भारतीय टेनिस व्यवस्था को बदलने के लिए पूर्ण कार्यकाल की आवश्यकता : एआईटीए पदाधिकारी
भारतीय टेनिस व्यवस्था को बदलने के लिए पूर्ण कार्यकाल की आवश्यकता : एआईटीए पदाधिकारी
नयी दिल्ली, 29 मई (भाषा) अध्यक्ष चिंतन पारिख और महासचिव सुंदर अय्यर ने शुक्रवार को कहा कि वर्तमान पदाधिकारियों को अगर पूरा कार्यकाल मिलता है, तो खिलाड़ियों का कल्याण, पारदर्शी शासन और एथलीट प्रतिनिधित्व अखिल भारतीय टेनिस संघ (एआईटीए) के कामकाज की आधारशिला होंगे।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारतीय टेनिस को बदलने के अपने दृष्टिकोण में नेतृत्व एकजुट है।
पिछले दो वर्षों से एआईटीए प्रशासनिक अस्थिरता और विवादों के घेरे में रहा है। संघ के चुनावों की वैधता और कार्यकारी समिति की कार्यप्रणाली को चुनौती देने वाली याचिकाएं भी दायर की गई थीं, जिससे संगठनात्मक माहौल प्रभावित हुआ।
पारिख और अय्यर का चयन 2024 के एआईटीए चुनावों में हुआ था, लेकिन इन चुनाव परिणामों को बाद में रोक दिया गया। खिलाड़ियों की ओर से यह आरोप भी लगाए गए कि संघ में पारदर्शिता और जवाबदेही की कमी है तथा खिलाड़ियों को अपेक्षित समर्थन नहीं मिल रहा है।
पारिख ने कहा कि मौजूदा प्रशासन में कोई गुटबाजी नहीं है।
उन्होंने कहा, “एआईटीए के मौजूदा प्रशासन में कोई गुटबाजी नहीं है। टीम एकजुट है। पिछली कार्यकारी समिति की बैठकों में सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए। खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व राष्ट्रीय खेल प्रशासन अधिनियम के अनुसार ही होगा और हम इसका समर्थन करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
उन्होंने कहा, “उत्कृष्ट योग्यता वाले खिलाड़ियों और एथलीट समिति के सदस्यों को कार्यकारी समिति में स्थान मिलेगा। हम एआईटीए के वित्तीय संचालन में पारदर्शिता और स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
अय्यर ने कहा कि मौजूदा पदाधिकारियों को एक “बिखरी हुई व्यवस्था” विरासत में मिली है और उन्हें अतीत में लिए गए फैसलों के लिए दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
अय्यर ने कहा, “हमें खेल प्रशासक के रूप में अपनी योग्यता साबित करने के लिए पूरा कार्यकाल मिलने के बाद ही हमारा मूल्यांकन करना चाहिए। हम पहले लिए गए फैसलों के लिए जिम्मेदार नहीं ठहराए जा सकते। हमें ठीक से काम करने का मौका दें और फिर हमारा मूल्यांकन करें।”
भाषा आनन्द नमिता
नमिता

Facebook


