भारत को अपनी ताकत पर विश्वास करना होगा, खेल और शिक्षा में निवेश जरूरी: काफू

भारत को अपनी ताकत पर विश्वास करना होगा, खेल और शिक्षा में निवेश जरूरी: काफू

भारत को अपनी ताकत पर विश्वास करना होगा, खेल और शिक्षा में निवेश जरूरी: काफू
Modified Date: September 5, 2026 / 07:02 pm IST
Published Date: September 5, 2026 7:02 pm IST

मुंबई, पांच सितंबर (भाषा) ब्राजील के दिग्गज और पूर्व कप्तान काफू ने शनिवार को कहा कि भारत को फुटबॉल के नक्शे पर अपनी निचली रैंकिंग के बारे में सोचने के बजाय अपनी क्षमता पर विश्वास करना चाहिए और आगे बढ़ने के लिए खेल तथा शिक्षा में निवेश करना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि ब्राजील इस क्षेत्र में भारत के साथ सहयोग बढ़ाने के लिए तैयार है।

काफू ने कहा कि दोनों देशों के बीच बेहतर संपर्क और सहयोग के जरिए भारत और ब्राजील इसे संभव बना सकते हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जापान और चीन अतीत में पांच बार की विश्व कप विजेता ब्राजील से मदद ले चुके हैं।

भारत और ब्राजील तीन अक्टूबर को कोलकाता में पहली बार एक-दूसरे के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मैत्री मैच खेलेंगे।

काफू ने स्वीकार किया कि दोनों राष्ट्रीय टीमों के स्तर में अंतर हो सकता है, लेकिन भारत के लिए इस मुकाबले से सकारात्मक चीजें हासिल की जा सकती हैं।

काफू ने शनिवार को यहां ‘ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम’ में चर्चा के दौरान भारत-ब्राजील मैत्री मैच पर बाइचुंग भूटिया की टिप्पणी के जवाब में कहा, ‘‘भारत को वास्तव में इसी तरह की सोच रखने वाले किसी व्यक्ति की जरूरत है। ’’

कोलकाता के साल्ट लेक स्टेडियम में होने वाले इस मैत्री मैच को लेकर भूटिया ने आपत्ति जताते हुए कहा था कि भारत को पहले कोच में निवेश करना चाहिए और शीर्ष फुटबॉल देशों के खिलाफ तब खेलना चाहिए, जब वह उस स्तर तक पहुंच जाए।

पूर्व भारतीय कप्तान भूटिया ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि इस तरह के मैच योग्यता के आधार पर होने चाहिए। उस मैच में क्या होने वाला है, यह साफ है, ब्राजील निश्चित रूप से दबदबा बनाएगा क्योंकि वह विश्व स्तर की शीर्ष फुटबॉल टीम है। भारतीय टीम सिर्फ डिफेंसिव खेलेगी। आप अपनी बस पार्क करोगे और एक मैच खेलोगे। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘भारत को खासकर जमीनी स्तर पर कई बेहतरीन कोचों को लाने की कोशिश करनी चाहिए। जापान के फुटबॉल ने भी ब्राजीलियाई फुटबॉल के साथ मिलकर इसी तरह का विकास किया है। मुझे लगता है कि आगे बढ़ने के लिए यही सही मॉडल है। ’’

काफू ने इसके जवाब में कहा, ‘‘कल हमारी चर्चा भी बिल्कुल इसी बात पर हुई थी कि भारत अपने फुटबॉल प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए क्या कर सकता है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘और किस तरह इन बच्चों को तैयार किया जा सकता है ताकि वे महान चैंपियन बन सकें और भारत को फुटबॉल में प्रतिस्पर्धी बनाया जा सके। हां, सही में आप भारतीय टीम की तुलना ब्राजील की टीम से नहीं कर सकते क्योंकि हमारे पास पहले ही पांच विश्व कप खिताब हैं। लेकिन मैं कहता हूं कि कभी भी हमें यह नहीं कहना चाहिए कि यह संभव नहीं है। ’’

उन्होंने कहा, ‘‘जब हम इस माध्यम की बात करते हैं जिसका इस्तेमाल हम बच्चों को समाज में शामिल करने के लिए कर रहे हैं, तो हम इसे वैश्विक नजरिए के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। ब्राजील और भारत के बीच सहयोग के जरिए हम इसे साकार कर सकते हैं। ’’

काफू ने कहा कि भारत को खुद को फुटबॉल में छोटा नहीं समझना चाहिए और उसे यह भरोसा रखना चाहिए कि उसमें बड़े स्तर पर आगे बढ़ने की क्षमता और ताकत है।

दो बार के विश्व कप विजेता ने कहा, ‘‘आप खुद को फुटबॉल में इतना छोटा क्यों समझते हैं? यह गलत है। आप एक दिग्गज हैं। आपको विश्वास करना होगा कि आपके पास ताकत है। ’’

काफू ने पैनल चर्चा के दौरान बाइचुंग भूटिया द्वारा उठाए गए मुद्दों के संदर्भ में कहा, ‘‘लेकिन इसके लिए आपको बच्चों को मौका देना होगा। जिस तरह चीन और जापान ने किया, उसी तरह यह संभव है। जैसा आपने कहा, कोचों को लाकर, देशों के बीच जानकारी और अनुभव का आदान-प्रदान करके और उसे भारतीय बच्चों तक पहुंचाकर यह किया जा सकता है। ’’

भाषा नमिता आनन्द

आनन्द


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