एशियाई खेलों में गोल्फ : कई स्टार खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा भारत को

एशियाई खेलों में गोल्फ : कई स्टार खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा भारत को

एशियाई खेलों में गोल्फ : कई स्टार खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा भारत को
Modified Date: September 29, 2026 / 03:08 pm IST
Published Date: September 29, 2026 3:08 pm IST

नागोया, 29 सितंबर (भाषा) पिछले एशियाई खेलों की रजत पदक विजेता अदिति अशोक की अगुवाई में भारत की छह सदस्यीय टीम को बुधवार से यहां शुरू होने वाली गोल्फ प्रतियोगिता में कई स्टार खिलाड़ियों की चुनौती का सामना करना होगा।

एशियाई खेलों की गोल्फ प्रतियोगिता में 66 पुरुष और 45 महिला खिलाड़ी भाग लेंगे, इसलिए खिलाड़ियों को पेशेवर सर्किट की तरह कट से चूकने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी और वे खुलकर खेल सकते हैं। टीम पदक के लिए तीन सर्वश्रेष्ठ स्कोर में से दो स्कोर गिने जाएंगे। ऐसे में भारत को अपनी मजबूत टीम पर पूरा भरोसा होगा।

भारतीय टीम काफी अनुभवी है, जिसमें युवराज संधू, वीर अहलावत और सप्तक तलवार पुरुष वर्ग में शामिल हैं। महिला वर्ग का नेतृत्व एशियाई खेलों में पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला अदिति करेंगी। उन्हें दीक्षा डागर और प्रणवी उर्स का साथ मिलेगा।

अदिति तीसरी बार एशियाई खेलों में ले रही है। इससे पहले उन्होंने 2014 और 2023 के खेलों में हिस्सा लिया था। दीक्षा 2018 में टीम का हिस्सा थीं और प्रणवी ने 2023 के खेलों में भाग लिया था।

एशियाई खेलों में गोल्फ में भारत का रिकॉर्ड काफी अच्छा है। उसने तीन स्वर्ण सहित सात पदक जीते हैं।

नयी दिल्ली में हुए एशियाई खेलों में गोल्फ को पहली बार शामिल किया गया था, जहां लक्ष्मण सिंह और राजीव मोहता ने व्यक्तिगत स्वर्ण और रजत पदक जीते। अमित लूथरा और ऋषि नारायण की टीम ने भी स्वर्ण पदक जीता।

उसके बाद भारतीय पुरुषों ने 2006 और 2010 में टीम वर्ग में रजत पदक जीता, जबकि शिव कपूर एकमात्र अन्य व्यक्तिगत पदक विजेता थे, जिन्होंने 2002 में बुसान में स्वर्ण पदक जीता था।

तब से भारतीय पुरुष टीम ने कोई पदक नहीं जीता है।

इस प्रतियोगिता में दक्षिण कोरिया को सबसे मजबूत माना जा रहा है जिसके पास टॉम किम जैसा खिलाड़ी है, जो पीजीए टूर के विजेता हैं। उनके साथ पीजीए टूर के साथी खिलाड़ी किम सियोंग-ह्योन और डोयोब मुन भी शामिल हैं, जिससे कोरिया की पुरुष टीम काफी मजबूत नजर आ रही है।

मेजबान जापान को कीता नाकाजिमा से काफी उम्मीद होगी जिन्होंने दो साल पहले हीरो इंडियन ओपन भी जीता था। उसकी टीम में अनुभवी पेशेवर काजुकी हिगा शामिल हैं, जो मास्टर्स टूर्नामेंट में खेल चुके हैं।

यह प्रतियोगिता 30 सितंबर से तीन अक्टूबर तक 72 होल में खेली जाएगी, जिसमें पुरुष और महिला व्यक्तिगत और टीम स्पर्धाओं में चार स्वर्ण पदक दांव पर लगे हैं।

भाषा

पंत सुधीर

सुधीर


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