एमबाप्पे के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की जांच करेंगे फ्रेंच अभियोजक
एमबाप्पे के खिलाफ नस्लीय टिप्पणी की जांच करेंगे फ्रेंच अभियोजक
पेरिस, सात जुलाई (एपी) विश्व कप में फ्रांस के हाथों पराग्वे की हार के बाद पराग्वे के एक सीनेटर द्वारा कीलियन एमबाप्पे के साथ नस्लीय दुर्व्यवहार किये जाने के मामले में फ्रांस के अभियोजकों ने गंभीर सार्वजनिक अपमान और नफरत या हिंसा भड़काने के आरोपों में जांच शुरू कर दी है ।
फ्रांस के अभियोजकों के कार्यालय ने मंगलवार को बताया कि आनलाइन घृणा से निपटने वाली राष्ट्रीय ईकाई को फ्रेंच फुटबॉल महासंघ से शिकायत मिलने के बाद जांच शुरू की गई है ।
पराग्वे की लिबरल रेडिकल पार्टी की सीनेटर सेलेस्टी अमारिला ने एक्स पर नस्लीय टिप्पणी की थी । इससे पहले एमबाप्पे के गोल के दम पर फ्रांस ने पराग्वे को हराया था । अमारिला ने फ्रांस के कप्तान के मूल, परवरिश , शिक्षा और चेहरे मोहरे का मजाक बनाया था । फ्रांस क्वार्टर फाइनल में पहुंच गया है जहां उसका सामना मोरक्को से होगा ।
एमबाप्पे ने उन्हें ‘घिनौनी महिला’ करार देते हुए कहा था कि वह पराग्वे की कांग्रेस में सेवा के लायक नहीं हैं ।
बाद में अमारिला ने सोशल मीडिया पर एमबाप्पे के लिए फ्रेंच और स्पेनिश भाषा में एक खुला पत्र जारी किया। इसमें उन्होंने कहा कि उनकी समस्या खिलाड़ी से थी, न कि फ्रांस देश से। उन्होंने लिखा कि उन्हें इस बात का मलाल है कि उन्होंने एमबाप्पे के साथ वैसा ही बुरा बर्ताव किया और उन्हीं अपशब्दों का इस्तेमाल किया, जिनका सामना उन्हें खुद एक मिश्रित नस्ल की होने के नाते करना पड़ा था। साथ ही उन्होंने अपनी पोस्ट डिलीट कर दी।
उन्होंने हालांकि कहा कि एमबाप्पे को उनसे माफी मांगनी होगी । उन्होंने एमबाप्पे पर उनके खिलाफ बयान में लिंग आधारित हिंसा का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर वह बयान वापिस नहीं लेते तो वह कानूनी कार्रवाई करेगी ।
वहीं पराग्वे सरकार ने अमारिला के बयान से खुद को अलग करके एक बयान में कहा कि उनकी टिप्पणी पराग्वे सरकार या पराग्वे के लोगों का प्रतिनिधित्व नहीं करती ।
एपी
मोना सुधीर
सुधीर

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