नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) भारतीय टीम के मुख्य कोच के रूप में गौतम गंभीर की कार्यशैली भले ही चर्चा और मतभेदों के केंद्र में रही हो, लेकिन टी20 कप्तान श्रेयस अय्यर उनके खिलाड़ियों को संभालने और उनसे बेहतर तालमेल बनाने की क्षमता के मुरीद हैं।
अय्यर ने गंभीर को शानदार ‘मैन-मैनेजर (मानव प्रबंधक)’ बताते हुए कहा कि वह हर खिलाड़ी के भीतर भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करने के साथ उसकी भूमिका को लेकर स्पष्टता बनाए रखते हैं।
अय्यर ने कहा कि 2024 में कोलकाता नाइट राइडर्स (केकेआर) के साथ गंभीर के साथ काम करने के दौरान उन्होंने उनकी इस खूबी को करीब से देखा है।
अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मैच से पूर्व संवाददाता सम्मेलन में अय्यर ने कहा, “वह टीम के अंदर काफी भरोसा और आत्मविश्वास पैदा करते हैं। हर खिलाड़ी को अपनी भूमिका और जिम्मेदारी की स्पष्ट समझ होती है। कोचिंग के लिहाज से ये सभी चीजें बेहद महत्वपूर्ण हैं।’’
उन्होंने कहा कि गंभीर का खिलाड़ियों के साथ व्यक्तिगत स्तर पर संवाद और प्रबंधन करने का तरीका शानदार है। अय्यर के मुताबिक, टूर्नामेंट में आगे बढ़ते हुए प्रत्येक खिलाड़ी के साथ इस तरह का संबंध बेहद जरूरी होगा।
अय्यर ने कहा, “हम सभी अपने-अपने तरीके से अलग हैं और आपको किसी खिलाड़ी को समझने की जरूरत होती है। मैंने पहले भी केकेआर में उनके साथ काम किया है, इसलिए मैं निश्चित रूप से समझता हूं कि वह किस तरह सोचते हैं और उनका नजरिया क्या रहने वाला है।’’
अपनी कप्तानी की सोच के बारे में अय्यर ने कहा कि वह खिलाड़ियों पर टीम में उनकी भूमिका को लेकर अतिरिक्त दबाव नहीं डालना चाहते। इसके बजाय वह चाहते हैं कि खिलाड़ी टी20 क्रिकेट की जरूरत के अनुरूप खेल की समझ विकसित करें।
उन्होंने कहा, “जब आप किसी खिलाड़ी से कहते हैं कि टीम में यही आपकी भूमिका है, तो उस पर काफी दबाव बन जाता है। इसके बजाय अगर आप यह कहें कि टीम को इस खास भूमिका में आपकी जरूरत है, तो खिलाड़ी खुद को टीम के लिए जरूरी और महत्वपूर्ण महसूस करता है।’’
चोटों के कारण टीम की योजनाओं पर पड़ने वाले असर को लेकर अय्यर ने कहा कि लगातार और कड़े क्रिकेट के कारण खिलाड़ियों के चोटिल होने की आशंका रहती है। ऐसे में चोट के लिए खिलाड़ियों को दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा, “यह निराशाजनक नहीं है। हमें सबसे पहले यह समझना होगा कि एक खिलाड़ी लगातार कितने मैच और कितनी तीव्रता के साथ खेल रहा है। ऐसे में चोटिल होने की आशंका रहती है। कोई भी खिलाड़ी जानबूझकर चोटिल होने के बारे में नहीं सोचता। वह टीम के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता है और अगर उसी प्रयास का नतीजा नकारात्मक हो जाए तो उसे नियंत्रित नहीं किया जा सकता।”
अय्यर ने माना कि चोटों से टीम का संयोजन प्रभावित होता है लेकिन उन्होंने विकल्प के तौर पर मौजूद खिलाड़ियों पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि टीम में बाहर बैठे खिलाड़ी भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं और मौका मिलने पर वे योगदान देने में सक्षम हैं।
जसप्रीत बुमराह की चोट से वापसी को लेकर अय्यर ने कहा कि उनके लिए मैच अभ्यास और आत्मविश्वास बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि बुमराह से उनकी पिछली शाम बातचीत हुई थी।
अय्यर ने कहा, “मैंने कल उनसे बात की थी। वह टीम के लिए प्रदर्शन करने और यह सुनिश्चित करने के इरादे से लौटना चाहते हैं कि हम चैंपियनशिप जीतें।”
वैभव सूर्यवंशी, संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा के रूप में तीन सलामी विकल्पों के बीच चयन को लेकर अय्यर ने कहा कि तीनों का टीम में होना अपने आप में एक सुखद स्थिति है। उन्होंने कहा कि जिसे भी मौका मिलेगा, उसे पूरी टीम का समर्थन हासिल होगा।
उन्होंने कहा, “जिसे भी मौका मिलेगा, निश्चित रूप से वह टीम के हित में होगा। जो खिलाड़ी बाहर बैठे हैं, उनके साथ कोच के साथ मिलकर बातचीत करना और उनमें आत्मविश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण है। उन्हें पता होना चाहिए कि जब उनका दिन आएगा, उन्हें निश्चित रूप से अवसर मिलेगा।”
ईशान किशन की फिटनेस पर अय्यर ने कहा, ‘‘ वह फिलहाल सहज महसूस कर रहे हैं। अभ्यास सत्र के बाद मेरी ईशान से बातचीत हुई थी। उनकी चोट मामूली परेशानी थी और लगातार क्रिकेट खेलने के कारण उन्हें थोड़ी थकान महसूस हुई। आराम मिलने के बाद उनके कल तक पूरी तरह ठीक होने की उम्मीद है।’’
भाषा आनन्द नमिता
नमिता