ब्रिक्स ने खेल प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह के गठन के भारत के प्रस्ताव का किया समर्थन

Ads

ब्रिक्स ने खेल प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह के गठन के भारत के प्रस्ताव का किया समर्थन

  •  
  • Publish Date - September 12, 2026 / 06:23 PM IST,
    Updated On - September 12, 2026 / 06:23 PM IST

नयी दिल्ली, 12 सितंबर (भाषा) खेलों को सामाजिक विकास का माध्यम मानते हुए ब्रिक्स नयी दिल्ली घोषणा में भारत की दो प्रमुख पहलों का समर्थन किया गया जिसमें खेल प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह के गठन और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए खेल सामग्री विनिर्माण सम्मेलन आयोजित करने का प्रस्ताव शामिल है।

भारत की अध्यक्षता में पिछले महीने विशाखापत्तनम में हुई ब्रिक्स खेल मंत्रियों की बैठक में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने तीन प्रमुख पहलों का उल्लेख किया था। इनमें खेल प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह और खेल सामग्री निर्माताओं के सम्मेलन की पहल भी शामिल थी। मांडविया ने कहा था कि भारत इस प्रस्तावित समूह में खेल के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों के विशेषज्ञ उपलब्ध कराकर अपनी भूमिका निभाएगा।

घोषणा में कहा गया, ‘‘हम खेल सामग्री के विनिर्माण, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने के लिए ब्रिक्स खेल सामग्री विनिर्माण सम्मेलन के प्रस्ताव का स्वागत करते हैं।’’

घोषणा के मुताबिक, ‘‘ हम खेलों में प्रदर्शन की गुणवत्ता, खिलाड़ियों के कल्याण, प्रशासन और समावेशन को बेहतर बनाने में प्रौद्योगिकी की बढ़ती भूमिका को भी स्वीकार करते हैं तथा खेल प्रौद्योगिकी पर कार्य समूह के गठन के लिए विचार-विमर्श को प्रोत्साहित करते हैं।”

खेल मंत्रालय ने विशाखापत्तनम में हुई मंत्रिस्तरीय बैठक के बाद कहा था कि कार्य समूह के गठन के बाद खेल विज्ञान, खिलाड़ियों के प्रदर्शन, खेल प्रशासन, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), डिजिटल रूपांतरण और नवाचार के क्षेत्रों में ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूती मिलेगी।

राजस्थान के उदयपुर में इस वर्ष नवंबर में खेल सामग्री विनिर्माण सम्मेलन आयोजित करने की योजना है। सम्मेलन में प्रौद्योगिकी और नवाचार के आदान-प्रदान पर विशेष जोर दिया जाएगा। इसके अलावा, इसमें खेल सामग्री के निर्माता एवं निर्यातक, निवेशक, प्रौद्योगिकी प्रदाता, छोटे एवं मझोले उद्यम (एसएमई), स्टार्ट-अप और शोध संस्थानों को एक मंच पर लाया जाएगा।

यह घोषणा भारत मंडपम में आयोजित दो दिवसीय ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन जारी की गई। ‘बिल्डिंग फॉर रेजिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ शीर्षक वाली विस्तृत घोषणा में ब्रिक्स खेल कार्य समूह की प्रगति की भी सराहना की गई।

घोषणा के मुताबिक , ‘‘खेल सामाजिक विकास, लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने तथा स्वस्थ और सक्रिय समाज के निर्माण का प्रभावी माध्यम हैं। इसमें ब्रिक्स खेल कार्य समूह की प्रगति की सराहना करते हुए शारीरिक संस्कृति और खेल के क्षेत्र में सहयोग संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) के क्रियान्वयन का भी उल्लेख किया गया।’’

ब्रिक्स खेलों का आयोजन पहली बार 2017 में हुआ था। कोविड-19 महामारी के कारण 2019 से 2021 के बीच इनका आयोजन नहीं हो सका। भारत ने 2021 में ब्रिक्स खेलों की मेजबानी की इच्छा जताई थी, लेकिन वह इसका आयोजन नहीं कर सका।

2022 में ब्रिक्स खेलों को फिर शुरू किया गया और इनका पिछला सत्र 2024 में रूस के कजान शहर में आयोजित हुआ था। नयी दिल्ली घोषणा में सदस्य देशों की विविधता को प्रदर्शित करने में ब्रिक्स खेलों की भूमिका को रेखांकित किया गया।

घोषणा में कहा गया, “हम उच्च प्रदर्शन वाले खेलों, सभी के लिए खेल और मनोरंजनात्मक खेलों में सहयोग के मंच के रूप में ब्रिक्स खेलों के आयोजन की सराहना करते हैं। साथ ही, साझा विविधता का उत्सव मनाने के लिए ब्रिक्स देशों के राष्ट्रीय, पारंपरिक, स्वदेशी और गैर-ओलंपिक खेलों के विकास को भी महत्वपूर्ण मानते हैं।’’

घोषणा में ब्रिक्स खेल सहयोग ढांचे को लेकर संवाद का भी स्वागत किया गया। इसमें कहा गया कि सदस्य देशों के बीच स्थापित परामर्श प्रक्रिया के तहत, उनके संबंधित आंतरिक नियमों के अनुरूप इस ढांचे पर आगे विचार-विमर्श किए जाने की उम्मीद है।

भाषा आनन्द नमिता

नमिता