Republic Day Prisoners Release: 26 जनवरी पर आजाद होंगे प्रदेश के इतने कैदी, अलग-अलग जेलों में काट रहे थे इन अपराधों की सजा, जेल मंत्रालय ने जारी किया आदेश
Republic Day Prisoners Release: 26 जनवरी पर आजाद होंगे प्रदेश के इतने कैदी, अलग-अलग जेलों में काट रहे थे इन अपराधों की सजा, जेल मंत्रालय ने जारी किया आदेश
Republic Day Prisoners Release/Image Source: Generated by AI
- गणतंत्र दिवस पर बड़ा फैसला
- MP की जेलों से 87 आजीवन कैदी होंगे रिहा
- जेलों में बंद कैदियों को आज़ादी का तोहफा
भोपाल: Republic Day Prisoners Release: गणतंत्र दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश सरकार ने जेलों में बंद कैदियों को बड़ी राहत दी है। राज्य की विभिन्न जेलों में बंद आजीवन कारावास की सजा काट रहे 87 कैदियों को 26 जनवरी 2026 को समय-पूर्व रिहा किया जाएगा। इस संबंध में जेल विभाग ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है।
MP की जेलों से 87 आजीवन कैदी होंगे रिहा (Madhya Pradesh Jail News)
Republic Day Prisoners Release: जेल मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार दंड प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 432, 433 एवं 433(क) तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धाराओं के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह निर्णय लिया गया है। यह आदेश सरकार के पूर्व निर्देश दिनांक 27 मई 2025 के अनुपालन में जारी किया गया है। जेल विभाग द्वारा प्रदेश की विभिन्न जेलों में निरुद्ध कुल 481 दंडित बंदियों के मामलों की समीक्षा की गई। प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों, अपराध की प्रकृति, बंदियों के आचरण और अन्य संगत तथ्यों पर विचार करने के बाद 87 बंदियों को समय-पूर्व रिहाई के लिए पात्र, जबकि 394 बंदियों को अपात्र पाया गया।
रिहाई के लिए निर्धारित शर्तें (MP Prisoner Release 2026)
Republic Day Prisoners Release: जिन बंदियों की सजा के विरुद्ध उच्च न्यायालय या सर्वोच्च न्यायालय में अपील लंबित है, उनकी रिहाई तभी संभव होगी जब 26 जनवरी 2026 तक अपील का निराकरण हो जाए। जिन बंदियों को आजीवन कारावास के साथ जुर्माने की सजा भी दी गई है और यदि उन्होंने 26 जनवरी 2026 तक जुर्माना जमा नहीं किया, तो उन्हें जुर्माने की सजा भुगतने के लिए जेल में रोका जाएगा। जिन बंदियों पर आजीवन कारावास के अलावा अन्य मामलों की सजा शेष है, उन्हें केवल आजीवन कारावास की सजा में रिहा कर शेष सजा के लिए निरुद्ध रखा जाएगा। जिन बंदियों के अन्य प्रकरण न्यायालय में लंबित हैं और वे उन मामलों में जमानत पर नहीं हैं, उन्हें विचाराधीन बंदी के रूप में जेल में रखा जाएगा।जेल विभाग के इस फैसले को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सुधारात्मक न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। आदेश के तहत सभी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद ही पात्र बंदियों को रिहा किया जाएगा।

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