विश्व चैंपियनशिप की तैयारी ओलंपियाड के बाद शुरू करुंगा: सिंदारोव

विश्व चैंपियनशिप की तैयारी ओलंपियाड के बाद शुरू करुंगा: सिंदारोव

विश्व चैंपियनशिप की तैयारी ओलंपियाड के बाद शुरू करुंगा: सिंदारोव
Modified Date: September 4, 2026 / 01:59 pm IST
Published Date: September 4, 2026 1:59 pm IST

बेंगलुरु, चार सितंबर (भाषा) उज्बेकिस्तान के युवा शतरंज स्टार जावोखिर सिंदारोव ने कहा कि इस साल के अंत में मौजूदा विश्व चैंपियन डी. गुकेश के खिलाफ होने वाले खिताबी मुकाबले की तैयारियां वह इसी महीने होने वाले शतरंज ओलंपियाड के बाद ही शुरू करेंगे।

बीस साल के दोनों खिलाड़ियों सिंदारोव और भारत के गुकेश के बीच विश्व चैंपियनशिप का मुकाबला जिनेवा में 24 नवंबर से 12 दिसंबर तक खेला जाएगा। दोनों के बीच 14 क्लासिकल बाजियों में विश्व खिताब के लिए मुकाबला होगा।

सिंदारोव का पूरा ध्यान फिलहाल आगामी प्रतियोगिताओं पर है। वह विश्व चैंपियनशिप के बहुप्रतीक्षित मुकाबले को अपने दिमाग पर हावी नहीं होने देना चाहते।

‘ग्लोबल चेस लीग’ के चौथे सत्र में ‘अमेरिकन गैम्बिट्स’ का प्रतिनिधित्व करने वाले सिंदारोव ने कहा, “अभी मेरा ध्यान अगले आयोजनों (‘ग्लोबल चेस लीग’ और ओलंपियाड) पर है। इसके बाद ही मैं विश्व चैंपियनशिप मुकाबले की तैयारी शुरू करूंगा।”

‘ग्लोबल चेस लीग’ का आयोजन यहां पांच से 13 सितंबर तक होगा, जबकि इसके बाद 15 से 27 सितंबर तक समरकंद में शतरंज ओलंपियाड खेला जाएगा।

सिंदारोव ने इस साल कैंडिडेट्स टूर्नामेंट में एक दौर शेष रहते ही जीत दर्ज कर विश्व चैंपियनशिप में गुकेश को चुनौती देने का अधिकार हासिल किया था। उन्होंने शीर्ष खिलाड़ियों के खिलाफ लगातार चार जीत दर्ज करते हुए हाल के वर्षों के सबसे प्रभावशाली प्रदर्शनों में से एक किया था।

जिनेवा में होने वाले मुकाबले के लिए सिंदारोव की तैयारियों की जिम्मेदारी उनके कोच रोमन विडोन्याक के पास है। माना जा रहा है कि सिंदारोव उस रणनीति में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं करेंगे, जिसने उन्हें अब तक शानदार सफलता दिलाई है।

ग्लोबल चेस लीग में अपनी टीम के आइकन खिलाड़ी सिंदारोव ने कहा कि अलग प्रारूप होने के बावजूद वह इस लीग को किसी अन्य टूर्नामेंट की तरह ही ले रहे हैं।

उन्होंने कहा, “यह पूरी तरह अलग प्रारूप है, लेकिन मैं हर टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ शतरंज खेलने की कोशिश करता हूं। मेरी टीम पर्दे के पीछे अपनी जिम्मेदारियां संभालती है, जबकि मेरा पूरा ध्यान सामने चल रही प्रतियोगिता पर रहता है।’’

भाषा आनन्द

आनन्द


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