा और सत्ता।’’

दो बार स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति रह चुके बेरसे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दबाव के बाद स्ट्राइकर फोलारिन बालोगुन पर लगे एक मैच के प्रतिबंध को फीफा द्वारा निलंबित किए जाने का उल्लेख किया। उन्होंने यह भी कहा कि फीफा द्वारा एक ‘प्रिडिक्शन मार्केट (पूर्वानुमान आधारित सट्टेबाजी)’ कंपनी को विश्व कप का प्रायोजक बनाए जाने से प्रतियोगिता की निष्पक्षता पर भी सवाल उठते हैं।

बेरसे ने लिखा, ‘‘जब नियम दबाव में बदल दिए जाते हैं, तो हर परिणाम संदेह के घेरे में आ जाता है।’’

उनका इशारा उस फैसले की ओर था, जिसके तहत बालोगुन को एक मैच के अनिवार्य प्रतिबंध से राहत दी गई, जिससे वह बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल में जगह तय करने वाले मुकाबले में खेल सके। हालांकि उस मैच में बेल्जियम ने अमेरिका को 4-1 से हरा दिया।

बेरसे ने कहा, ‘‘राजनीतिक प्रभाव अब मैदान तक पहुंच चुका है। टूर्नामेंट के बीच में एक सजा को इसलिए निलंबित कर दिया गया क्योंकि एक राष्ट्राध्यक्ष ने फीफा अध्यक्ष से संपर्क किया था।’’

फीफा ने अप्रैल में ‘एडीआई प्रिडिक्टस्ट्रीट’ के साथ लगभग 15 करोड़ डॉलर का प्रायोजन समझौता किया था। यह कंपनी अबू धाबी समर्थित है और समझौते से केवल एक सप्ताह पहले ही औपचारिक रूप से अस्तित्व में आई थी। इसके अलावा भी इस विश्व कप के लिए फीफा के जुआ उद्योग से जुड़े कई व्यावसायिक समझौते हैं।

पूर्वानुमान आधारित सट्टेबाजी की आलोचना इस आधार पर होती रही है कि इससे अंदरूनी जानकारी का दुरुपयोग बढ़ सकता है।

बेरसे ने कहा, ‘‘फुटबॉल में इससे ऐसे क्षणों पर भी दांव लगाया जा सकता है, जिन्हें कोई एक खिलाड़ी स्कोर बदले बिना भी प्रभावित कर सकता है। यह धोखाधड़ी के लिए खुला दरवाजा है और इस विश्व कप ने उस दरवाजे को और अधिक खोल दिया है।’’

उन्होंने 48 टीम और 104 मैच वाले इस पहले विश्व कप को लेकर अन्य चिंताएं भी जताईं। उन्होंने कहा, ‘‘रेफरी के अधिकार पर सवाल उठाए गए, खिलाड़ियों के खिलाफ नस्लीय टिप्पणियां की गईं जिनमें कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की ओर से भी थीं। अब हर पास, हर कार्ड और हर कॉर्नर पर सट्टा लगाया जा रहा है।’’

अपने पत्र के अंत में बेरसे ने फीफा से अपील करते हुए लिखा, ‘‘मेरा प्रस्ताव है कि आज रात से ही एक संवाद की शुरुआत हो ताकि 2030 विश्व कप के आयोजन से पहले उसकी निष्पक्षता और विश्वसनीयता के लिए मजबूत ढांचा तैयार किया जा सके।’’

एपी

आनन्द नमिता

नमिता