हर कप्तान ट्रॉफी जीतना चाहता है; किसी से तुलना करने के बजाय मैं अपनी राह पर चलना चाहता हूं: पाटीदार

हर कप्तान ट्रॉफी जीतना चाहता है; किसी से तुलना करने के बजाय मैं अपनी राह पर चलना चाहता हूं: पाटीदार

हर कप्तान ट्रॉफी जीतना चाहता है; किसी से तुलना करने के बजाय मैं अपनी राह पर चलना चाहता हूं: पाटीदार
Modified Date: May 30, 2026 / 08:54 pm IST
Published Date: May 30, 2026 8:54 pm IST

अहमदाबाद, 30 मई (भाषा) रजत पाटीदार महान महेंद्र सिंह धोनी और रोहित शर्मा की तरह आईपीएल खिताब का बचाव करने वाले कप्तानों की सूची में शामिल होने से बस एक कदम दूर हैं, लेकिन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के कप्तान किसी और की नकल करने के बजाय एक नेतृत्वकर्ता के रूप में अपना अलग रास्ता बनाना चाहते हैं।

पाटीदार ने 2025 में आरसीबी को उनका पहला आईपीएल खिताब दिलाया था, और अब उन्हें लगातार दूसरा खिताब जीतने के लिए रविवार को यहां गुजरात टाइटंस को हराना होगा।

धोनी और रोहित शर्मा की तरह खिताब बचाने की उपलब्धि के करीब पहुंचने पर पूछे गए सवाल पर पाटीदार ने कहा कि उनका ध्यान तुलना पर नहीं, बल्कि अपने खेल और टीम के प्रदर्शन पर है।

उन्होंने कहा, “हर कप्तान ट्रॉफी जीतना चाहता है, लेकिन मैं खुद को नहीं बदलता। मैं जैसा हूं, वैसा ही रहना महत्वपूर्ण है। मैंने कभी यह नहीं सोचा कि किसी दूसरे कप्तान ने क्या किया है और मुझे उनकी बराबरी करनी है या नहीं।”

पाटीदार ने कहा कि उनका क्रिकेट सफर उतार-चढ़ाव भरा रहा है और वह हमेशा वर्तमान पर ध्यान केंद्रित रखते हैं।

उन्होंने कहा, “मैं आगे या पीछे के बारे में नहीं सोचता। मेरा पूरा ध्यान इस समय फाइनल पर है और हम अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करेंगे।”

इस 32 वर्षीय खिलाड़ी ने कहा कि उन्हें आरसीबी के विराट कोहली और भुवनेश्वर कुमार जैसे सीनियर खिलाड़ियों से सीखने का बहुत फायदा मिला है।

उन्होंने कहा, “मुझे बहुत कुछ सीखने को मिला है, खासकर मैदान के बाहर और मैदान पर। मुझे बहुत मदद मिली है। कई अनुभवी खिलाड़ी हैं, जिनसे मुझे बहुत अच्छे सुझाव मिल रहे हैं। इसलिए मैं उन सुझावों को समझने और उन्हें खेल में लागू करने की कोशिश कर रहा हूं।”

मध्य प्रदेश के इस क्रिकेटर ने आरसीबी के कोचिंग स्टाफ (एंडी फ्लावर और मो बोबट) को भी श्रेय दिया, जिन्होंने उन्हें काम करने के लिए पर्याप्त स्वतंत्रता दी।

उन्होंने कहा, “प्रबंधन की भी इसमें बड़ी भूमिका है क्योंकि वे मुझ पर कभी दबाव नहीं डालते। वे जानते हैं कि मैं किस तरह का खिलाड़ी हूं। यहां तक कि सीनियर खिलाड़ी भी जानते हैं कि मैं किस तरह का खिलाड़ी हूं। मुझे प्रबंधन और सीनियर खिलाड़ियों का अच्छा समर्थन है। इसलिए मुझे कभी ऐसी समस्या का सामना नहीं करना पड़ा। मैं अपने खेल में पूरी तरह से रम गया हूं।”

पाटीदार ने बताया कि उन्हें नेतृत्व की भूमिका का एक और महत्वपूर्ण पहलू भी पसंद है, जो टीम के युवा खिलाड़ियों का मार्गदर्शन करना है।

उन्होंने कहा, “मुझे हमेशा उनके साथ समय बिताना अच्छा लगता है। मैं हमेशा उन्हें यह समझाने की कोशिश करता हूं कि खुद जैसा होना कितना जरूरी है। मैं 2021 में इस स्थिति से गुजर चुका हूं। मैं सीनियर खिलाड़ियों को देख रहा था, उनमें चिंता और घबराहट थी।”

भाषा

आनन्द नमिता

नमिता


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