प्रो लीग के लंदन चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लय बरकरार रखने उतरेगा भारत

प्रो लीग के लंदन चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लय बरकरार रखने उतरेगा भारत

प्रो लीग के लंदन चरण में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ लय बरकरार रखने उतरेगा भारत
Modified Date: June 22, 2026 / 03:33 pm IST
Published Date: June 22, 2026 3:33 pm IST

लंदन, 22 जून (भाषा) ओलंपिक चैंपियन नीदरलैंड के खिलाफ रोमांचक जीत से आत्मविश्वास से भरी भारतीय पुरुष हॉकी टीम मंगलवार को एफआईएच प्रो लीग के लंदन चरण के शुरुआती मैच में चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ इसी लय को बनाए रखने की कोशिश करेगी।

भारत और पाकिस्तान 2024 में चीन के हुलुनबुइर में हुए एशियाई चैंपियन्स ट्रॉफी मुकाबले के बाद पहली बार एक-दूसरे का सामना करेंगे। उस मैच में कप्तान हरमनप्रीत सिंह के दो गोल की बदौलत भारत ने 2-1 से जीत हासिल की थी।

भारत ने रोटरडम में चार में से दो मैच जीते। उन्होंने रविवार को रोटरडम चरण के आखिरी मैच में मेजबान और दुनिया की दूसरे नंबर की टीम नीदरलैंड को 3-2 से हराया। भारत को दूसरी जीत (3-1) मौजूदा विश्व चैंपियन और दुनिया की पांचवें नंबर की टीम जर्मनी के खिलाफ मिली।

अन्य दो मैच में भारत को नीदरलैंड के खिलाफ 2-3 जबकि जर्मनी के खिलाफ 1-2 से हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय टीम के लिए नीदरलैंड चरण का अनुभव बहुमूल्य रहा है। टीम इस टूर्नामेंट का इस्तेमाल इस साल होने वाली दो बड़ी प्रतियोगिताओं एफआईएच विश्व कप और एशियाई खेलों (जो ओलंपिक क्वालीफायर भी है) से पहले अपनी कमियों को सुधारने के लिए कर रही है

नौ टीम वाली प्रो लीग तालिका में भारत अभी आठवें नंबर पर है। वे अपने अगले प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से आगे हैं जिसने टूर्नामेंट में अब तक एक भी अंक हासिल नहीं किया है।

भारत का अगला मुकाबला बृहस्पतिवार को इंग्लैंड से होगा और फिर शुक्रवार को वे अपने दूसरे चरण के मैच में फिर से पाकिस्तान का सामना करेंगे।

दो जीत और दो हार के साथ भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के घरेलू चरण के मुकाबले यूरोपीय चरण में अब तक काफी बेहतर खेल दिखाया है। घरेलू चरण में भारत चार मैच में एक भी जीत हासिल नहीं कर पाया था।

घरेलू चरण के दौरान भारत ने चार मैच में 19 गोल खाए और सिर्फ पांच गोल किए।

इसे देखते हुए भारत के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन यूरोपीई चरण मे अपनी टीम के प्रदर्शन से काफी संतुष्ट होंगे जहां उन्होंने बेहतर रैंकिंग वाली टीमों को कड़ी टक्कर दी।

लेकिन मंगलवार के मैच में भारतीय खिलाड़ियों को अपनी भावनाओं पर काबू रखना होगा क्योंकि भारत-पाकिस्तान का कोई भी मुकाबला बहुत तनावपूर्ण होता है और दोनों देशों के बीच चल रहे राजनीतिक तनाव को देखते हुए इसमें दोनों देशों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी होती है।

कोच फुल्टन के लिए ये सभी मैच विश्व कप और एशियाई खेलों के लिए एक मजबूत टीम तैयार करने के मकसद से अपने संसाधरों और बेंच स्ट्रेंथ को परखने का एक जरिया हैं।

लेकिन मैच के आखिर में गोल खाना भारत के लिए एक समस्या बनी हुई है। नीदरलैंड के खिलाफ 3-1 से आगे होने के बावजूद उन्होंने 59वें मिनट में एक गोल खा लिया जिससे मैच का नतीजा करीबी रहा।

हरमनप्रीत, जुगराज सिंह और राजिंदर सिंह जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलना भारत की ताकत रही है लेकिन फुल्टन अपनी अग्रिम पंक्ति से अधिक मैदानी गोल की उम्मीद करेंगे जिसमें मनदीप सिंह और दिलप्रीत सिंह जैसे सीनियर खिलाड़ी शामिल हैं।

भारत के सबसे अधिक मैच खेलने वाले खिलाड़ी मनप्रीत सिंह, उप कप्तान हार्दिक सिंह और विवेक सागर प्रसाद ने मिडफील्ड को बहुत अच्छे से संभाला है लेकिन रक्षापंक्ति को अपने खेल में सुधार करने की जरूरत है।

दूसरी ओर पाकिस्तान के लिए प्रो लीग का सत्र बहुत खराब रहा है। वे जर्मनी, नीदरलैंड, बेल्जियम और स्पेन के खिलाफ अपने सभी 11 मैच हार गए हैं और अब उन पर प्रतियोगिता के शीर्ष टियर से बाहर होने का खतरा मंडरा रहा है।

पहले से ही खराब प्रदर्शन से जूझ रही पाकिस्तान टीम के लिए वीजा की दिक्कतों के कारण इंग्लैंड में होने वाले टूर्नामेंट के आखिरी चरण में नियमित कप्तान अम्माद शकील बट और शायद मुख्य कोच मंजूर उल हसन की मौजूदगी पर भी अनिश्चितता बनी हुई है।

खबरों के मुताबिक पाकिस्तान की रक्षापंक्ति के अहम खिलाड़ी शकील को वीजा नहीं मिला क्योंकि वह पहले क्लब हॉकी खेलते समय इंग्लैंड में तय समय से अधिक रुके थे।

भाषा सुधीर मोना

मोना


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