उप्र: लखनऊ जिला अदालत के आस-पास पांच सप्ताह में अवैध अक्रिमण हटाने का निर्देश

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उप्र: लखनऊ जिला अदालत के आस-पास पांच सप्ताह में अवैध अक्रिमण हटाने का निर्देश

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  • Publish Date - September 12, 2026 / 07:11 PM IST,
    Updated On - September 12, 2026 / 07:11 PM IST

लखनऊ, 12 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ ने स्थानीय अधिकारियों को जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर और उसके आसपास के क्षेत्रों में बचे सभी अवैध अतिक्रमण पांच सप्ताह के भीतर हटाने का निर्देश दिया।

मामले की अगली सुनवाई 26 अक्टूबर को होगी।

न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति राजीव भारती की पीठ ने शुक्रवार को लखनऊ में जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर अतिक्रमण से संबंधित दो याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिया।

पीठ ने कहा कि अदालत के पहले के आदेशों के अनुपालन में 14 अवैध ढांचे हटाए गए थे और बाद में 57 अन्य अतिक्रमण भी हटाए गए।

लखनऊ नगर निगम के जोन-1 के जोनल अधिकारी ने आठ सितंबर को इस संबंध में तस्वीरों सहित रिपोर्ट अदालत में पेश की।

अदालत ने हालांकि कहा कि अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है।

पीठ ने अधिकारियों को सात अप्रैल, 2026 के आदेश के अनुसार बचे हुए अतिक्रमण हटाने और कार्रवाई के दौरान चार अगस्त के आदेश में निर्धारित सुरक्षा उपायों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया।

अदालत ने चार अगस्त के आदेश में बचे हुए 72 अतिक्रमणकारियों को अपने चैंबर या दुकानें खाली करने अथवा सक्षम अधिकारी के समक्ष अपने कब्जे का कानूनी आधार साबित करने का अंतिम अवसर दिया था।

ऐसा करने में विफल रहने पर अवैध ढांचे हटाने की कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया था।

अदालत ने यह भी कहा था कि अगर नोटिस तामील नहीं हो पाता है तो उसे एक हिंदी और एक अंग्रेजी दैनिक में प्रकाशित किया जाए ताकि संबंधित लोगों को जवाब देने के लिए कम से कम 10 दिन का समय मिल सके।

न्यायिक कार्य में बाधा न आए, इसके लिए पीठ ने रविवार को भी अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की अनुमति दी थी।

अदालत ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी और नगर आयुक्त को आपसी समन्वय से काम करने तथा नगर निगम अधिकारियों को पर्याप्त प्रशासनिक व पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

पीठ ने अधिकारियों से यथासंभव पांच सप्ताह के भीतर पूरी प्रक्रिया समाप्त करने को कहा है।

भाषा सं आनन्‍द जितेंद्र

जितेंद्र