अगर आईसीसी भारत पर फैसले लागू नहीं करा सकती तो उसका कोई महत्व नहीं: सईद अजमल
अगर आईसीसी भारत पर फैसले लागू नहीं करा सकती तो उसका कोई महत्व नहीं: सईद अजमल
कराची, 12 जनवरी (भाषा) पाकिस्तान के पूर्व ऑफ स्पिनर सईद अजमल ने कहा कि अगर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) अपने कामकाज में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) के मौजूदा ‘वर्चस्व’ से निपटने में नाकाम रहती है तो उसके अस्तित्व का कोई मतलब नहीं है।
अजमल ने यहां पत्रकारों से कहा, ‘‘अगर आईसीसी विश्व क्रिकेट के समग्र हित में निष्पक्ष और सैद्धांतिक फैसला नहीं कर सकती है तो उसे अपना कामकाज बंद कर देना चाहिए।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर आईसीसी भारतीय बोर्ड पर अपने फैसले लागू नहीं करा सकती तो उसके अस्तित्व का कोई मतलब नहीं बनता है।’’
अजमल ने दावा किया कि टेस्ट खेलने वाले अधिकतर देश इस भावना से सहमत हैं, लेकिन वे सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि भारत का वैश्विक प्रतियोगिताओं में भी पाकिस्तान में खेलने से इनकार करना आईसीसी की ‘बेबसी‘ का एक प्रमुख उदाहरण है।
अजमल ने कहा, ‘‘भारत के पाकिस्तान में नहीं खेलने का कोई तार्किक कारण नहीं है, लेकिन आईसीसी बेबस है क्योंकि अब इस पर भारतीयों का वर्चस्व है।’’
भारत सुरक्षा कारणों से पाकिस्तान की यात्रा नहीं करता। यही नहीं भारत सरकार दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय श्रृंखला को मंजूरी नहीं देती है। यह दोनों देश अब किसी बहुराष्ट्रीय टूर्नामेंट में तटस्थ स्थल पर ही एक दूसरे के खिलाफ खेलते हैं।
आईसीसी के वर्तमान अध्यक्ष बीसीसीआई के पूर्व सचिव जय शाह हैं।
भाषा
पंत मोना
मोना

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