हरमनप्रीत, मंधाना और दिव्या ‘2025 बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन अवार्ड्स’ के लिए नामांकित
हरमनप्रीत, मंधाना और दिव्या ‘2025 बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन अवार्ड्स’ के लिए नामांकित
नयी दिल्ली, दो फरवरी (भाषा) भारत की महिला विश्व कप 2025 की ऐतिहासिक जीत में अहम भूमिका निभाने वाली कप्तान हरमनप्रीत कौर और उप-कप्तान स्मृति मंधाना तथा शतरंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिव्या देशमुख ‘2025 बीबीसी इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर’ पुरस्कारों के लिए नामांकित हैं।
पिस्टल निशानेबाजी में सनसनी मचाने वाली सुरुचि सिंह और ट्रैक एवं फील्ड एथलीट ज्योति याराजी इस प्रतिष्ठित वार्षिक पुरस्कार के लिए नामांकित अन्य दो खिलाड़ी हैं।
बीबीसी न्यूज की अंतरिम वैश्विक निदेशक फियोना क्रैक ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘‘ ‘इंडियन स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर’ पुरस्कार पूरे भारत में महिलाओं की खेल प्रतिभाओं के एक वर्ष का प्रतीक है और बीबीसी विश्व सेवा अन्य किसी भी मीडिया प्रदाता की तुलना में इन प्रयासों को प्रदर्शित करने और उनका जश्न मनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम इन महिलाओं को भारत और दुनिया भर के दर्शकों के सामने अपनी मेहनत से हासिल की गई उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए एक मंच प्रदान करके रोमांचित हैं।’’
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत ने नवंबर 2025 में देश को आईसीसी महिला विश्व कप का पहला खिताब दिलाया था।
उन्होंने घरेलू सरजमीं पर खेले गये विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सेमीफाइनल में 339 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए 88 गेंदों में 89 रनों की शानदार पारी खेली।
हरमनप्रीत की 2017 में इसी प्रतिद्वंदी के खिलाफ एक अन्य विश्व कप सेमीफाइनल में 171 रनों की नाबाद पारी को आज भी महिला क्रिकेट की महानतम पारियों में से एक माना जाता है।
उन्हें टाइम पत्रिका की 2023 की शीर्ष 100 उभरते नेतृत्वकर्ताओं की सूची और बीबीसी की 100 सबसे प्रेरणादायक महिलाओं की सूची में शामिल किया गया है।
इसी टीम की उप कप्तान 29 साल की मंधाना पहले से ही क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में अपना नाम दर्ज करा चुकी हैं।
यह वामहस्त बल्लेबाज एकदिवसीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतकों के मामले में दूसरे जबकि सबसे अधिक रन बनाने वालों की सूची में तीसरे पायदान पर है।
महाराष्ट्र के सांगली शहर की रहने वाली मंधाना अपने पिता और भाई से प्रेरित हैं, दोनों ने ही जिला स्तर पर क्रिकेट खेला है।
उन्होंने पिछले साल सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 50 गेंदों में शतक बनाया था। यह इस प्रारूप में किसी भारतीय द्वारा बनाया गया सबसे तेज शतक है। उन्होंने इस पारी के दौरान विराट कोहली का रिकॉर्ड तोड़ा था।
उन्हें 2018 और 2021 में दो बार आईसीसी की साल की सर्वश्रेष्ठ महिला क्रिकेटर चुना गया है।
बीस वर्षीय शतरंज की प्रतिभाशाली खिलाड़ी दिव्या ने पिछले साल जुलाई में फिडे महिला विश्व कप की पहली भारतीय और सबसे कम उम्र की चैंपियन बनकर इतिहास रच दिया। इस उपलब्धि ने उन्हें ग्रैंडमास्टर का दर्जा भी दिलाया।
दिव्या ने ऐतिहासिक फाइनल मुकाबले में ग्रैंडमास्टर बनने वाली पहली भारतीय महिला कोनेरू हम्पी को हराया था।
नागपुर में जन्मी देशमुख ने पांच साल की उम्र में शतरंज खेलना शुरू किया। दो साल के भीतर ही वह अंडर-7 राष्ट्रीय चैंपियन बन गईं और 2017 में उन्होंने लड़कियों के अंडर-12 वर्ग में विश्व युवा शतरंज चैंपियनशिप का खिताब जीता।
दिव्या ने 2022 में ओलंपियाड में भारत की कांस्य पदक विजेता टीम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने इसके दो साल बाद व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर और शीर्ष स्थान हासिल करने वाली टीम का हिस्सा बनकर और भी बड़ी उपलब्धि हासिल की।
सुरुचि ने निशानेबाजी में आईएसएसएफ विश्व कप और विश्व चैंपियनशिप सहित अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार पदक जीतकर शीर्ष खिलाड़ियों में से एक के रूप में अपनी पहचान बनाई।
हरियाणा की सुरुचि ने 2024 में राष्ट्रीय निशानेबाजी चैंपियनशिप में सात स्वर्ण पदक जीतकर सुर्खियां बटोरीं। उन्होंने इसके एक साल से भी कम समय में सीनियर स्तर पर अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया और वैश्विक मंच पर अपनी पहचान तेजी से स्थापित की।
इस 19 साल की खिलाड़ी ने 2025 में ब्यूनस आयर्स, लीमा और म्यूनिख में आयोजित आईएसएसएफ विश्व कप सीरीज में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतकर बड़ी उपलब्धि हासिल की। उन्होंने लीमा में मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता।
उन्होंने एशियाई निशानेबाजी चैंपियनशिप में मनु भाकर और पलक गुलिया के साथ महिला टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।
याराजी 2024 पेरिस ओलंपिक खेलों में 100 मीटर बाधा दौड़ के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला बनीं थी।
सुरक्षा गार्ड पिता और घरेलू सहायिका के तौर पर काम करने वाली मां की बेटी याराजी के लिए बाधाओं को पार करने में कभी कोई समस्या नहीं रही।
इस 26 साल की खिलाड़ी ने 2022 में 100 मीटर बाधा दौड़ में 13.23 सेकंड का समय निकालकर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा और तब से कई बार अपने ही रिकॉर्ड को बेहतर किया है। उन्होंने 2022 राष्ट्रीय खेलों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए फर्राटा और बाधा दौड़ स्पर्धाओं में कई स्वर्ण पदक जीते। उन्होंने विश्व विश्वविद्यालय खेलों में कांस्य और 2022 एशियाई खेलों में रजत पदक प्राप्त किया।
याराजी ने 2023 में एशियाई इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 60 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण और एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रजत पदक जीता, जिससे एशिया की शीर्ष बाधा दौड़ धाविका के रूप में उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हुई।
उन्होंने गुमी में आयोजित एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2025 में 100 मीटर बाधा दौड़ में स्वर्ण पदक भी जीता।
इन खिलाड़ियों को खेल संपादकों, लेखकों और विशेषज्ञों की एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा पिछले वर्ष के प्रदर्शन के मूल्यांकन के बाद चयनित किया गया है।
भाषा आनन्द सुधीर
सुधीर

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