पडिक्कल इसी तरह बल्लेबाजी करते रहे तो उन्हें भारतीय टीम से बाहर रखना मुश्किल होगा: कार्तिक
पडिक्कल इसी तरह बल्लेबाजी करते रहे तो उन्हें भारतीय टीम से बाहर रखना मुश्किल होगा: कार्तिक
नयी दिल्ली, छह अप्रैल (भाषा) रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के मेंटर (मार्गदर्शक) दिनेश कार्तिक का मानना है कि देवदत्त पडिक्कल घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद जिस तरह आईपीएल में बल्लेबाजी कर रहे हैं उसे देखते हुए उन्हें लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर रखना मुश्किल होगा।
रविवार को चेन्नई सुपरकिंग्स के खिलाफ बेंगलुरु की बड़ी जीत में पडिक्कल ने अहम भूमिका निभाते हुए 29 गेंद में 50 रन बनाए।
चिन्नास्वामी स्टेडियम में पडिक्कल की संयमित पारी के बारे में पूछे जाने पर रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बल्लेबाजी कोच की भी भूमिका निभाने वाले कार्तिक ने शुरुआत के मुश्किल दौर में उनके संयम की तारीफ की जिसके बाद इस बल्लेबाज खुलकर खेलना शुरू किया।
कार्तिक ने स्टार स्पोर्ट्स से कहा, ‘‘सबसे महत्वपूर्ण बात है उनका पक्का इरादा। ऐसी पिच पर जब शुरुआत में रन आसानी से नहीं बनते तो कई बल्लेबाज बड़ा शॉट खेलने की कोशिश करते हैं और अपना विकेट गंवा बैठते हैं। जब हालात मुश्किल थे तब भी देवदत्त ने धैर्य बनाए रखने का साहस दिखाया।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आप देख सकते हैं कि जैसे ही उन्हेंने पहली बाउंड्री लगाई तो फिर अपनी बल्लेबाजी का गियर बदल दिया। वह एकदम सही क्रिकेट शॉट खेल रहे हैं और गेंद को काफी दूर तक मार रहे हैं। अगर वह इसी तरह बल्लेबाजी करते रहे तो उन्हें लंबे समय तक भारतीय टीम से बाहर रखना मुश्किल होगा। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में खूब रन बनाए हैं और हम जानते हैं कि वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं।’’
पडिक्कल ने अपनी पारी में पांच चौके और दो छक्के मारे। रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु ने तीन विकेट पर 250 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया जिसमें टिम डेविड ने भी 25 गेंद में 70 रन की तूफानी पारी खेली।
बेंगलुरु ने यह मैच 43 रन से जीता और सुपरकिंग्स को लगातार तीसरी हार का सामना करना पड़ा।
भारत के पूर्व कप्तान अनिल कुंबले ने प्रतियोगिता में सुपरकिंग्स की शुरुआती चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।
कुंबले ने कहा, ‘‘यह चेन्नई के लिए बड़ी चिंता का विषय है। अगर आपके दो सबसे अनुभवी बल्लेबाज संजू सैमसन और ऋतुराज गायकवाड़ शुरुआती तीन मैच में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं तो यह एक गंभीर चुनौती बन जाती है। सैमसन और महेंद्र सिंह धोनी को छोड़कर बाकी बल्लेबाजी क्रम काफी युवा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आपको अपने अनुभवी बल्लेबाजों में से कम से कम किसी एक की जरूरत होती है जो बड़ी पारी खेले। दुर्भाग्य से शुरुआती तीन मैच में चीजें चेन्नई के पक्ष में नहीं रहीं। अभी सत्र की शुरुआत ही है लेकिन उन्हें जल्द से जल्द अपनी खामियों को सुधारना होगा।’’
अपनी तूफानी और आक्रामक पारी के दौरान डेविड ने आठ छक्के और तीन चौके लगाए तथा 280 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए।
भाषा
सुधीर मोना
मोना

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