गंभीर के भरोसे ने बढ़ाया सुदर्शन का आत्मविश्वास
गंभीर के भरोसे ने बढ़ाया सुदर्शन का आत्मविश्वास
… कुशान सरकार …
मुल्लांपुर, छह जून (भाषा) मुख्य कोच गौतम गंभीर के भरोसे ने युवा बल्लेबाज साई सुदर्शन को मानसिक रूप से काफी मजबूती दी जिससे उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट के पहले दिन खुलकर खेलने की आजादी मिली। अफगानिस्तान के खिलाफ एकमात्र टेस्ट से पहले गंभीर ने कहा था कि तमिलनाडु के बाएं हाथ के बल्लेबाज को खुद को साबित करने के लिए पर्याप्त मौके दिए जाएंगे। उनका मानना है कि केवल छह मैचों के आधार पर किसी खिलाड़ी की प्रतिभा का आकलन नहीं किया जा सकता। सुदर्शन ने कोच के इस भरोसे पर खरा उतरते हुए 81 रन की आकर्षक पारी खेली। भारत ने पहले दिन का खेल खत्म होने तक तीन विकेट पर 368 रन बनाकर अपनी स्थिति मजबूत कर ली। कप्तान शुभमन गिल 103 जबकि ऋषभ पंत 50 रन बनाकर बल्लेबाजी कर रहे हैं। केएल राहुल ने 100 रन बनाये। दिन का खेल खत्म होने के बाद सुदर्शन ने कहा, ‘‘ जब कोच, कप्तान और पूरी टीम आपका समर्थन करती है, तो इससे बहुत आत्मविश्वास मिलता है। यह जानकर अच्छा लगता है कि वे चाहते हैं कि आप देश और टीम के लिए अच्छा प्रदर्शन करें और मैच जिताएं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे माहौल में आप पूरी आजादी के साथ अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखा सकते हैं। तब यह चिंता नहीं रहती कि अगला मैच मिलेगा या नहीं। टीम से मिले इस भरोसे के कारण मन पूरी तरह खेल पर केंद्रित रहता है।’’ सुदर्शन ने केएल राहुल के साथ दूसरे विकेट के लिए 139 रन की साझेदारी की। इसमें उनके 81 रन शामिल थे। हालांकि उन्होंने कहा कि यह किसी एक बल्लेबाज के हावी होने की साझेदारी नहीं थी। उन्होंने बताया, ‘‘हमारी बातचीत पिच के व्यवहार और गेंदबाजों की रणनीति को समझने पर केंद्रित थी। केएल भाई काफी संयमित रहते हैं और बल्लेबाजी के दौरान आत्मविश्वास देते हैं। बल्लेबाज के तौर पर इससे काफी मदद मिलती है वह खेल को बहुत अच्छी तरह पढ़ते हैं और उनकी सलाह काफी मददगार होती है।’’ दक्षिण अफ्रीका के पिछले भारत दौरे पर भारतीय टीम को स्पिनरों की मददगार पिचों पर मुश्किल का सामना करना पड़ा था। ऐसे में इस मैच में स्पिनरों पर दबाव बनाने और रन बनाने की रणनीति पर विशेष चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी सबसे बड़ी चर्चा यही थी कि स्पिन को बेहतर तरीके से कैसे खेला जाए और परिस्थितियों का फायदा उठाकर रन कैसे बनाए जाएं। सिर्फ समय बिताने के बजाय रन बनाने पर जोर था।’’ सुदर्शन ने कहा, ‘‘मानसिक रूप से मैं अपनी क्षमताओं पर भरोसा बनाए रखना चाहता था। वहीं रणनीतिक तौर पर हम यह सोच रहे थे कि गेंदबाजों कैसे हावी हो कर लगातार स्कोरबोर्ड चलाते हुए उन पर दबाव कैसे बनाए रखा जाए।’’ सुदर्शन ने कहा कि आने वाले दिनों में पिच से अधिक टर्न मिलने की संभावना है। इसके साथ गेंद धीमी होती जायेगी और उछाल में कमी आयेगी। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि अगले कुछ दिनों में गेंद नियमित रूप से टर्न करेगी। पिच और धीमी तथा नीची भी हो सकती है। फिलहाल उसका व्यवहार इसी ओर संकेत कर रहा है।’’ भाषा आनन्द नमितानमिता

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